30 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP का विरोध प्रदर्शन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP का विरोध प्रदर्शन

सारांश

गांधी जयंती पर मुंबई के शिवाजी पार्क में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP का विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित है। पुलिस अनुमति देने से इनकार और स्थानीय निवासियों के विरोध के बावजूद संगठन पीछे हटने को तैयार नहीं — यह टकराव चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर बड़ी बहस का संकेत है।

मुख्य बातें

सीजेपी ने 2 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता सिद्धांत भारद्वाज ने कहा — प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते।
मुंबई कोऑर्डिनेटर प्रणय अहीरे ने BMC और पुलिस को सूचित किया, पर अनुमति अब तक नहीं मिली।
शिवाजी पार्क के स्थानीय निवासियों ने सीजेपी सदस्यों का विरोध किया और उन्हें वहाँ से जाने को कहा।
संगठन ने किसी राजनीतिक दल को औपचारिक निमंत्रण नहीं दिया; आम नागरिकों से भागीदारी की अपील की गई है।

सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) ने 2 अक्टूबर 2026 को मुंबई के शिवाजी पार्क में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। हालांकि, पुलिस की ओर से अनुमति न मिलने और स्थानीय निवासियों के विरोध के बावजूद संगठन ने प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प लिया है।

प्रदर्शन की घोषणा और कारण

सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सिद्धांत भारद्वाज ने कहा, 'पूरे देश को पता है कि यह विरोध प्रदर्शन क्यों और किन वजहों से हो रहा है। सत्ता में बैठे लोगों ने ईसीआई पर कब्जा कर लिया है और ईसीआई इस देश में लोकतंत्र को खत्म कर रहा है। इसलिए हम ऐसे लोगों के खिलाफ खड़े हैं, जो लोकतंत्र के खिलाफ हैं।' भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि 2 अक्टूबर को शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में यह प्रदर्शन होगा और देशभर से लोगों को आमंत्रित किया गया है।

भारद्वाज ने यह भी कहा कि यदि सरकार प्रदर्शनकारियों को जेल में डालने की कोशिश करती है, तब भी संगठन पीछे नहीं हटेगा। उनके अनुसार, यह प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते।

राजनीतिक दलों को निमंत्रण नहीं, आम जनता का आह्वान

सीजेपी ने स्पष्ट किया है कि इस प्रदर्शन में किसी विशेष राजनीतिक दल या नेता को औपचारिक रूप से आमंत्रित नहीं किया गया है। भारद्वाज ने कहा कि जो भी नेता या राजनीतिक दल प्रदर्शन में शामिल होना चाहते हैं, वे स्वेच्छा से आ सकते हैं। संगठन का जोर आम नागरिकों की भागीदारी पर है।

पुलिस अनुमति और मुंबई कोऑर्डिनेटर का रुख

सीजेपी के मुंबई कोऑर्डिनेटर प्रणय अहीरे ने कहा कि संगठन ने पुलिस और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को प्रदर्शन की जानकारी दी है। उन्होंने कहा, 'हम लोगों का प्रदर्शन जारी रहेगा। चाहे पुलिस कुछ भी कर ले, हम लोग पीछे हटने वाले नहीं हैं।' अहीरे ने पुलिस प्रशासन से सवाल किया कि राजनीतिक दलों को प्रदर्शन की अनुमति किस आधार पर दी जाती है, जबकि सीजेपी को यही अनुमति नहीं दी जा रही।

रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस की ओर से अब तक प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है। अहीरे ने कहा कि अनुमति मिले या न मिले, संगठन अपना विरोध अवश्य करेगा।

स्थानीय निवासियों का विरोध

शिवाजी पार्क के स्थानीय निवासियों ने सीजेपी सदस्यों के कार्यक्रम का विरोध किया। बताया जाता है कि स्थानीय लोगों ने संगठन के सदस्यों को वहाँ से जाने के लिए कहा और उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया। गौरतलब है कि शिवाजी पार्क राजनीतिक रूप से संवेदनशील स्थल माना जाता है और यहाँ अतीत में भी बड़े आयोजनों पर विवाद होते रहे हैं।

आगे क्या होगा

फिलहाल, 2 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित इस प्रदर्शन का भविष्य पुलिस के रुख और स्थानीय प्रशासन के फैसले पर निर्भर है। सीजेपी के बयानों से स्पष्ट है कि संगठन किसी भी परिस्थिति में प्रदर्शन से पीछे हटने को तैयार नहीं है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि गांधी जयंती जैसे राष्ट्रीय पर्व पर इस विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया किस रूप में सामने आती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पुलिस अनुमति की अनदेखी कर प्रदर्शन की घोषणा कानूनी और नैतिक दोनों तरह के सवाल खड़े करती है। शिवाजी पार्क में स्थानीय निवासियों का विरोध बताता है कि नागरिक समाज के भीतर भी इस आंदोलन को लेकर एकराय नहीं है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है, वह यह है कि इस विवाद की जड़ असल में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर पारदर्शिता की माँग है — जिस पर व्यापक संवाद अभी भी अधूरा है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CJP का 2 अक्टूबर का प्रदर्शन किसके खिलाफ और क्यों है?
यह प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है। सीजेपी का आरोप है कि सत्ता में बैठे लोगों ने चुनाव आयोग पर कब्जा कर लिया है और लोकतंत्र को कमज़ोर किया जा रहा है।
शिवाजी पार्क प्रदर्शन के लिए पुलिस अनुमति क्यों नहीं दी गई?
रिपोर्टों के अनुसार मुंबई पुलिस ने अब तक सीजेपी को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। संगठन के मुंबई कोऑर्डिनेटर प्रणय अहीरे ने सवाल उठाया है कि राजनीतिक दलों को अनुमति मिलती है, तो सीजेपी को क्यों नहीं।
CJP यानी Citizens for Justice and Peace क्या है?
सीजेपी एक नागरिक अधिकार संगठन है जो नागरिक स्वतंत्रता, संवैधानिक अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए काम करता है। यह संगठन देश के कई हिस्सों में सक्रिय है और राजनीतिक तटस्थता का दावा करता है।
स्थानीय निवासियों ने शिवाजी पार्क प्रदर्शन का विरोध क्यों किया?
रिपोर्टों के अनुसार शिवाजी पार्क के स्थानीय निवासियों ने सीजेपी सदस्यों को वहाँ से जाने को कहा और उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया। निवासियों के विरोध का विशेष कारण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है।
CJP का प्रदर्शन कब तक जारी रहेगा?
सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सिद्धांत भारद्वाज के अनुसार, यह प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते। संगठन ने किसी भी दबाव में पीछे न हटने का संकल्प लिया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 40 मिनट पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 3 दिन पहले
  4. 3 दिन पहले
  5. 4 दिन पहले
  6. 4 दिन पहले
  7. 4 दिन पहले
  8. 5 दिन पहले