सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पटना आंदोलन पर मनोज झा: 'लोकतंत्र खतरे में, प्रदर्शन अब निरंतर जारी रहेंगे'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने 8 अक्टूबर 2026 को पटना में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध विपक्षी प्रदर्शन पर खुलकर अपना पक्ष रखा। झा ने कहा कि यह आंदोलन अब एकबारगी नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाला अभियान बन चुका है, क्योंकि उनके अनुसार लोकतंत्र के लिए यह 'बेहद मुश्किल समय' है।
मुख्य बयान और आरोप
मनोज झा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'यह प्रदर्शन अब निरंतरता में होंगे, क्योंकि लोकतंत्र के लिए यह बेहद मुश्किल समय है। इनकी (सीईसी ज्ञानेश कुमार) सदारत में कोई भी चुनाव निष्पक्ष नहीं होगा। यह साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर स्पष्ट हो चुका है।' उन्होंने यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने 'फॉर्म-6' पर स्पष्ट टिप्पणी की है, जिसके बाद CEC के पास कोई सफाई शेष नहीं रह जाती।
शिवराज सिंह चौहान के बयान पर पलटवार
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने INDIA गठबंधन को लेकर कहा था कि 'वोट चोरी नहीं हुई, इनकी बुद्धि चोरी हो गई है।' इस पर मनोज झा ने तीखा जवाब देते हुए कहा, 'अगर शिवराज सिंह चौहान ने वह इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट नहीं पढ़ी है, तो उन्हें वह पढ़नी चाहिए। यह विपक्ष के दिमाग में नहीं उपजा था — मीडिया और अन्य संस्थाओं ने मेहनत करके रिपोर्ट दी; उनकी अक्ल चोरी नहीं हुई।' झा ने आगे व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि 'ट्रांसमोगरिफिकेशन का इतना अद्भुत उदाहरण कम देखा है' — इशारा चौहान की मुख्यमंत्री से केंद्रीय मंत्री तक की भूमिका-बदली की ओर था।
खड़गे के लंच और विपक्षी एकजुटता
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से विपक्षी सांसदों के लिए एक बार फिर लंच आयोजित किए जाने पर झा ने कहा कि 'इस एकजुटता के मायने आने वाले दिनों में क्या निकलते हैं, यह देखने वाली बात होगी।' गौरतलब है कि पिछले ऐसे आयोजन में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITMC) और समाजवादी पार्टी (SP) के सांसदों की कथित अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठे थे।
AITMC सांसदों की उपस्थिति पर सफाई
इस पर मनोज झा ने कहा, 'यह अच्छा है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) इन खबरों को प्लांट करा रही है — यह उसी के लिए नुकसानदेह होगा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि AITMC के सांसद उस कार्यक्रम में मौजूद थे और पहले से दिल्ली में थे तथा विपक्षी प्रतिनिधियों के साथ बस में भी सफर किया। झा ने यह भी जोड़ा कि यह कार्यक्रम 'आनन-फानन में तय हुआ था', जिससे कुछ भ्रम उत्पन्न हुआ।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब INDIA गठबंधन की आंतरिक एकता को लेकर तरह-तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। RJD के इस आक्रामक रुख से स्पष्ट है कि विपक्ष CEC के मुद्दे को आगामी चुनावी मौसम में केंद्रीय राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में प्रदर्शनों की दिशा और गठबंधन की एकजुटता दोनों पर नज़र रहेगी।