2 अक्टूबर 2026
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CEC ज्ञानेश कुमार विरोध: BJP सांसद बोले— विपक्ष देश में दंगा फैलाना चाहता है, विपक्षी नेताओं ने किया पलटवार

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CEC ज्ञानेश कुमार विरोध: BJP सांसद बोले— विपक्ष देश में दंगा फैलाना चाहता है, विपक्षी नेताओं ने किया पलटवार

सारांश

गांधी जयंती पर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन ने सियासत गरमाई। BJP सांसद भोला सिंह ने विपक्ष पर दंगा भड़काने का आरोप लगाया, जबकि RJD, JMM, कांग्रेस और CPI ने SIR प्रक्रिया में लाखों वोटर नाम काटे जाने का हवाला देते हुए इस्तीफे की मांग तेज़ कर दी।

मुख्य बातें

2 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया।
BJP सांसद भोला सिंह ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।
RJD सांसद मनोज झा ने गांधी जयंती पर सरकार को आईना दिखाते हुए कहा— 'यह कुर्सी जाने का संकेत है।' JMM सांसद महुआ माजी ने SIR प्रक्रिया में लाखों-करोड़ों मतदाताओं के नाम काटे जाने की आलोचना की।
कांग्रेस सांसद जय प्रकाश ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की हत्या की।
संतोष ने चेतावनी दी कि इस्तीफे के बिना विरोध और तेज़ होता रहेगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर 2 अक्टूबर 2026 को राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई, जब सत्तापक्ष और विपक्षी दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगाए। गांधी जयंती के दिन आयोजित इस प्रदर्शन ने राजधानी में सियासी माहौल गरमा दिया।

भाजपा का पलटवार

भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद भोला सिंह ने विरोध प्रदर्शन को देश में अराजकता फैलाने की कोशिश करार दिया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस और विपक्षी पार्टियां देश में अराजकता फैलाना चाहती हैं। वे लगातार किसी न किसी मुद्दे पर सरकार और चुनाव आयोग पर आरोप लगाती रहती हैं, लेकिन विकास के मामले में सरकार से चर्चा करने के लिए उनके पास कोई मुद्दा नहीं है।'

सिंह ने आगे कहा, 'अगर उन्हें लगता है कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष चुनाव नहीं कराए, तो उन्हें कांग्रेस-शासित राज्यों में अपनी सरकारें भंग कर देनी चाहिए और फिर से चुनाव कराने चाहिए। क्या राहुल गांधी निष्पक्ष तरीके से चुनाव नहीं जीते? अगर उन्हें शक है कि वोटों में हेरफेर हुई थी, तो राहुल गांधी को एक बार इस्तीफा दे देना चाहिए।'

विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने गांधी जयंती का हवाला देते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'आज गांधी जयंती है — सरकार को आईना देखने का वक्त है कि गांधी जयंती के दिन गांधी से कितना दूर जाया जा रहा है। आपका डर इस बात को दिखाता है कि आज सारे रास्ते बंद कर दिए गए। यह कुर्सी जाने का संकेत है।'

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की सांसद महुआ माजी ने विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का मुद्दा उठाया। उनके अनुसार, 'एसआईआर को लेकर जिस तरह से इस देश में तमाशा हो रहा है, लाखों-करोड़ों लोगों के नाम काटे जा रहे हैं। ऐसे में जनता और छात्र मजबूरी में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। केंद्र सरकार को उनकी बात माननी चाहिए।'

कांग्रेस सांसद जय प्रकाश ने आरोप लगाया कि 'ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र की हत्या कर दी है। वह पूरे लोकतंत्र के संरक्षक थे, फिर भी देखिए कि हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल में क्या हुआ?'

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के सांसद पी. संतोष ने दावा किया कि दिल्ली की हर गली में विरोध का माहौल है। उन्होंने कहा, 'पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह विरोध और तेज़ होता जा रहा है। ज्ञानेश कुमार और उनके साथियों को यह सच्चाई समझनी चाहिए — इस्तीफे के बिना कोई समाधान नहीं निकलेगा।'

SIR विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि यह विरोध प्रदर्शन चुनाव आयोग की विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के विरोध में आयोजित हो रहा है, जिस पर विपक्षी दलों का आरोप है कि इसके ज़रिये बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश में कई राज्यों के चुनाव नतीजों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच पहले से ही तनातनी चल रही है।

आम जनता और लोकतंत्र पर असर

यदि मतदाता सूची से नामों की बड़े पैमाने पर कटौती की विपक्षी दावेदारी सही साबित होती है, तो यह लाखों नागरिकों के मतदान अधिकार को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है।

आगे क्या होगा

सीपीआई सांसद पी. संतोष के अनुसार, आने वाले दिनों में यह विरोध और व्यापक रूप लेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह घटनाक्रम चुनाव आयोग की स्वायत्तता और उसकी जवाबदेही के सवाल को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ला सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मतदाता सूची पुनरीक्षण में पारदर्शिता की माँग जायज़ है और इसे खारिज करना लोकतंत्र के लिए घातक हो सकता है। भाजपा का यह तर्क कि 'अगर चुनाव पक्षपाती थे तो कांग्रेस-शासित राज्यों में सरकारें भंग करो' — राजनीतिक रूप से तेज़ है, पर संस्थागत जवाबदेही से ध्यान भटकाने वाला भी है। असली प्रश्न यह है: क्या चुनाव आयोग SIR प्रक्रिया पर स्वतंत्र और सार्वजनिक सत्यापन की अनुमति देगा?
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहा है?
यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से चुनाव आयोग की विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ है, जिस पर विपक्षी दलों का आरोप है कि इसके तहत लाखों-करोड़ों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं। 2 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर यह प्रदर्शन आयोजित किया गया।
BJP सांसद भोला सिंह ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
BJP सांसद भोला सिंह ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल देश में अराजकता और भ्रम फैलाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि विपक्ष को चुनाव की निष्पक्षता पर शक है, तो राहुल गांधी को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
SIR प्रक्रिया क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
SIR यानी विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण वह प्रक्रिया है जिसके तहत चुनाव आयोग मतदाता सूची को अद्यतन करता है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस बार की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर वैध मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे उनके मताधिकार पर असर पड़ रहा है।
विपक्षी नेताओं ने ज्ञानेश कुमार से क्या माँग की है?
कांग्रेस सांसद जय प्रकाश, CPI सांसद पी. संतोष और JMM सांसद महुआ माजी सहित कई विपक्षी नेताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की है। CPI सांसद संतोष ने चेतावनी दी कि इस्तीफे के बिना विरोध प्रदर्शन और तेज़ होता रहेगा।
गांधी जयंती पर इस विरोध का क्या महत्व है?
RJD सांसद मनोज झा ने 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती को प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण बताया और सरकार पर गांधीवादी मूल्यों से दूर जाने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, गांधी जयंती के दिन विरोध के रास्ते बंद करना लोकतंत्र की भावना के विरुद्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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