राहुल गांधी का युवाओं से आह्वान: 'गिरफ्तार करो, पर हम नहीं हटेंगे'; दिल्ली में 3,000 से अधिक हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 10 अक्टूबर को चेन्नई में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में युवा प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता जताते हुए ऐलान किया कि विपक्ष संविधान की रक्षा के लिए अपना अभियान जारी रखेगा और किसी भी दबाव में पीछे नहीं हटेगा। उनकी यह टिप्पणी उस दिन आई जब नई दिल्ली के जंतर मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश कर रहे 3,000 से अधिक लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
राहुल गांधी का सीधा संदेश
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए अपने संबोधन के वीडियो में कहा, "आप जितनी पुलिस तैनात करना चाहते हैं करिए, जितने नेताओं, युवाओं या विपक्षी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करना चाहते हैं करिए, लेकिन हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।" उन्होंने मौजूदा सरकार को 'डरपोक' बताया और कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय से वह एनडीए सरकार के खिलाफ लड़ रहे हैं और उसकी कार्यशैली को भली भाँति समझते हैं।
गांधी ने दावा किया कि सत्तारूढ़ पक्ष के लिए राजनीतिक और वैचारिक जगह लगातार सिकुड़ रही है, क्योंकि विपक्ष अपनी लड़ाई और तेज कर रहा है। हालाँकि उन्होंने 'जरूरी जानकारी मौजूद होने' का उल्लेख किया, लेकिन इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया।
दिल्ली में पुलिस कार्रवाई और हिरासत
जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने किया था। दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन स्थल तक पहुँचने की कोशिश कर रहे 3,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। इसके अतिरिक्त, एहतियाती कार्रवाई के तहत 600 से अधिक ऐसे लोगों को भी हिरासत में लिया गया जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी और नई दिल्ली क्षेत्र में उस दिन निषेधाज्ञा लागू थी। यह प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग को लेकर आयोजित किया गया था।
संविधान रक्षा का संकल्प
राहुल गांधी ने देश के युवाओं पर गर्व जताते हुए उनसे प्रदर्शन जारी रखने की अपील की। उन्होंने संकल्प दोहराया कि पिछले 10 से 15 वर्षों में देश के साथ जो हुआ, उसे दोबारा नहीं होने दिया जाएगा। गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस और पूरा विपक्ष प्रदर्शनकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच चुनाव आयोग की स्वायत्तता को लेकर तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान राजधानी में इस पैमाने पर हिरासत की कार्रवाई हुई हो।
आगे क्या
राहुल गांधी के इस संबोधन के बाद विपक्षी खेमे में अभियान को और तेज करने के संकेत मिल रहे हैं। चेन्नई दौरे के दौरान दिया गया यह संदेश राष्ट्रीय स्तर पर युवा मतदाताओं को एकजुट करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है। आने वाले दिनों में विपक्ष के कदम और सरकार की प्रतिक्रिया इस राजनीतिक टकराव की दिशा तय करेगी।