राहुल गांधी का आरोप: कई चुनावों में वोट चोरी, ज्ञानेश कुमार को बचाना सरकार को पड़ेगा भारी
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि देश के अलग-अलग राज्यों की विधानसभाओं और लोकसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर वोटों की चोरी हुई है। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस इंडी गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट मार्च से ठीक पहले आयोजित की गई थी।
वोट चोरी के आरोप और विस्तृत प्रस्तुति का वादा
राहुल गांधी ने कहा कि उनकी टीम कथित चुनावी अनियमितताओं पर एक विस्तृत प्रस्तुति तैयार कर रही है, जिसे पूरा होने में दो से तीन महीने लग सकते हैं। उनके अनुसार, यह प्रस्तुति सार्वजनिक होने के बाद देशवासियों को चुनावों में हुई गड़बड़ियों की स्पष्ट तस्वीर मिलेगी। गौरतलब है कि विपक्ष चुनाव प्रक्रिया को लेकर पिछले 10 से 13 वर्षों से विरोध दर्ज करता आ रहा है, लेकिन राहुल गांधी के अनुसार अब यह आंदोलन ठोस आकार ले रहा है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
राहुल गांधी ने राजधानी दिल्ली में लगाई गई भारी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़कों पर करीब 20,000 से 30,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और प्रदर्शनकारियों को ट्रेनों तथा बसों से उतारकर दिल्ली पहुंचने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा, 'देश की राजधानी को किले में क्यों तब्दील कर दिया गया है, यह सवाल खुद-ब-खुद एक बड़ा राजनीतिक बयान बन जाता है।'
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जहाँ प्रदर्शनकारियों पर सख्ती बरती जा रही है, वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सदस्यों को स्वतंत्र रूप से आने-जाने की छूट दी जा रही है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और RSS से जुड़े कुछ लोग महिलाओं के साथ मारपीट कर रहे हैं।
मोदी और शाह पर सीधा हमला
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार जितना अधिक सीईसी को बचाने की कोशिश करेगी, विपक्ष के लिए जवाबदेही के सवाल उठाना उतना ही आसान होता जाएगा। उन्होंने सरकार की तरफ से एक ओर प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयोग के कुछ सदस्यों को रखा, और दूसरी तरफ पुलिस, आईटीबीपी, सीआरपीएफ तथा देश की जनता को।
राहुल गांधी ने दावा किया कि तैनात सुरक्षाकर्मियों में से करीब 50 प्रतिशत विपक्ष के आंदोलन को सही मानते हैं और इसे जारी रखने की बात कह रहे हैं। यह आरोप सत्यापन योग्य नहीं है और सरकार की ओर से इस पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका और सीजेआई का जवाब
राहुल गांधी ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और उन्होंने मिलकर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखकर चुनाव की निष्पक्षता को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सीजेआई ने जवाब देते हुए उन्हें याचिका दायर करने का निर्देश दिया है। इंडी गठबंधन के नेता साथ मिलकर सर्वोच्च न्यायालय में यह याचिका दायर करेंगे।
यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर विपक्ष का विरोध लगातार तेज हो रहा है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य इस मसले को न्यायिक प्रक्रिया के जरिए देश के सामने लाना है। उन्होंने कहा कि करोड़ों युवा लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करना चाहते हैं और यही इस आंदोलन की असली ताकत है।