जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस की 'ना', देर से नोटिस और पुराने उल्लंघन बने वजह
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के धरना-प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (नई दिल्ली रेंज) नूपुर प्रसाद ने 9 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि पार्टी ने नोटिस देने की अनिवार्य अवधि का पालन नहीं किया और पिछले प्रदर्शन के दौरान तय शर्तों का उल्लंघन किया था।
अनुमति क्यों नहीं दी गई
जॉइंट सीपी नूपुर प्रसाद ने बताया कि सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास ने 7 अक्टूबर को आवेदन दिया था, जो प्रदर्शन की तारीख से मात्र तीन दिन पहले था। पुलिस की गाइडलाइन के अनुसार किसी भी प्रदर्शन की योजना से कम से कम 10 दिन पहले सूचना देना अनिवार्य है। उन्होंने कहा, 'यह आवेदन बहुत कम समय पहले दिया गया था। तय गाइडलाइन के अनुसार, प्रदर्शन की योजना से 10 दिन पहले सूचना मिलनी चाहिए।'
पिछले उल्लंघन भी बने आधार
अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि इससे पहले जब सीजेपी को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, तब पार्टी ने 'कानूनी निर्देशों और अपने वादों का पालन नहीं किया था।' उन्होंने कहा कि यह पिछला उल्लंघन भी इस बार अनुमति न देने का एक महत्वपूर्ण कारण रहा। गौरतलब है कि यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) की जवाबदेही के मुद्दे पर होना था।
बीएनएसएस धारा 163 लागू
जॉइंट सीपी ने बताया कि नई दिल्ली इलाके में फिलहाल भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 प्रभावी है, जिसके तहत सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उचित निवारक पाबंदियाँ लागू की गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस धारा के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति, सार्वजनिक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को भी अनुमति न देने के कारणों में गिनाया गया।
महिला पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी का मुद्दा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नूपुर प्रसाद ने पिछले प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मियों के साथ हुई कथित बदसलूकी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चाहे महिला वर्दी में हो या सिविल वस्त्रों में, उनका सम्मान करना समाज के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह टिप्पणी पुलिस की उस चिंता को उजागर करती है जो पिछले आयोजन के दौरान उत्पन्न हुई थी।
आगे क्या होगा
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि सीजेपी या इससे जुड़े कोई प्रदर्शनकारी बीएनएसएस धारा 163 की अनदेखी कर जंतर-मंतर पर एकत्र होने की कोशिश करते हैं, तो उनके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब राजधानी में विभिन्न दलों और संगठनों के विरोध प्रदर्शनों को लेकर पुलिस की सतर्कता बढ़ी हुई है।