10 अक्टूबर 2026
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सुप्रिया सुले ने अभिजीत दिपके की हवाई अड्डे पर गिरफ्तारी को बताया 'संविधान-विरोधी'

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सुप्रिया सुले ने अभिजीत दिपके की हवाई अड्डे पर गिरफ्तारी को बताया 'संविधान-विरोधी'

सारांश

मुंबई से दिल्ली आ रहे CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को विमान के भीतर ही दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया — एक ऐसा कदम जिसे सुप्रिया सुले ने 'संविधान की हत्या' कहा। उसी दिन ममता बनर्जी, केजरीवाल और पिनाराई विजयन भी हिरासत में लिए गए। दिल्ली में 45 मेट्रो स्टेशन बंद, कई ट्रेनें रद्द।

मुख्य बातें

एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने 10 अक्टूबर को CJP संस्थापक अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी को 'संविधान-विरोधी' करार दिया।
दिपके , सौरभ दास और आशुतोष रांका को इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान के भीतर हिरासत में लिया गया।
दिल्ली पुलिस ने पहले जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया था।
DMRC ने 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश-निकास द्वार बंद किए; भारतीय रेलवे ने कई ट्रेनें रद्द कीं।
ममता बनर्जी , अरविंद केजरीवाल और पिनाराई विजयन सहित कई विपक्षी नेता भी उसी दिन हिरासत में लिए गए।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने 10 अक्टूबर को मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की और इसे संविधान के विरुद्ध करार दिया। दिपके, CJP के सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका को इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस समय हिरासत में लिया गया जब वे मुंबई से नई दिल्ली आ रहे थे और उनका विमान उतरते ही दिल्ली पुलिस के कर्मी विमान के भीतर दाखिल हो गए।

गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

CJP ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई थी, जिसकी अनुमति दिल्ली पुलिस ने पहले ही नकार दी थी। इसके बावजूद दिपके और उनके सहयोगी राजधानी की ओर रवाना हुए। हवाई अड्डे पर उतरते ही पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया। यह घटना उस दिन हुई जब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों की आशंका के चलते सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी।

सुप्रिया सुले का बयान

सुले ने कहा, 'मैं इसकी कड़ी निंदा करती हूँ। इस देश में संवैधानिक सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए संघर्ष जारी है। लोग शांतिपूर्वक दिल्ली पहुँच रहे थे और पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए विमान में सवार हो गई। उनकी माँग क्या थी? वे केवल जंतर-मंतर जाना चाहते थे, जहाँ हज़ारों लोग हर बार प्रदर्शन करते हैं।' उन्होंने जोड़ा कि यह अधिकार भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने देश के नागरिकों को दिया है।

सुले ने आगे कहा, 'पुलिस ने जिस तरह से विमान में प्रवेश कर उन्हें हिरासत में लिया, वह गलत और संविधान के खिलाफ है। संविधान की हत्या की जा रही है। क्या हम अपनी माँगें नहीं उठा सकते? युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है।'

अघोषित आपातकाल की आशंका

एनसीपी (एसपी) नेता ने यह भी कहा, 'मुझे डर लग रहा है — क्या इस देश में अघोषित आपातकाल है? हम सभी ने आपातकाल के बारे में पढ़ा है।' उन्होंने सवाल किया कि यदि छात्र और युवा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं तो इसमें क्या आपत्ति है।

राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा का माहौल

विरोध प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्रों सहित पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सुरक्षा कड़ी कर दी। भारतीय रेलवे ने नई दिल्ली आने वाली कई ट्रेनें रद्द कर दीं और उनके समय में बदलाव किया। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए ताकि प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर तक न पहुँच सकें।

अन्य विपक्षी नेताओं की हिरासत

इसी दिन पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन सहित कई विपक्षी नेताओं को भी राजधानी में मुख्य न्यायिक परिषद द्वारा बुलाए गए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया। यह घटनाक्रम संकेत देता है कि विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तनाव अब सड़क से हवाई अड्डे तक पहुँच गया है — और आने वाले दिनों में यह टकराव और गहरा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

केजरीवाल और पिनाराई विजयन जैसे अनुभवी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया, जो बताता है कि प्रशासन ने इस प्रदर्शन को असाधारण खतरे की श्रेणी में रखा था। सवाल यह है कि जब जंतर-मंतर वर्षों से शांतिपूर्ण विरोध का स्वीकृत मंच रहा है, तो इस बार अनुमति क्यों नकारी गई और हवाई अड्डे तक पहुँचने की नौबत क्यों आई — इसका जवाब सरकार की ओर से अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिजीत दिपके को कहाँ और क्यों हिरासत में लिया गया?
अभिजीत दिपके को इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस समय हिरासत में लिया गया जब वे मुंबई से दिल्ली आने वाले विमान में थे। दिल्ली पुलिस के कर्मी विमान के भीतर दाखिल हुए और उन्हें, सौरभ दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया, क्योंकि दिल्ली पुलिस ने उनके जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन की अनुमति पहले ही अस्वीकार कर दी थी।
सुप्रिया सुले ने इस गिरफ्तारी को 'संविधान-विरोधी' क्यों कहा?
सुप्रिया सुले का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार संविधान-प्रदत्त है और विमान के भीतर जाकर हिरासत में लेना इस अधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि यह कदम 'गलत और संविधान के खिलाफ' है और इसे 'संविधान की हत्या' की संज्ञा दी।
10 अक्टूबर को दिल्ली में और कौन-से विपक्षी नेता हिरासत में लिए गए?
उसी दिन पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन सहित कई विपक्षी नेताओं को दिल्ली में मुख्य न्यायिक परिषद द्वारा बुलाए गए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया।
दिल्ली में 45 मेट्रो स्टेशन क्यों बंद किए गए?
DMRC ने 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार इसलिए बंद किए ताकि प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर स्थित विरोध स्थल तक न पहुँच सकें। यह कदम उन व्यापक सुरक्षा उपायों का हिस्सा था जो NCR में संभावित विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए उठाए गए थे।
CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किस विषय पर था?
स्रोत के अनुसार, CJP ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई थी, जिसे दिल्ली पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था। प्रदर्शन का सटीक एजेंडा स्रोत में विस्तार से नहीं बताया गया है, हालाँकि सुप्रिया सुले ने इसे युवाओं के अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों से जोड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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