ज्ञानेश कुमार पर विपक्षी नोटिस के जवाब में BJP का पलटवार, यासिर जिलानी ने INDIA ब्लॉक की एकजुटता पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता यासिर जिलानी ने 25 सितंबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की ओर से प्रस्तावित नोटिस और सिटीजंस फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) की 48 घंटे की चेतावनी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष हर दिन नए मुद्दे उठाकर केवल सनसनी फैलाने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस राजनीतिक कोलाहल में आम जनता के वास्तविक सरोकार पीछे छूट जाते हैं। नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए जिलानी ने एक साथ कई मोर्चों पर विपक्ष को घेरा।
ज्ञानेश कुमार और INDIA ब्लॉक पर BJP का रुख
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित नोटिस पर जिलानी ने कहा कि INDIA ब्लॉक के भीतर ही गहरे मतभेद हैं और यह गठबंधन एकजुट नहीं है। उनके अनुसार, विपक्ष को CEC पर सवाल उठाने से पहले अपना इतिहास देखना चाहिए। जिलानी ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों के कार्यकाल का संदर्भ देते हुए कहा कि चर्चा का स्वागत है, लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस और वीडियो के ज़रिए हर दिन नए मुद्दे उछालकर माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
जिलानी ने दावा किया कि जनता को यह स्पष्ट दिखता है कि मौजूदा सरकार उनके लिए बेहतर काम कर रही है, इसीलिए CEC समेत अन्य मुद्दे जनमानस में कोई प्रभाव नहीं छोड़ पा रहे।
CJP की 48 घंटे की चेतावनी पर प्रतिक्रिया
CEC के इस्तीफे की माँग को लेकर CJP द्वारा दी गई 48 घंटे की चेतावनी और जंतर-मंतर पर आंदोलन की घोषणा पर जिलानी ने संगठन की विश्वसनीयता पर सीधे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान, महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में अपनी सक्रियता दिखाने की कोशिश के बावजूद CJP को कोई उल्लेखनीय सफलता नहीं मिली। इसीलिए, उनके अनुसार, संगठन एक बार फिर CEC के नाम पर अभियान खड़ा करना चाह रहा है।
जिलानी ने यह भी कहा कि CJP के कुछ नेताओं के बीच आपसी मतभेद की ख़बरें सामने आ रही हैं और संगठन को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसका वास्तविक उद्देश्य क्या है — क्या वह लोगों में भ्रम फैलाना और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ना चाहता है, या उसके पास कोई ठोस एजेंडा है।
मोहाली ज़मीन मामले में ईडी की कार्रवाई पर BJP का बचाव
मोहाली डेवलपमेंट अथॉरिटी की ज़मीन नीलामी में कथित अनियमितता के संदर्भ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया के नाम लिए जाने पर जिलानी ने कहा कि जाँच एजेंसियाँ अपना काम स्वतंत्र रूप से करती हैं। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं पर पहले भी भ्रष्टाचार से जुड़े मामले रहे हैं और उन्हें जेल जाना पड़ा है। यह उल्लेखनीय है कि सभी आरोप अभी कथित हैं और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
जिलानी ने आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा ED की कार्रवाई के विरोध को खारिज करते हुए कहा कि एजेंसी किसी सरकार के निर्देश पर नहीं, बल्कि साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई करती है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बयानों को उस समय तक अप्रासंगिक बताया जब तक सिसोदिया यह स्पष्ट नहीं करते कि चंडीगढ़ में कथित रूप से स्थित बड़ा आलीशान घर किसका है।
विपक्ष का पक्ष और व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल चुनाव आयोग की स्वायत्तता और पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। INDIA ब्लॉक के नेताओं का तर्क है कि CEC की नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार की ज़रूरत है, हालाँकि सरकार इसे संस्थाओं को कमज़ोर करने की कोशिश बताती रही है। आलोचकों का कहना है कि BJP का यह पलटवार मूल सवालों का जवाब देने की बजाय ध्यान भटकाने की राजनीति है।
आने वाले दिनों में जंतर-मंतर प्रदर्शन और विपक्षी नोटिस की प्रक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि INDIA ब्लॉक इस मुद्दे को कितनी एकजुटता से आगे ले जा पाता है।