10 अक्टूबर 2026
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यूट्यूबर ध्रुव राठी गुरुग्राम में हिरासत में, CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले पुलिस की कार्रवाई

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यूट्यूबर ध्रुव राठी गुरुग्राम में हिरासत में, CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले पुलिस की कार्रवाई

सारांश

यूट्यूबर ध्रुव राठी को 10 अक्टूबर को CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन से ठीक पहले गुरुग्राम पुलिस ने हिरासत में लिया। एक दिन पहले उन्होंने '50 से ज़्यादा मेट्रो बंद' का वीडियो पोस्ट किया था। पूर्व IPS अधिकारी पहले ही उनकी नागरिकता जाँच की माँग कर चुके थे।

मुख्य बातें

ध्रुव राठी को 10 अक्टूबर 2026 की सुबह गुरुग्राम पुलिस ने उनके आवास से हिरासत में लिया।
राठी CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन में भाग लेने के लिए दिल्ली आए थे, जो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग से जुड़ा था।
9 अक्टूबर को पूर्व IPS अधिकारी भास्कर राव ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर राठी की नागरिकता, वीज़ा और इमिग्रेशन स्टेटस की जाँच माँगी थी।
राठी ने 8 अक्टूबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में SIR के खिलाफ प्रदर्शन में भी भाग लिया था, जहाँ अभिनेता प्रकाश राज भी मौजूद थे।
प्रदर्शन से पहले दिल्ली में 50 से ज़्यादा मेट्रो स्टेशन बंद, ट्रेनें व बसें रद्द और मध्य दिल्ली में इंटरनेट सेवाएँ अस्थायी रूप से निलंबित की गई थीं।

यूट्यूबर ध्रुव राठी को शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 की सुबह गुरुग्राम पुलिस ने उनके गुरुग्राम स्थित आवास से हिरासत में ले लिया। राठी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर आयोजित उस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली आए थे, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जानी थी।

हिरासत का घटनाक्रम

सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने राठी को प्रदर्शन स्थल पर पहुँचने से पहले ही उनके गुरुग्राम आवास से हिरासत में लिया। यह कार्रवाई 10 अक्टूबर को निर्धारित CJP प्रदर्शन के कुछ घंटे पहले की गई। पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान तत्काल उपलब्ध नहीं था।

प्रदर्शन से एक दिन पहले राठी के आरोप

इससे पहले शुक्रवार, 9 अक्टूबर को राठी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था कि प्रदर्शन से पहले दिल्ली में लगभग लॉकडाउन जैसी स्थिति बना दी गई है। वीडियो में उन्होंने कहा था, 'कैसे हैं आप दोस्तों? मैं दिल्ली पहुंच गया हूं। और मैंने देखा कि हमारे प्रधानमंत्री ने यहां क्या व्यवस्था की है। 50 से ज़्यादा मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। ट्रेनें बंद कर दी गई हैं। बसें रद्द कर दी गई हैं। और हमारे विरोध प्रदर्शन के कारण वे लगभग दिल्ली को लॉकडाउन में डाल रहे हैं।'

राठी ने यह भी सवाल उठाया कि इतनी कड़ी पाबंदियों की आवश्यकता क्यों है, और दावा किया कि भाजपा से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स यह प्रचार कर रहे हैं कि प्रदर्शन में भीड़ बेहद कम रहेगी। गौरतलब है कि सुरक्षा प्रबंधों में मेट्रो स्टेशनों को बंद करना, ट्रेनें और बसें रद्द करना तथा मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएँ अस्थायी रूप से निलंबित करना शामिल था।

बेंगलुरु प्रदर्शन और नागरिकता विवाद

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब 9 अक्टूबर को सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी और बेंगलुरु के पूर्व पुलिस कमिश्नर भास्कर राव ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर राठी की नागरिकता, वीज़ा और इमिग्रेशन स्टेटस की जांच की मांग की थी। उनका यह पत्र 8 अक्टूबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन में राठी की भागीदारी के बाद आया।

उस प्रदर्शन में अभिनेता-एक्टिविस्ट प्रकाश राज सहित अन्य लोग भी शामिल थे। राठी ने प्रदर्शन के दौरान चुनाव आयोग की आलोचना करते हुए SIR प्रक्रिया में 'जीरो ट्रांसपेरेंसी और जीरो जवाबदेही' का आरोप लगाया था। पूर्व आईपीएस अधिकारी भास्कर राव ने अपने पत्र में कहा कि कथित तौर पर राठी के पास जर्मन नागरिकता है, इसलिए उनके पासपोर्ट, वीज़ा की श्रेणी, भारत आने के उद्देश्य, रहने की अधिकृत अवधि और इमिग्रेशन कानूनों के पालन की जाँच होनी चाहिए।

व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में हुआ है जब CJP के नेतृत्व में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशभर में विपक्षी आवाज़ें तेज़ हो रही हैं। आलोचकों का कहना है कि SIR प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इससे मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर नाम कटने का खतरा है। वहीं, सरकार समर्थकों का तर्क है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूचियों की शुद्धता के लिए आवश्यक है।

राठी की हिरासत से उनके लाखों सदस्यों वाले ऑनलाइन समर्थक वर्ग में तीखी प्रतिक्रिया देखी जा रही है। आगे की घटनाओं पर सबकी नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

या दोनों के बीच कोई समन्वय है — इसका जवाब पुलिस को देना होगा। '50 से ज़्यादा मेट्रो बंद' वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैला, और यह दिखाता है कि सरकारी कार्रवाइयों पर नागरिक-पत्रकारिता की नज़र अब अनदेखी नहीं की जा सकती। SIR विवाद और CEC के इस्तीफे की माँग के बीच यह हिरासत आने वाले दिनों में राजनीतिक तापमान और बढ़ाएगी।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ध्रुव राठी को क्यों हिरासत में लिया गया?
ध्रुव राठी को 10 अक्टूबर 2026 को गुरुग्राम पुलिस ने उनके आवास से हिरासत में लिया, जब वे CJP द्वारा जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में भाग लेने दिल्ली आए थे। पुलिस की ओर से आधिकारिक कारण तत्काल नहीं बताया गया।
CJP का जंतर-मंतर प्रदर्शन किस माँग को लेकर था?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आयोजन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर किया था। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर उठे विवाद की पृष्ठभूमि में हुआ।
ध्रुव राठी की नागरिकता को लेकर क्या विवाद है?
पूर्व IPS अधिकारी और बेंगलुरु के पूर्व पुलिस कमिश्नर भास्कर राव ने 9 अक्टूबर को केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर राठी की नागरिकता, वीज़ा श्रेणी और इमिग्रेशन स्टेटस की जाँच माँगी। उनके पत्र में कथित तौर पर यह उल्लेख था कि राठी के पास जर्मन नागरिकता है।
SIR क्या है और राठी ने इस पर क्या कहा?
SIR यानी वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण एक प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूचियों की समीक्षा की जाती है। राठी ने 8 अक्टूबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में इसके खिलाफ प्रदर्शन में भाग लेते हुए चुनाव आयोग पर 'जीरो ट्रांसपेरेंसी और जीरो जवाबदेही' का आरोप लगाया था।
प्रदर्शन से पहले दिल्ली में क्या प्रतिबंध लगाए गए थे?
10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में 50 से अधिक मेट्रो स्टेशन बंद किए गए, ट्रेनें और बसें रद्द की गईं, और मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएँ अस्थायी रूप से निलंबित की गईं। राठी ने इन पाबंदियों पर सवाल उठाते हुए इसे 'लॉकडाउन जैसी स्थिति' बताया था।
राष्ट्र प्रेस
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