सीजेपी के जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने 200 लोगों को हिरासत में लिया, सुरक्षा चाक-चौबंद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले व्यापक कार्रवाई करते हुए करीब 200 लोगों को हिरासत में लिया। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया जाना था, जिसे पुलिस ने अनुमति देने से पहले ही मना कर दिया था।
हिरासत की कार्रवाई
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और प्रवक्ता सौरव दास एवं आशुतोष रांका को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट पर उनकी फ्लाइट की लैंडिंग के तुरंत बाद विमान के भीतर ही हिरासत में लिया गया। पुलिस के जवान विमान के अंदर गए और तीनों को बाहर लाया गया।
दिपके ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर यह जानकारी साझा की, जिसमें वे पुलिसकर्मियों को फ्लाइट के भीतर आते हुए दिखाते हैं। वीडियो में वे कहते सुने गए: 'मैं यहां गिरफ्तार होने के लिए आया हूं। मुझे गिरफ्तार करो।' इसके अलावा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राजधानी भर में सुरक्षा व्यवस्था असाधारण रूप से कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवान नई दिल्ली रेलवे स्टेशन परिसर सहित प्रमुख स्थानों पर तैनात हैं। सुप्रीम कोर्ट और मंडी हाउस समेत कई मेट्रो स्टेशन एहतियात के तौर पर बंद कर दिए गए।
ड्रोन से प्रमुख स्थानों की निगरानी की जा रही है और पुलिसकर्मियों को बॉडी कैमरों से लैस किया गया है ताकि किसी भी घटना का रिकॉर्ड रहे। दिल्ली की सीमाओं पर वाहनों की विशेष जांच भी चल रही है।
संवेदनशील स्थानों पर बढ़ी सुरक्षा
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवासों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट कर दिया था कि इस बार सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन को किसी भी कीमत पर अनुमति नहीं दी जाएगी।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग की स्वायत्तता और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर देश में राजनीतिक बहस तेज है। सीजेपी कथित तौर पर इन्हीं मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरना चाहती थी। अधिकारियों के अनुसार, हिरासत में लिए गए सभी लोगों के साथ कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।
यह देखना अहम होगा कि प्रशासन और प्रदर्शनकारी दलों के बीच यह तनाव आने वाले दिनों में किस दिशा में जाता है, और क्या यह मामला न्यायालय तक पहुंचता है।