जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस की अनुमति नहीं, 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने का प्रस्ताव
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है और साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश व निकास द्वार बंद करने का प्रस्ताव दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को भेजा है। यह प्रस्ताव शुक्रवार रात 9 बजे से शनिवार तक प्रभावी रहने की योजना है, हालाँकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
मुख्य घटनाक्रम
सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) से जवाबदेही की माँग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन की योजना बनाई थी। पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने इसके लिए पुलिस को आवेदन दिया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से स्पष्ट किया कि यह अनुमति नहीं दी जाएगी।
गौरतलब है कि नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 पहले से लागू है, जो सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से निवारक पाबंदियाँ लगाने का अधिकार देती है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (नई दिल्ली रेंज) नूपुर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आवेदन निर्धारित समय-सीमा से बहुत कम समय पहले दिया गया था। उन्होंने कहा, 'इस सूचना पर विचार किया गया और पाया गया कि यह बहुत कम समय पहले दी गई थी। तय गाइडलाइन के अनुसार, प्रदर्शन की योजना से 10 दिन पहले सूचना मिलनी चाहिए।'
नूपुर प्रसाद ने यह भी कहा कि पूर्व में जब सीजेपी को प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, तब संगठन ने कानूनी निर्देशों और अपने दिए हुए वादों का पालन नहीं किया था। इसी कारण से इस बार अनुमति खारिज की गई है।
पुलिस ने चेतावनी दी कि बीएनएसएस की धारा 163 का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कौन-से मेट्रो स्टेशन प्रभावित होंगे
पुलिस के प्रस्ताव में जिन 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश-निकास द्वार बंद करने की बात कही गई है, उनमें प्रमुख रूप से जनपथ, पटेल चौक, सुप्रीम कोर्ट, आईटीओ, दिल्ली गेट, कश्मीरी गेट, रोहिणी वेस्ट, वेलकम, शालीमार बाग, आदर्श नगर और हौज खास शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव केवल एंट्री और एग्जिट पॉइंट बंद करने से संबंधित है। इंटरचेंज की सुविधा यात्रियों के लिए उपलब्ध रह सकती है, जिससे दैनिक यात्री एक लाइन से दूसरी लाइन बदल सकें।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली मेट्रो रोज़ाना लाखों यात्रियों की आवाजाही का आधार है। 57 स्टेशनों के प्रवेश-निकास बंद होने से सप्ताहांत पर बड़ी संख्या में आम नागरिकों को असुविधा हो सकती है। पुलिस का कहना है कि ये कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और ट्रैफिक जाम से बचने के लिए उठाए जा रहे हैं।
क्या होगा आगे
डीएमआरसी अधिकारियों की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्टेशन बंद करने की अधिसूचना जारी होगी। सीजेपी की ओर से पुलिस के निर्णय को चुनौती देने या वैकल्पिक स्थान पर प्रदर्शन करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई राजधानी में प्रदर्शन की अनुमति-प्रक्रिया और नागरिक अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ सकती है।