10 अक्टूबर 2026
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CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन — CJP नेता अजिंक्य शिंदे का ऐलान

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CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन — CJP नेता अजिंक्य शिंदे का ऐलान

सारांश

CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की और रविवार को जंतर-मंतर मार्च का आह्वान किया। दिल्ली हवाई अड्डे पर हिरासत में लिए तीन नेताओं पर परिवार से बात न करने देने का आरोप, जबकि एक की दादी का निधन हुआ।

मुख्य बातें

CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने 10 अक्टूबर 2026 को ऐलान किया कि CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
दिल्ली हवाई अड्डे पर अभिजीत दिपके , आशुतोष रांका और सौरभ दास को कथित तौर पर हिरासत में लिया गया; परिवार व वकीलों को ठिकाने की जानकारी न देने का आरोप।
अभिजीत दिपके की दादी का शनिवार को निधन, लेकिन पुलिस ने कथित तौर पर उन्हें परिवार से संपर्क नहीं करने दिया।
CJP की दो प्रमुख माँगें — मतदान अधिकार बहाली और CEC का इस्तीफा ; पार्टी ने ज्ञानेश कुमार पर 'मतदान चोरी' का आरोप लगाया।
रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर की ओर मार्च का आह्वान किया गया।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक नई दिल्ली में विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से रविवार को जंतर-मंतर की ओर मार्च करने का आह्वान किया।

मुख्य घटनाक्रम

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिंदे ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को प्रताड़ित किया। उन्होंने दिल्ली हवाई अड्डे पर हिरासत में लिए गए तीन CJP नेताओं — अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास — की तत्काल रिहाई की माँग की।

शिंदे ने बताया कि दिपके की दादी का शनिवार को निधन हो गया, लेकिन पुलिस ने कथित तौर पर उन्हें अपने वकील या परिवार के सदस्यों से बात करने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस दिपके को 'भावनात्मक रूप से प्रताड़ित' कर रही है और तीनों हिरासती व्यक्तियों के परिवारों व वकीलों को उनके ठिकाने की जानकारी तक नहीं दी गई है।

हवाई अड्डे पर हिरासत पर सवाल

शिंदे ने पूछा, 'उन्हें हवाई जहाज में क्यों हिरासत में लिया गया? वे तो आम हवाई जहाज से दिल्ली आए थे। हवाई यात्रा तो कोई भी कर सकता है। अगर उन्होंने किसी नियम का उल्लंघन किया होता या सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया होता, तो पुलिस उन्हें हिरासत में ले सकती थी।'

उन्होंने यह भी दावा किया कि एक पूर्व विरोध प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार ने ट्रेन और बस सेवाएँ प्रतिबंधित कर दी थीं और लोगों को विरोध स्थल तक पहुँचने से रोकने के लिए हिरासत में लिया था।

आंदोलन की मुख्य माँगें

शिंदे ने प्रदर्शनकारियों की दो प्रमुख माँगें स्पष्ट कीं। पहली — जिन नागरिकों के मतदान अधिकार कथित तौर पर छीन लिए गए हैं, उन्हें वे अधिकार वापस मिलें। दूसरी — मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, जिन पर CJP ने 'मतदान चोरी' का आरोप लगाया है।

गौरतलब है कि ये आरोप अब तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं और चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सरकार के रुख पर CJP का दावा

शिंदे ने कहा कि दिल्ली भर में लगाए गए प्रतिबंध और बैरिकेड केंद्र सरकार के प्रदर्शनकारियों के प्रति भय को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, 'सरकार का डर यह दर्शाता है कि हमने आधी लड़ाई पहले ही जीत ली है। यह एक नई लड़ाई की शुरुआत है।'

क्या होगा आगे

CJP ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर एक और मार्च का आह्वान किया है। शिंदे ने देशभर के नागरिकों से इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की और दोहराया कि जब तक CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, आंदोलन समाप्त नहीं होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'मतदान चोरी' के आरोपों को अब तक कोई स्वतंत्र साक्ष्य-आधार नहीं मिला है — जो इस आंदोलन की राजनीतिक सीमा भी है। हवाई अड्डे पर हिरासत और हिरासती को परिजनों से न मिलवाने के आरोप, यदि सत्य हैं, तो नागरिक स्वतंत्रता की दृष्टि से गंभीर हैं और न्यायिक जाँच माँगते हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर माँगों को तो उठाती है, पर यह नहीं पूछती कि आरोपों को प्रमाणित करने की ज़िम्मेदारी किसकी है। सत्यापन के बिना यह बहस केवल दो राजनीतिक ध्रुवों की जुगलबंदी बनकर रह जाती है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CJP का CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहा है?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर 'मतदान चोरी' का आरोप लगाया है और उनका इस्तीफा माँगा है। पार्टी की दूसरी माँग है कि जिन नागरिकों के मतदान अधिकार कथित रूप से छीन लिए गए, उन्हें बहाल किया जाए।
दिल्ली हवाई अड्डे पर कौन-से CJP नेता हिरासत में लिए गए?
CJP के तीन नेता — अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास — को कथित तौर पर दिल्ली हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया। CJP का आरोप है कि उनके परिवारों और वकीलों को उनके ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई।
अभिजीत दिपके के साथ हिरासत में क्या हुआ?
CJP नेता अजिंक्य शिंदे के अनुसार, अभिजीत दिपके की दादी का शनिवार को निधन हो गया, लेकिन पुलिस ने कथित तौर पर उन्हें अपने वकील या परिवार से बात करने की अनुमति नहीं दी। शिंदे ने इसे 'भावनात्मक प्रताड़ना' करार दिया।
CJP का अगला विरोध प्रदर्शन कब और कहाँ होगा?
CJP ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर की ओर मार्च का आह्वान किया है। शिंदे ने देशभर के नागरिकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से इस मार्च में शामिल होने की अपील की है।
क्या CEC ज्ञानेश कुमार ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार या चुनाव आयोग की ओर से CJP के आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 'मतदान चोरी' के आरोप भी अब तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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