CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन — CJP नेता अजिंक्य शिंदे का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक नई दिल्ली में विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से रविवार को जंतर-मंतर की ओर मार्च करने का आह्वान किया।
मुख्य घटनाक्रम
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिंदे ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को प्रताड़ित किया। उन्होंने दिल्ली हवाई अड्डे पर हिरासत में लिए गए तीन CJP नेताओं — अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास — की तत्काल रिहाई की माँग की।
शिंदे ने बताया कि दिपके की दादी का शनिवार को निधन हो गया, लेकिन पुलिस ने कथित तौर पर उन्हें अपने वकील या परिवार के सदस्यों से बात करने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस दिपके को 'भावनात्मक रूप से प्रताड़ित' कर रही है और तीनों हिरासती व्यक्तियों के परिवारों व वकीलों को उनके ठिकाने की जानकारी तक नहीं दी गई है।
हवाई अड्डे पर हिरासत पर सवाल
शिंदे ने पूछा, 'उन्हें हवाई जहाज में क्यों हिरासत में लिया गया? वे तो आम हवाई जहाज से दिल्ली आए थे। हवाई यात्रा तो कोई भी कर सकता है। अगर उन्होंने किसी नियम का उल्लंघन किया होता या सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया होता, तो पुलिस उन्हें हिरासत में ले सकती थी।'
उन्होंने यह भी दावा किया कि एक पूर्व विरोध प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार ने ट्रेन और बस सेवाएँ प्रतिबंधित कर दी थीं और लोगों को विरोध स्थल तक पहुँचने से रोकने के लिए हिरासत में लिया था।
आंदोलन की मुख्य माँगें
शिंदे ने प्रदर्शनकारियों की दो प्रमुख माँगें स्पष्ट कीं। पहली — जिन नागरिकों के मतदान अधिकार कथित तौर पर छीन लिए गए हैं, उन्हें वे अधिकार वापस मिलें। दूसरी — मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, जिन पर CJP ने 'मतदान चोरी' का आरोप लगाया है।
गौरतलब है कि ये आरोप अब तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं और चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सरकार के रुख पर CJP का दावा
शिंदे ने कहा कि दिल्ली भर में लगाए गए प्रतिबंध और बैरिकेड केंद्र सरकार के प्रदर्शनकारियों के प्रति भय को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, 'सरकार का डर यह दर्शाता है कि हमने आधी लड़ाई पहले ही जीत ली है। यह एक नई लड़ाई की शुरुआत है।'
क्या होगा आगे
CJP ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर एक और मार्च का आह्वान किया है। शिंदे ने देशभर के नागरिकों से इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की और दोहराया कि जब तक CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, आंदोलन समाप्त नहीं होगा।