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CEC ज्ञानेश कुमार विवाद: भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी का विपक्ष और CJP पर पलटवार

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CEC ज्ञानेश कुमार विवाद: भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी का विपक्ष और CJP पर पलटवार

सारांश

BJP प्रवक्ता यासिर जिलानी ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के नोटिस और CJP की 48 घंटे की चेतावनी को राजनीतिक शोरगुल करार दिया। साथ ही ED के आरोपों में सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया का नाम आने पर भी पलटवार किया — चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर बड़ी बहस के बीच।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता यासिर जिलानी ने 25 सितंबर 2026 को CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी नोटिस को राजनीतिक ध्यानभटकाव बताया।
CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग करते हुए 48 घंटे की चेतावनी और जंतर-मंतर पर आंदोलन की घोषणा की है।
जिलानी ने इंडिया ब्लॉक में आंतरिक मतभेदों और CJP की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।
मोहाली डेवलपमेंट अथॉरिटी ज़मीन नीलामी मामले में ED के आरोपों में सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया के नाम आने पर जिलानी ने जाँच प्रक्रिया का बचाव किया।
AAP कार्यकर्ताओं के ED विरोध-प्रदर्शन पर जिलानी ने कहा — 'एजेंसी किसी सरकार के निर्देश पर नहीं, साक्ष्य के आधार पर काम करती है।'

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता यासिर जिलानी ने 25 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की ओर से प्रस्तावित नोटिस और सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) की 48 घंटे की चेतावनी को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। जिलानी ने कहा कि विपक्ष असली जन-मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए हर दिन नया विवाद खड़ा कर रहा है।

विपक्ष पर जिलानी का सीधा हमला

जिलानी ने कहा कि इंडिया ब्लॉक के भीतर ही गहरे मतभेद हैं और यह गठबंधन एकजुट नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि मुख्य चुनाव आयुक्त पर आरोप लगाने से पहले विपक्षी दलों को पूर्व CEC के कार्यकाल पर भी नज़र डालनी चाहिए। जिलानी के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस और वीडियो के ज़रिए उठाए जा रहे मुद्दे जनता के वास्तविक सरोकारों से कोसों दूर हैं। उन्होंने कहा, 'विपक्ष की ओर से हर दिन नया मुद्दा उठाकर सनसनी फैलाने की कोशिश की जा रही है।'

CJP की 48 घंटे की चेतावनी पर सवाल

CJP द्वारा CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग और जंतर-मंतर पर आंदोलन की घोषणा पर जिलानी ने संगठन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान, महाराष्ट्र और बिहार में CJP की सक्रियता के बावजूद संगठन को कोई उल्लेखनीय सफलता नहीं मिली। जिलानी के मुताबिक, संगठन अब एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त का नाम लेकर नया अभियान खड़ा करना चाहता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संगठन के कुछ नेताओं के बीच आंतरिक मतभेद हैं और उनका असली उद्देश्य स्पष्ट नहीं है।

ED कार्रवाई और AAP नेताओं पर प्रतिक्रिया

मोहाली डेवलपमेंट अथॉरिटी की ज़मीन नीलामी में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के आरोपों में सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया के नाम आने पर जिलानी ने कहा कि जाँच एजेंसियाँ साक्ष्य के आधार पर काम करती हैं, किसी सरकार के निर्देश पर नहीं। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं पर पहले भी भ्रष्टाचार से जुड़े मामले रहे हैं। जिलानी ने यह भी पूछा कि मनीष सिसोदिया पहले यह स्पष्ट करें कि चंडीगढ़ में कथित रूप से बड़ा घर किसका है।

आम आदमी पार्टी का प्रतिरोध और BJP का जवाब

आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं द्वारा ED की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किए जाने पर जिलानी ने कहा कि यदि कोई अपराध हुआ है तो जाँच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होगी। उन्होंने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बयानों को तब तक अप्रासंगिक करार दिया जब तक वे ठोस जवाब नहीं देते। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब चुनाव आयोग की स्वायत्तता को लेकर विपक्षी दलों और नागरिक समाज संगठनों में तनाव बढ़ रहा है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की राह

गौरतलब है कि CEC ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति और उनकी कार्यशैली को लेकर विपक्षी दल पहले भी आपत्तियाँ जता चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब आगामी राज्य चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। BJP और विपक्ष के बीच यह टकराव चुनाव आयोग की संस्थागत विश्वसनीयता की बड़ी बहस का हिस्सा बनता जा रहा है, जिस पर अगले कुछ सप्ताहों में और तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसे 'विपक्ष का शोरगुल' कहकर खारिज करना कितना उचित है। CJP की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना अलग है, लेकिन इससे संस्था की पारदर्शिता पर उठे सवालों के जवाब नहीं मिलते। ED की कार्रवाई को 'स्वायत्त' बताना भी उस समय कमज़ोर लगता है जब विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की समय-सारणी बार-बार राजनीतिक चक्रों से मेल खाती दिखती है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्तावित नोटिस क्या है?
विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नोटिस देने की तैयारी में हैं, जिसे BJP ने राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है। भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने कहा कि इंडिया ब्लॉक के भीतर ही एकजुटता नहीं है।
CJP की 48 घंटे की चेतावनी किस बारे में है?
सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर 48 घंटे की चेतावनी दी है और जंतर-मंतर पर आंदोलन की घोषणा की है। BJP ने इस पर सवाल उठाते हुए CJP की राजस्थान, महाराष्ट्र और बिहार में विफलता का हवाला दिया।
मोहाली डेवलपमेंट अथॉरिटी ज़मीन मामले में ED की कार्रवाई क्या है?
ED ने मोहाली डेवलपमेंट अथॉरिटी की ज़मीन नीलामी में कथित अनियमितताओं की जाँच में AAP नेताओं सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया के नाम जोड़े हैं। यासिर जिलानी ने कहा कि एजेंसियाँ साक्ष्य के आधार पर काम कर रही हैं और जाँच प्रक्रिया जारी रहेगी।
AAP ने ED कार्रवाई का विरोध क्यों किया?
AAP कार्यकर्ताओं ने ED की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए प्रदर्शन किए हैं। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने भी ED की कार्रवाई पर सवाल उठाए, जिस पर जिलानी ने जवाब माँगा कि सिसोदिया पहले चंडीगढ़ के कथित महलनुमा घर को लेकर स्पष्टीकरण दें।
इस पूरे विवाद का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह विवाद चुनाव आयोग की संस्थागत स्वायत्तता और जवाबदेही पर चल रही व्यापक बहस का हिस्सा है। आगामी राज्य चुनावों के माहौल में यह टकराव और गहरा हो सकता है, और BJP तथा विपक्ष के बीच यह नोकझोंक अगले हफ्तों में और तेज़ होने की आशंका है।
राष्ट्र प्रेस
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