मुख्य चुनाव आयुक्त विरोध पर BJP का पलटवार: राहुल गांधी पर 'सस्ती लोकप्रियता' का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध चलाए जा रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 9 अक्टूबर 2026 को तीखा पलटवार किया। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने एकजुट होकर आरोप लगाया कि यह विरोध लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा नहीं, बल्कि 'सस्ती लोकप्रियता' बटोरने का प्रयास है।
भाजपा नेताओं के आरोप
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कहा, 'राहुल गांधी अहंकारी हो गए हैं। उन्हें हमेशा से विशेषाधिकार और खास हक मिलते रहे हैं। यह लोकतंत्र की लड़ाई नहीं है, यह परिवारवाद की लड़ाई है। उन्हें लगता है कि वे देश के पहले नागरिक हैं और कानून, संविधान और अदालतें उन पर लागू नहीं होतीं।' उन्होंने आगे व्यंग्यपूर्वक कहा कि 24 अकबर रोड या इंदिरा भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय से एक अधिसूचना जारी होनी चाहिए जो 'घोषित करे कि राहुल गांधी कानून और संविधान से ऊपर हैं।'
गुरु प्रकाश ने जोर देते हुए कहा, 'देश प्रक्रियाओं और संवैधानिक मर्यादाओं से चलता है, न कि "हमारी मांगें पूरी करो" के सिद्धांत पर।'
बिहार और उत्तर प्रदेश के मंत्रियों की प्रतिक्रिया
बिहार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा, 'लोकतंत्र में हर चीज़ के लिए तय प्रक्रियाएँ होती हैं और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार को 2029 के लोकसभा चुनावों तक जनता का जनादेश मिला हुआ है। लेकिन राहुल गांधी सत्ता के लिए इतने बेताब हो गए हैं कि जनादेश का इंतजार करने के बजाय वे सड़कों पर राजनीतिक नाटक कर रहे हैं।'
उत्तर प्रदेश के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने सवाल उठाया, 'राहुल गांधी को जनता ने चुना है, इसलिए उनकी जिम्मेदारी संसद में जनता की आवाज उठाने की है। केवल सस्ती लोकप्रियता और चर्चा में बने रहने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त का नाम लिया जा रहा है। बाकी मुख्य चुनाव आयुक्त से कोई लेना देना नहीं है।'
अन्य नेताओं का पलटवार
भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने विरोध प्रदर्शन को 'पूरी तरह ड्रामा' करार देते हुए कहा कि राहुल गांधी 'लोकतंत्र पर हमला कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'उनकी लड़ाई नरेंद्र मोदी से नहीं, बल्कि लोकतंत्र से है। जिनके नाना आज़ादी के आंदोलन में लोकतंत्र के पक्ष में थे, आज वो लोकतंत्र के खिलाफ हो गए हैं।'
तिरुवनंतपुरम से भाजपा विधायक वी. मुरलीधरन ने कहा कि चुनाव परिणाम बताते हैं कि एनएसयूआई (NSUI) दिल्ली, हिमाचल प्रदेश या हरियाणा में नहीं जीती, और बंगाल व तमिलनाडु के नतीजे भी जनमत की वास्तविकता को दर्शाते हैं।
कांग्रेस का पक्ष
कांग्रेस नेता उदित राज ने विपक्ष के इस विरोध का बचाव करते हुए कहा, 'शायद ही कोई और उतना काम कर रहा होगा जितना राहुल गांधी इस समय कर रहे हैं। वे सामाजिक न्याय के चैंपियन और वोटों की रक्षा के लिए लड़ने वाले योद्धा हैं।' उन्होंने अखिलेश यादव समेत अन्य विपक्षी नेताओं की भूमिका की भी सराहना की और कहा कि 'यह लड़ाई देश के साथ हुए कथित धोखे के खिलाफ है।'
राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की स्थिति
गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति और चुनाव आयोग की स्वायत्तता को लेकर विपक्षी दलों में पहले से असंतोष रहा है। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब देश कई राज्यों में चुनावी तैयारियों के बीच है और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर बहस तेज़ हो रही है। आने वाले दिनों में यह टकराव संसद के शीतकालीन सत्र में भी गूँज सकता है।