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सीजेपी प्रदर्शन: दिल्ली में करीब 1,000 लोग हिरासत में, केजरीवाल-ममता भी गिरफ्तार

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सीजेपी प्रदर्शन: दिल्ली में करीब 1,000 लोग हिरासत में, केजरीवाल-ममता भी गिरफ्तार

सारांश

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर दिल्ली में सीजेपी का बड़ा प्रदर्शन पुलिस कार्रवाई की चपेट में आ गया। करीब 1,000 लोग हिरासत में, अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी और ध्रुव राठी भी गिरफ्तार। 45 मेट्रो स्टेशन बंद, कई ट्रेनें रद्द।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर 2026 को सीजेपी के प्रदर्शन के सिलसिले में राजधानी भर में करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लिया।
AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल , पार्टी नेता गोपाल राय और TMC प्रमुख ममता बनर्जी भी हिरासत में लिए गए।
सीजेपी नेता अभिजीत दिपके , सौरव दास और आशुतोष रंका को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान के अंदर से हिरासत में लिया गया।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को गुरुग्राम के आवास से सुबह करीब आठ बजे हिरासत में लिया गया।
DMRC ने 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए; भारतीय रेलवे ने कई ट्रेनें रद्द कीं।
प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के एसआईआर में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग कर रहे थे।

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2026 — मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी के अलग-अलग इलाकों से करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी गई थी, जबकि प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जंतर-मंतर तक मार्च निकालने के इरादे से राजधानी में जमा हो रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

सीजेपी के नेता अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रंका को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान के उतरते ही हिरासत में ले लिया गया। पुलिसकर्मी विमान के अंदर दाखिल हुए और तीनों को एहतियातन हिरासत में लिया। दिपके ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया जिसमें पुलिसकर्मी विमान के अंदर प्रवेश करते दिखाई दे रहे हैं; वीडियो में दिपके पुलिसकर्मियों से कहते सुनाई देते हैं, 'मैं यहां गिरफ्तार होने के लिए आया हूं, मुझे गिरफ्तार कीजिए।'

इसी कड़ी में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिए जाने की सूचना भी सामने आई। सीजेपी के आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, सुबह करीब आठ बजे सादे कपड़ों में लगभग 50 पुलिसकर्मी उनके आवास पर पहुँचे।

विपक्षी नेताओं की हिरासत

एसआईआर में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन करने जा रहे कई विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। इनमें आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पार्टी नेता गोपाल राय और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल पहले से ही सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ आवाज़ उठा रहे थे।

सुरक्षा व्यवस्था और परिवहन बाधाएँ

प्रदर्शन के मद्देनज़र दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और दिल्ली की सीमाओं पर भी चौकसी बढ़ाई गई। भारतीय रेलवे ने नई दिल्ली पहुँचने वाली कई ट्रेनों को रद्द किया और कुछ के समय में बदलाव किया। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए, जिससे आम यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शन की वजह और पुलिस का पक्ष

प्रदर्शनकारियों की मुख्य माँग है कि मतदाता सूची के एसआईआर में कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय की जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पद से इस्तीफा दें। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को ही स्पष्ट कर दिया था कि इस प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस के मुताबिक, आयोजकों ने पिछले प्रदर्शन के दौरान दिए गए आश्वासनों और न्यायालय के निर्देशों का पालन नहीं किया था।

आगे क्या

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में इतनी बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया हो। हिरासत में लिए गए नेताओं और प्रदर्शनकारियों की रिहाई और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सभी की नज़रें टिकी हैं। चुनाव आयोग और सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो हिरासत जवाबदेही को टालने का औज़ार बन जाती है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर हिरासत की संख्या पर रुक जाती है — असली कहानी यह है कि एसआईआर पर स्वतंत्र जाँच की माँग को राजनीतिक रंग देकर दबाया जा रहा है या नहीं।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी का दिल्ली प्रदर्शन किस बात को लेकर था?
सीजेपी और विपक्षी दलों के नेता मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे थे। उनकी प्रमुख माँग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और चुनावी जवाबदेही थी।
दिल्ली में कितने लोगों को हिरासत में लिया गया?
पुलिस के अनुसार 10 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय राजधानी के अलग-अलग इलाकों में करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें सीजेपी कार्यकर्ताओं के अलावा कई विपक्षी नेता भी शामिल हैं।
अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी को क्यों हिरासत में लिया गया?
दोनों नेता एसआईआर में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन में भाग लेने जा रहे थे। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी गई थी, इसलिए एहतियाती हिरासत की कार्रवाई की गई।
दिल्ली मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर क्या असर पड़ा?
DMRC ने 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए, जिससे आम यात्रियों को भारी असुविधा हुई। भारतीय रेलवे ने नई दिल्ली आने वाली कई ट्रेनें रद्द कीं और कुछ के समय में बदलाव किया।
पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति क्यों नहीं दी?
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को ही स्पष्ट कर दिया था कि इस प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस के मुताबिक आयोजकों ने पिछले प्रदर्शन के दौरान दिए गए आश्वासनों और न्यायालय के निर्देशों का पालन नहीं किया था।
राष्ट्र प्रेस
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