8 अक्टूबर 2026
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सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पटना आंदोलन पर मनोज झा: 'लोकतंत्र खतरे में, प्रदर्शन अब निरंतर जारी रहेंगे'

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सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पटना आंदोलन पर मनोज झा: 'लोकतंत्र खतरे में, प्रदर्शन अब निरंतर जारी रहेंगे'

सारांश

RJD सांसद मनोज झा ने पटना में CEC ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध विपक्षी प्रदर्शन को 'लोकतंत्र की लड़ाई' करार दिया और ऐलान किया कि अब यह आंदोलन निरंतर चलेगा। शिवराज सिंह चौहान के तंज पर पलटवार और AITMC की उपस्थिति पर सफाई के बीच विपक्षी एकजुटता का परीक्षण जारी है।

मुख्य बातें

RJD सांसद मनोज झा ने 8 अक्टूबर 2026 को कहा कि CEC ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में कोई भी चुनाव निष्पक्ष नहीं होगा।
झा ने घोषणा की कि पटना में विपक्षी प्रदर्शन अब 'निरंतरता में' जारी रहेंगे।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के 'बुद्धि चोरी' वाले बयान पर झा ने इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट पढ़ने की नसीहत दी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के विपक्षी लंच पर झा ने कहा — एकजुटता के मायने 'आने वाले दिनों में स्पष्ट होंगे।' AITMC सांसदों की अनुपस्थिति संबंधी खबरों को झा ने BJP द्वारा 'प्लांट' करवाई गई बताया।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने 8 अक्टूबर 2026 को पटना में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध विपक्षी प्रदर्शन पर खुलकर अपना पक्ष रखा। झा ने कहा कि यह आंदोलन अब एकबारगी नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाला अभियान बन चुका है, क्योंकि उनके अनुसार लोकतंत्र के लिए यह 'बेहद मुश्किल समय' है।

मुख्य बयान और आरोप

मनोज झा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'यह प्रदर्शन अब निरंतरता में होंगे, क्योंकि लोकतंत्र के लिए यह बेहद मुश्किल समय है। इनकी (सीईसी ज्ञानेश कुमार) सदारत में कोई भी चुनाव निष्पक्ष नहीं होगा। यह साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर स्पष्ट हो चुका है।' उन्होंने यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने 'फॉर्म-6' पर स्पष्ट टिप्पणी की है, जिसके बाद CEC के पास कोई सफाई शेष नहीं रह जाती।

शिवराज सिंह चौहान के बयान पर पलटवार

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने INDIA गठबंधन को लेकर कहा था कि 'वोट चोरी नहीं हुई, इनकी बुद्धि चोरी हो गई है।' इस पर मनोज झा ने तीखा जवाब देते हुए कहा, 'अगर शिवराज सिंह चौहान ने वह इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट नहीं पढ़ी है, तो उन्हें वह पढ़नी चाहिए। यह विपक्ष के दिमाग में नहीं उपजा था — मीडिया और अन्य संस्थाओं ने मेहनत करके रिपोर्ट दी; उनकी अक्ल चोरी नहीं हुई।' झा ने आगे व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि 'ट्रांसमोगरिफिकेशन का इतना अद्भुत उदाहरण कम देखा है' — इशारा चौहान की मुख्यमंत्री से केंद्रीय मंत्री तक की भूमिका-बदली की ओर था।

खड़गे के लंच और विपक्षी एकजुटता

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से विपक्षी सांसदों के लिए एक बार फिर लंच आयोजित किए जाने पर झा ने कहा कि 'इस एकजुटता के मायने आने वाले दिनों में क्या निकलते हैं, यह देखने वाली बात होगी।' गौरतलब है कि पिछले ऐसे आयोजन में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITMC) और समाजवादी पार्टी (SP) के सांसदों की कथित अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठे थे।

AITMC सांसदों की उपस्थिति पर सफाई

इस पर मनोज झा ने कहा, 'यह अच्छा है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) इन खबरों को प्लांट करा रही है — यह उसी के लिए नुकसानदेह होगा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि AITMC के सांसद उस कार्यक्रम में मौजूद थे और पहले से दिल्ली में थे तथा विपक्षी प्रतिनिधियों के साथ बस में भी सफर किया। झा ने यह भी जोड़ा कि यह कार्यक्रम 'आनन-फानन में तय हुआ था', जिससे कुछ भ्रम उत्पन्न हुआ।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब INDIA गठबंधन की आंतरिक एकता को लेकर तरह-तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। RJD के इस आक्रामक रुख से स्पष्ट है कि विपक्ष CEC के मुद्दे को आगामी चुनावी मौसम में केंद्रीय राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में प्रदर्शनों की दिशा और गठबंधन की एकजुटता दोनों पर नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि INDIA गठबंधन की रणनीति की झलक है — CEC के मुद्दे को एक दीर्घकालिक राजनीतिक आख्यान में बदलना। लेकिन विरोधाभास यह है कि जिस 'निरंतरता' की बात झा कर रहे हैं, उसी गठबंधन के भीतर AITMC और SP की उपस्थिति पर सफाई देनी पड़ रही है। सर्वोच्च न्यायालय के 'फॉर्म-6' संदर्भ का उल्लेख किए बिना उसे ढाल बनाना — और शिवराज के बयान पर अंग्रेज़ी के तकनीकी शब्द 'ट्रांसमोगरिफिकेशन' का प्रयोग — यह दर्शाता है कि विपक्ष का लहजा आक्रामक है, लेकिन ज़मीनी संगठन की बजाय मीडिया-डिबेट पर केंद्रित है। असली सवाल यह है कि क्या यह आंदोलन मतदाताओं तक पहुँचेगा, या सिर्फ संसदीय गलियारों और प्रेस-बाइट तक सीमित रह जाएगा।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनोज झा ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन पर क्या कहा?
RJD सांसद मनोज झा ने कहा कि CEC ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में कोई भी चुनाव निष्पक्ष नहीं होगा और विपक्षी प्रदर्शन अब निरंतर जारी रहेंगे। उन्होंने साक्ष्यों और सर्वोच्च न्यायालय के 'फॉर्म-6' संदर्भ का हवाला दिया।
शिवराज सिंह चौहान के 'बुद्धि चोरी' वाले बयान पर मनोज झा ने क्या जवाब दिया?
मनोज झा ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान को वह इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट पढ़नी चाहिए जो मीडिया और अन्य संस्थाओं ने तैयार की है। उन्होंने कहा कि यह विपक्ष का आविष्कार नहीं, बल्कि दस्तावेज़ी साक्ष्यों पर आधारित है।
INDIA गठबंधन में AITMC की अनुपस्थिति पर झा ने क्या कहा?
मनोज झा ने AITMC सांसदों की अनुपस्थिति वाली खबरों को BJP द्वारा 'प्लांट' करवाई गई बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि AITMC सांसद कार्यक्रम में मौजूद थे और विपक्षी बस में भी उनके साथ थे।
मल्लिकार्जुन खड़गे के विपक्षी लंच पर मनोज झा की क्या राय है?
झा ने कहा कि इस एकजुटता के मायने आने वाले दिनों में स्पष्ट होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि यह कार्यक्रम 'आनन-फानन में तय हुआ था', जिससे कुछ भ्रम की स्थिति बनी।
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पटना में प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?
विपक्षी दलों का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है। साक्ष्यों और इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टों का हवाला देते हुए INDIA गठबंधन ने इसे लोकतंत्र पर खतरे के रूप में प्रस्तुत किया है।
राष्ट्र प्रेस
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