9 अक्टूबर 2026
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हटाने की मांग: विपक्ष के 10 सांसद राष्ट्रपति मुर्मू से मिले

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हटाने की मांग: विपक्ष के 10 सांसद राष्ट्रपति मुर्मू से मिले

सारांश

चार दिनों से जारी विरोध-प्रदर्शन अब राष्ट्रपति भवन तक पहुँच गया है — विपक्ष के 10 सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। करीब 300 सांसद सड़कों पर हैं, दिल्ली में सुरक्षा कड़ी है और 10 अक्टूबर को और प्रदर्शनों की घोषणा हो चुकी है।

मुख्य बातें

विपक्ष के 10 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने 9 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का ज्ञापन सौंपा।
यह विरोध-प्रदर्शन लगातार चौथे दिन जारी रहा; करीब 300 सांसद आंदोलन में शामिल बताए जा रहे हैं।
10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन की घोषणा के चलते इंडिया गेट , कनॉट प्लेस और लुटियंस जोन में सुरक्षा कड़ी की गई।
कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी सांसदों को आकाशवाणी भवन के बाहर ही रोक दिया गया।
सपा, कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के सभी घटक दलों ने मांग पर एकजुटता जताई; आंदोलन को और विस्तार देने की चेतावनी दी गई।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 9 अक्टूबर 2026 को भी अपना आंदोलन जारी रखा। विपक्षी दलों के 10 सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर अपनी चिंताएँ दर्ज कराईं। यह विरोध-प्रदर्शन लगातार चौथे दिन जारी रहा।

मुख्य घटनाक्रम

नई दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से भी प्रदर्शन की घोषणा के मद्देनजर इंडिया गेट, कनॉट प्लेस और लुटियंस जोन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं और विपक्ष को उम्मीद है कि राष्ट्रपति संविधान की रक्षा के लिए उचित कदम उठाएंगी।

विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने पुलिस तैनाती और बैरिकेडिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग जनप्रतिनिधियों से मिलने में संकोच कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब विपक्षी सांसद प्रदर्शन के लिए निकले, तो उन्हें आकाशवाणी भवन के बाहर ही रोक दिया गया। सैलजा के अनुसार, लोकतांत्रिक आवाजों को दबाया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दावा किया कि यह विरोध-प्रदर्शन रुकने वाला नहीं है, बल्कि आने वाले समय में और तेज होगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन आग की तरह फैल सकता है और विपक्ष अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेगा।

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि विपक्ष लोगों के मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल विपक्ष की राजनीतिक विचारधारा के समर्थकों के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों के अधिकारों के लिए भी है जो उनकी आलोचना करते हैं।

राष्ट्रपति भवन से न्याय की उम्मीद

कांग्रेस नेता वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि राष्ट्रपति सभी सांसदों की संरक्षक हैं। उनके अनुसार, करीब 300 सांसद लगातार चौथे दिन मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि मतदाताओं को उनके मतदान के अधिकार से वंचित किया जा रहा है और वोट चोरी से जुड़े गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

समाजवादी पार्टी के सांसद जिया-उर-रहमान बर्क ने कहा कि सभी विपक्षी दल इस मुद्दे पर एकजुट और प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि विपक्ष ने राष्ट्रपति से मिलने का समय माँगकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग रखी।

आम जनता पर असर और सुरक्षा व्यवस्था

सपा सांसद इकरा हसन ने सवाल किया कि जब कुछ हुआ ही नहीं, तो इतनी सेवाएँ बंद करने की क्या जरूरत है। कांग्रेस नेता दानिश अली ने कहा कि इंडिया गठबंधन की यह लड़ाई सड़कों से लेकर संसद तक और संसद से लेकर राष्ट्रपति भवन तक जारी रहेगी — जब तक ज्ञानेश कुमार को चुनाव आयोग से हटाया नहीं जाता। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन देखने को मिलेंगे।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर बहस तेज हो रही है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति को सौंपे जाने वाले ज्ञापन की विषय-वस्तु और उनकी प्रतिक्रिया इस आंदोलन की अगली दिशा तय कर सकती है। विपक्ष की एकजुटता और 10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शनों के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह चुनावी नतीजों से उपजी प्रतिक्रिया मात्र है — यह विपक्ष को स्पष्ट करना होगा। गौरतलब है कि भारी बैरिकेडिंग और सांसदों को रोकने की खबरें यदि सत्य हैं, तो यह संसदीय लोकतंत्र की परंपराओं के लिए चिंताजनक है। दोनों पक्षों की जवाबदेही — विपक्ष से दलीलों की पारदर्शिता और सरकार से असहमति की जगह देने की — इस संकट का असली पैमाना तय करेगी।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग क्यों कर रहा है?
विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाताओं को उनके मतदान के अधिकार से वंचित किया जा रहा है और वोट चोरी से जुड़े गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इंडिया गठबंधन के नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उनका भरोसा उठ गया है और इसीलिए वे मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से विपक्षी प्रतिनिधिमंडल ने क्या माँगा?
विपक्षी दलों के 10 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने 9 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि विपक्ष को उम्मीद है कि राष्ट्रपति संविधान की रक्षा के लिए उचित कदम उठाएंगी।
दिल्ली में इंडिया गेट और कनॉट प्लेस पर सुरक्षा क्यों कड़ी की गई?
10 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से प्रदर्शन की घोषणा के मद्देनजर दिल्ली के इंडिया गेट, कनॉट प्लेस और लुटियंस जोन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने पुलिस तैनाती और बैरिकेडिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी सांसदों को आकाशवाणी भवन के बाहर ही रोक दिया गया।
इस आंदोलन में कितने सांसद शामिल हैं और कौन से दल?
कांग्रेस नेता वर्षा गायकवाड़ के दावे के अनुसार करीब 300 सांसद लगातार चौथे दिन इस आंदोलन में शामिल रहे। कांग्रेस (INC), समाजवादी पार्टी (सपा) सहित इंडिया गठबंधन के विभिन्न घटक दलों ने एकजुटता जताई है।
यह विरोध-प्रदर्शन आगे कहाँ जाएगा?
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दावा किया है कि यह आंदोलन रुकने वाला नहीं, बल्कि और तेज होगा। कांग्रेस नेता दानिश अली के अनुसार लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक ज्ञानेश कुमार को चुनाव आयोग से नहीं हटाया जाता; 10 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में प्रदर्शनों की घोषणा की जा चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
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