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सोनम वांगचुक की अनशन चेतावनी: दिल्ली में ~3,500 प्रदर्शनकारी हिरासत में, CEC के खिलाफ विरोध

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सोनम वांगचुक की अनशन चेतावनी: दिल्ली में ~3,500 प्रदर्शनकारी हिरासत में, CEC के खिलाफ विरोध

सारांश

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग को लेकर दिल्ली में करीब 3,500 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए। सोनम वांगचुक ने इसे 'अघोषित आपातकाल' कहा और रविवार तक रिहाई न होने पर अनशन की चेतावनी दी। ध्रुव राठी समेत CJP के कई नेता भी हिरासत में हैं।

मुख्य बातें

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने रविवार तक प्रदर्शनकारियों की रिहाई न होने पर अनशन या पदयात्रा की चेतावनी दी।
दिल्ली पुलिस ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग वाले प्रदर्शन के दौरान करीब 3,500 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
CJP नेताओं अभिजीत दिपके , सौरव दास और आशुतोष रंका को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया।
इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित आवास से कथित तौर पर सुबह करीब 8 बजे लगभग 50 पुलिसकर्मियों ने हिरासत में लिया।
DMRC ने सुरक्षा कारणों से 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश-निकास द्वार बंद किए; कई ट्रेनें रद्द हुईं।
प्रदर्शन SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में था; पुलिस ने कहा प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी गई थी।

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 10 अक्टूबर 2026 को चेतावनी दी कि यदि नई दिल्ली में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को रविवार तक रिहा नहीं किया गया, तो वह अनशन या पदयात्रा शुरू करने पर विचार करेंगे। यह चेतावनी मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा करीब 3,500 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बाद आई।

मुख्य घटनाक्रम

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर आयोजित किया जाना था। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का विरोध कर रहे थे। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को ही स्पष्ट कर दिया था कि CJP के इस प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी गई है, क्योंकि आयोजकों ने पिछले प्रदर्शन के दौरान दिए गए आश्वासनों और कानूनी निर्देशों का पालन नहीं किया था।

शनिवार को CJP के नेताओं अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रंका को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में ले लिया गया। तीनों जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे थे।

ध्रुव राठी समेत कई चेहरे हिरासत में

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को कथित तौर पर गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। CJP के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट किए गए ब्यौरे के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 8 बजे सादे कपड़ों में लगभग 50 पुलिसकर्मी उनके घर पहुँचे और उन्हें एहतियातन हिरासत में ले लिया।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हुआ है जब प्रदर्शन की व्यापकता को देखते हुए दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।

परिवहन व्यवस्था पर असर

भारतीय रेलवे ने नई दिल्ली आने वाली कई ट्रेनें रद्द कर दीं और कुछ के समय में बदलाव किया। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों से 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुँचने से रोकने के लिए कई अवरोध लगाए।

वांगचुक का रुख और एक्स पर पोस्ट

वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'भारत अघोषित आपातकाल की स्थिति में है। कल जब मैंने आज के प्रदर्शन में एकता और शांति की अपील करते हुए संदेश पोस्ट किया था, तब मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र अघोषित आपातकाल की स्थिति में होगा।' उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि प्रदर्शन के दौरान इतनी बड़ी संख्या में नेताओं को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

वांगचुक ने उम्मीद जताई कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को जल्द रिहा किया जाएगा, और साथ ही एकजुटता और शांति की अपील भी की।

क्या होगा आगे

वांगचुक ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि रविवार तक प्रदर्शनकारियों की रिहाई नहीं हुई, तो वह अनशन अथवा पदयात्रा का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे। इस घटनाक्रम से दिल्ली में राजनीतिक तनाव और बढ़ने की आशंका है, और यह देखना होगा कि प्रशासन हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों के मामले में क्या कदम उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 लोगों की एक ही दिन में हिरासत — जिनमें एक著名 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कई संगठन नेता शामिल हैं — सवाल उठाती है कि क्या पूर्व-अनुमति का अभाव वाकई इस पैमाने पर कार्रवाई को न्यायसंगत ठहराता है। प्रशासन का तर्क है कि आयोजकों ने पिछले आश्वासन तोड़े; प्रदर्शनकारी इसे असहमति को कुचलने की कोशिश बता रहे हैं। चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर उठे सवाल — जो SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े हैं — इस टकराव की असली जड़ हैं, और वे हिरासत की खबर में दब न जाएँ, यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है। वांगचुक का अनशन का संकेत इस आंदोलन को और व्यापक समर्थन दिला सकता है — जैसा उनके लद्दाख आंदोलन के दौरान देखा गया था।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनम वांगचुक ने अनशन की चेतावनी क्यों दी?
वांगचुक ने कहा कि यदि दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लगभग 3,500 प्रदर्शनकारियों को रविवार तक रिहा नहीं किया गया, तो वह अनशन या पदयात्रा शुरू करने पर विचार करेंगे। उन्होंने इस स्थिति को 'अघोषित आपातकाल' करार दिया।
दिल्ली में यह प्रदर्शन किस मुद्दे पर था?
यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में था। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग कर रहे थे।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को क्यों हिरासत में लिया?
पुलिस ने शुक्रवार को ही स्पष्ट कर दिया था कि CJP के प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी गई थी, क्योंकि आयोजकों ने पिछले प्रदर्शन के दौरान दिए गए आश्वासनों और कानूनी निर्देशों का पालन नहीं किया था। इसके बाद करीब 3,500 लोगों को राष्ट्रीय राजधानी के अलग-अलग इलाकों में हिरासत में लिया गया।
ध्रुव राठी को कहाँ और कैसे हिरासत में लिया गया?
CJP के एक्स अकाउंट पर पोस्ट के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 8 बजे सादे कपड़ों में लगभग 50 पुलिसकर्मी गुरुग्राम स्थित ध्रुव राठी के आवास पर पहुँचे और उन्हें एहतियातन हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शन के कारण दिल्ली में परिवहन पर क्या असर पड़ा?
DMRC ने सुरक्षा कारणों से 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए। भारतीय रेलवे ने नई दिल्ली आने वाली कई ट्रेनें रद्द कीं और कुछ के समय में बदलाव किया।
राष्ट्र प्रेस
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