सीईसी ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए सरकार ने पूरा तंत्र झोंका: सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके
सारांश
मुख्य बातें
सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शनों पर की गई पुलिस कार्रवाई का एकमात्र उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को सुरक्षित रखना था। दिपके के अनुसार, इस मकसद के लिए सरकार ने अपना पूरा प्रशासनिक और सुरक्षा तंत्र लगा दिया।
मुख्य आरोप: एक व्यक्ति के लिए पूरा तंत्र
दिपके ने कहा, 'जब से चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों को लेकर मीडिया रिपोर्ट छपी है, तब से सरकार अपने पूरे तंत्र और मशीनरी का इस्तेमाल ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए कर रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ दिनों में छात्र संगठनों और युवाओं को 'सिर्फ एक व्यक्ति को बचाने के लिए सड़कों पर घसीटा जा रहा है।'
दिपके के अनुसार, इस कार्रवाई में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूर्व मुख्यमंत्रियों ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और पिनाराई विजयन तक को हिरासत में लिया गया। यह आरोप राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत गंभीर है, क्योंकि इनमें कई प्रमुख विपक्षी नेता शामिल हैं।
10 अक्टूबर की कार्रवाई का ब्यौरा
दिपके ने दावा किया कि 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शनों के दौरान रेलवे सेवाएँ बंद कर दी गईं, दिल्ली मेट्रो और मेट्रो स्टेशन बंद किए गए, और कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर से सुरक्षा बल बुलाए गए। उन्होंने कहा, 'शायद देश में यह पहली बार था जब रेलवे को बंद कर दिया गया और यह भी सिर्फ ज्ञानेश कुमार के लिए।'
गौरतलब है कि सीजेपी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में रखा गया है। दिपके ने आरोप लगाया कि 'तिरंगा फहराने को भी कानून का उल्लंघन बता दिया गया।'
लोकतंत्र पर तीखा सवाल
दिपके ने कहा, 'एक देश, एक चुनाव तो बस एक नारा है, असल मकसद एक देश, एक पार्टी है।' उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि अगर छात्र नेताओं, कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं को इस तरह हिरासत में रखना है, तो आधिकारिक रूप से आपातकाल घोषित कर दिया जाए।
उन्होंने सीईसी की भूमिका पर प्रश्न उठाते हुए कहा, 'सरकार के लिए ज्ञानेश कुमार इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं? अगर वह भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) को चुनाव जीतने में मदद नहीं कर रहे हैं, तो उन्हें इतनी सुरक्षा क्यों दे रहे हैं?'
तिरंगा सभा की अपील
दिपके ने 16 अक्टूबर को नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में शाम 5 बजे 'तिरंगा सभा' आयोजित करने की घोषणा की। यह सभा सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध में तिरंगा लहराने के लिए रखी गई है।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, नागरिक समाज, मजदूर और किसान यूनियनों से राजनीतिक मतभेद भुलाकर इस सभा में शामिल होने का आग्रह किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित प्रमुख चेहरे
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, जेएनयूएसयू की पूर्व अध्यक्ष आइशी घोष, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और अभिनेता प्रकाश राज भी उपस्थित थे। इन सभी ने सभा को संबोधित किया, जो इस आंदोलन को व्यापक राजनीतिक और नागरिक समाज का समर्थन मिलने का संकेत देता है।
आने वाले दिनों में यह राजनीतिक टकराव और तेज होने की आशंका है, विशेष रूप से 16 अक्टूबर की तिरंगा सभा से पहले।