दिल्ली मेट्रो: 57 नहीं, अब 45 स्टेशन बंद; सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद DMRC की नई एडवाइजरी
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने 9 अक्टूबर 2026 को संशोधित एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट किया कि विपक्षी प्रदर्शन के मद्देनजर पहले घोषित 57 मेट्रो स्टेशनों की बजाय अब केवल 45 स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद रहेंगे। यह प्रतिबंध शुक्रवार रात 9 बजे से शनिवार शाम 6 बजे तक लागू रहेगा। सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद मेट्रो सेवाओं को पूरी तरह बंद करने के निर्णय में यह आंशिक राहत दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया कि शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान मेट्रो और अन्य रेलवे सेवाएँ पूरी तरह बंद नहीं की जानी चाहिए। शीर्ष अदालत ने कहा कि इन सेवाओं का संचालन नियंत्रित और व्यवस्थित तरीके से जारी रखा जाए ताकि आम जनता को न्यूनतम असुविधा हो। गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली प्रशासन ने 57 स्टेशन बंद करने की घोषणा की थी, जिसे अदालती हस्तक्षेप के बाद संशोधित किया गया।
कौन-कौन से स्टेशन रहेंगे बंद
DMRC की संशोधित सूची के अनुसार, जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, नई दिल्ली, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, बाराखंबा रोड, आईटीओ, दिल्ली गेट, खान मार्केट, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, झंडेवालान, सुप्रीम कोर्ट और इंद्रप्रस्थ सहित कुल 45 स्टेशन प्रभावित रहेंगे। इनके अलावा शिवाजी स्टेडियम, दिल्ली हाट-आईएनए, हौज खास, जोर बाग, लाजपत नगर, जंगपुरा, आश्रम, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, चावड़ी बाजार, जामा मस्जिद, करोल बाग, राजेंद्र प्लेस, विश्वविद्यालय, कश्मीरी गेट, इंद्रलोक, गुरु तेग बहादुर नगर, नेताजी सुभाष प्लेस, आजादपुर, जहांगीरपुरी, हैदरपुर बादली मोड़, मजलिस पार्क, सीलमपुर, मौजपुर-बाबरपुर, जाफराबाद, वेलकम, यमुना विहार, खजूरी खास, शाहदरा और रिठाला स्टेशन भी इस सूची में शामिल हैं।
यात्रियों के लिए इंटरचेंज की सुविधा जारी
DMRC ने स्पष्ट किया है कि नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को छोड़कर सभी प्रभावित स्टेशनों पर ट्रेन बदलने यानी इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसका अर्थ यह है कि यात्री इन स्टेशनों से गुज़र तो सकेंगे और लाइन बदल सकेंगे, परंतु बाहर नहीं निकल पाएँगे और न ही वहाँ से प्रवेश कर सकेंगे। सुरक्षा एजेंसियाँ स्थिति की लगातार समीक्षा करती रहेंगी और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त निर्देश जारी किए जाएँगे।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
ये प्रतिबंध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित विपक्षी प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में लागू किए गए हैं। विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित चुनावी अनियमितताओं के विरोध में यह प्रदर्शन आयोजित कर रहा है तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर विपक्षी दलों के सवाल तेज़ होते जा रहे हैं।
आगे की स्थिति
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का उद्देश्य सुरक्षा आवश्यकताओं और आम नागरिकों की सुविधा के बीच संतुलन बनाए रखना है। DMRC ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा की योजना पहले से बना लें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। शनिवार शाम 6 बजे के बाद स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है, हालाँकि सुरक्षा एजेंसियाँ घटनाक्रम के अनुसार निर्णय लेती रहेंगी।