CEC ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष के सवाल, BJP क्यों दे रही जवाब — कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन का तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि जब विपक्ष चुनाव आयोग से सवाल पूछ रहा है, तो जवाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) क्यों दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग (ECI) सरकार के इशारे पर काम कर रहा है और CEC को 'कठपुतली' करार दिया।
विपक्ष की तीन प्रमुख माँगें
रंजीत रंजन ने स्पष्ट किया कि विपक्ष की तीन केंद्रीय माँगें हैं — पहली, ज्ञानेश कुमार को तत्काल इस्तीफा देना होगा; दूसरी, विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) को रद्द किया जाए; और तीसरी, आगामी चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराए जाएँ। उन्होंने कहा कि इन्हीं माँगों को लेकर विपक्ष CEC से मिलना चाहता था, लेकिन मुलाकात से इनकार कर दिया गया।
उनके अनुसार, 'लोकतंत्र के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि विपक्ष ने चुनाव आयोग से समय माँगा हो और चुनाव आयोग ने मिलने से मना कर दिया हो।' यह बात उन्होंने बेहद गंभीर संकेत के रूप में रेखांकित की।
सुप्रीम कोर्ट और फॉर्म 6 विवाद का हवाला
रंजीत रंजन ने दावा किया कि चुनाव आयोग की कथित अनियमितताओं का सबसे बड़ा प्रमाण सर्वोच्च न्यायालय से ही मिला है। उनके अनुसार, एक न्यायाधीश ने स्वयं कहा कि फॉर्म 6 में जो स्वीकृति का उल्लेख किया गया, वह उनसे ली ही नहीं गई और उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं थी। उन्होंने कहा, 'इतनी अपीलें सामने आ रही हैं — इससे बड़ा सबूत और क्या चाहिए।'
गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में उठा है जब देश में चुनावी पारदर्शिता को लेकर बहस तेज हो चुकी है और सर्वोच्च न्यायालय में कई याचिकाएँ दायर हैं।
BJP और केंद्रीय मंत्री रिजिजू पर पलटवार
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी प्रदर्शन को 'नाटक' बताया था। इस पर रंजीत रंजन ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'हम सवाल ज्ञानेश कुमार से पूछ रहे हैं — क्या ज्ञानेश कुमार का जवाब देने के लिए आपने किरेन रिजिजू को नियुक्त किया है? ज्ञानेश कुमार खुद सामने क्यों नहीं आ रहे?'
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है, तो सत्तारूढ़ दल के नेता उसका पक्ष क्यों रख रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि यह स्थिति संस्थागत स्वायत्तता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
कांग्रेस का दो वर्ष पुराना अभियान
रंजीत रंजन ने याद दिलाया कि कांग्रेस और पूरा विपक्ष कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में लगभग दो वर्षों से प्रेजेंटेशन के माध्यम से वोट में गड़बड़ी के आरोप उठाता रहा है। उन्होंने कहा, 'हम आरोप लगा रहे हैं कि आप सरकार से मिले हुए हैं और आपकी गलतियों को हम उजागर कर रहे हैं।'
उनके अनुसार, सरकार का 'छुपा हुआ प्लान' यह है कि वोटर का मत जबरन छीनकर सत्ता में बने रहा जाए। उन्होंने कहा कि अगर CEC के पास बेईमानी न करने के सबूत हैं, तो उन्हें स्वयं सामने आना चाहिए।
आगे क्या होगा
विपक्ष ने संकेत दिया है कि यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। कांग्रेस और सहयोगी दलों ने CEC के इस्तीफे की माँग को अपनी प्राथमिकता बताया है। चुनाव आयोग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जो विपक्ष के अनुसार उनके आरोपों को और बल देती है।