दिल्ली मेट्रो: 45 स्टेशन 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक बंद, सीजेपी प्रदर्शन के बाद डीएमआरसी का अपडेट
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने 10 अक्टूबर को जानकारी दी कि सुरक्षा कारणों से शुक्रवार रात 9 बजे से बंद किए गए 45 मेट्रो स्टेशन आज रात 10 बजे तक बंद रहेंगे। यह कदम कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध-प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में उठाया गया है। सुरक्षा एजेंसियाँ स्थिति की लगातार समीक्षा कर रही हैं और आवश्यकतानुसार अपडेट साझा किए जाएंगे।
मुख्य घटनाक्रम
इससे पहले दिल्ली प्रशासन ने घोषणा की थी कि सीजेपी प्रदर्शन को देखते हुए 57 मेट्रो स्टेशन बंद किए जाएंगे। हालाँकि, शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनज़र मेट्रो सेवाओं को पूरी तरह बंद नहीं किया जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से कहा कि मेट्रो और अन्य रेलवे सेवाओं का संचालन नियंत्रित एवं व्यवस्थित तरीके से जारी रखा जाए, ताकि आम जनता को न्यूनतम असुविधा हो।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद डीएमआरसी ने संशोधित एडवाइजरी जारी की, जिसमें स्टेशनों की संख्या 57 से घटाकर 45 कर दी गई।
प्रभावित स्टेशनों की सूची
सीजेपी प्रदर्शन के चलते जो मेट्रो स्टेशन सर्वाधिक प्रभावित हैं, उनमें जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, नई दिल्ली, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, बाराखंबा रोड, आईटीओ, दिल्ली गेट, खान मार्केट, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, झंडेवालान, सुप्रीम कोर्ट, इंद्रप्रस्थ, शिवाजी स्टेडियम, दिल्ली हाट-आईएनए, हौज खास, जोर बाग, लाजपत नगर, जंगपुरा, आश्रम, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, चावड़ी बाजार, जामा मस्जिद, करोल बाग, राजेंद्र प्लेस, विश्वविद्यालय, कश्मीरी गेट, इंद्रलोक, गुरु तेग बहादुर नगर, नेताजी सुभाष प्लेस, आजादपुर, जहाँगीरपुरी, हैदरपुर बादली मोड़, मजलिस पार्क, सीलमपुर, मौजपुर-बाबरपुर, जाफराबाद, वेलकम, यमुना विहार, खजूरी खास, शाहदरा और रिठाला स्टेशन शामिल हैं।
आम जनता पर असर
डीएमआरसी ने स्पष्ट किया है कि नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को छोड़कर सभी प्रभावित स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसका अर्थ है कि यात्री ट्रेन बदल सकेंगे, किंतु स्टेशन से बाहर नहीं निकल पाएंगे और न ही वहाँ से प्रवेश कर सकेंगे।
यह ऐसे समय में आया है जब सप्ताहांत पर दिल्ली में यात्रियों की संख्या सामान्यतः अधिक रहती है, जिससे वैकल्पिक परिवहन साधनों पर दबाव बढ़ सकता है।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया
सुरक्षा एजेंसियाँ स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं और रात 10 बजे के बाद की स्थिति के अनुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा। गौरतलब है कि बड़े विरोध-प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली में मेट्रो स्टेशन बंद करने की यह पहली घटना नहीं है — अतीत में भी किसान आंदोलन और अन्य बड़े प्रदर्शनों के दौरान इसी तरह के प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
क्या होगा आगे
डीएमआरसी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियाँ रात 10 बजे स्थिति की समीक्षा करेंगी और उसके बाद आवश्यकतानुसार अपडेट जारी किया जाएगा। यदि स्थिति सामान्य होती है तो स्टेशन खोले जा सकते हैं, अन्यथा प्रतिबंध आगे भी जारी रह सकता है।