11 अक्टूबर 2026
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दिल्ली मेट्रो और रेल सेवाएं पूरी तरह बहाल, 45 बंद स्टेशनों के द्वार खुले

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दिल्ली मेट्रो और रेल सेवाएं पूरी तरह बहाल, 45 बंद स्टेशनों के द्वार खुले

सारांश

CJP विरोध-प्रदर्शन के चलते बंद किए गए दिल्ली के 45 मेट्रो स्टेशन रात को फिर खुल गए। सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्ण बंदी से रोका, DMRC ने बहाली की पुष्टि की और भारतीय रेलवे ने 11 अक्टूबर से सामान्य सेवाओं का ऐलान किया।

मुख्य बातें

DMRC ने 10 अक्टूबर की रात घोषणा की कि दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सभी स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार खोल दिए गए हैं।
CJP प्रदर्शन के मद्देनजर शुक्रवार रात 9 बजे से 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए थे; दिल्ली प्रशासन ने पहले 57 स्टेशन बंद करने की घोषणा की थी।
सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को निर्देश दिया था कि मेट्रो सेवाएं पूरी तरह बंद न की जाएं और संचालन नियंत्रित तरीके से जारी रखा जाए।
भारतीय रेलवे ने बताया कि 11 अक्टूबर रात 12 बजे से सभी ट्रेन सेवाएं सामान्य समय-सारणी के अनुसार चलेंगी।
सर्वाधिक प्रभावित स्टेशनों में राजीव चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, नई दिल्ली, मंडी हाउस और खान मार्केट शामिल रहे।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने 10 अक्टूबर की रात घोषणा की कि राष्ट्रीय राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर लागू किए गए मेट्रो और रेल प्रतिबंध पूरी तरह हटा लिए गए हैं। नेटवर्क के सभी स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार अब आम यात्रियों के लिए खुल चुके हैं, और इंटरचेंज सुविधाएं भी सामान्य रूप से उपलब्ध हैं।

मेट्रो सेवाओं का बहाली का क्रम

DMRC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपडेट में बताया कि दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सभी स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार खोल दिए गए हैं। इससे पहले, शुक्रवार रात 9 बजे से सुरक्षा कारणों के चलते 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए थे, जिन्हें 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक बंद रखने की योजना थी।

वहीं, भारतीय रेलवे की ओर से सूचित किया गया कि 11 अक्टूबर की रात 12 बजे से सभी ट्रेन सेवाएं सामान्य समय-सारणी के अनुसार संचालित होंगी। इस प्रकार दोनों प्रमुख परिवहन प्रणालियाँ एक साथ सुचारू हो गई हैं।

सर्वोच्च न्यायालय का हस्तक्षेप

गौरतलब है कि शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर मेट्रो सेवाओं को पूरी तरह बंद नहीं किया जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से कहा कि मेट्रो और अन्य रेलवे सेवाओं का संचालन नियंत्रित एवं व्यवस्थित तरीके से जारी रखा जाए, ताकि आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो।

इससे पहले दिल्ली प्रशासन ने घोषणा की थी कि प्रदर्शन को देखते हुए 57 मेट्रो स्टेशन बंद किए जाएंगे। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद यह संख्या संशोधित होकर 45 स्टेशन तक सीमित रही।

सबसे अधिक प्रभावित स्टेशन

CJP प्रदर्शन के चलते जो मेट्रो स्टेशन सर्वाधिक प्रभावित रहे, उनमें जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, नई दिल्ली, मंडी हाउस, बाराखंबा रोड, आईटीओ, दिल्ली गेट, खान मार्केट, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, झंडेवालान, सुप्रीम कोर्ट, इंद्रप्रस्थ, शिवाजी स्टेडियम, दिल्ली हाट-आईएनए, हौज खास, जोर बाग, लाजपत नगर, जंगपुरा, आश्रम, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, चावड़ी बाजार, जामा मस्जिद, करोल बाग, राजेंद्र प्लेस, विश्वविद्यालय, कश्मीरी गेट, इंद्रलोक, गुरु तेग बहादुर नगर, नेताजी सुभाष प्लेस, आजादपुर, जहांगीरपुरी, हैदरपुर बादली मोड़, मजलिस पार्क, सीलमपुर, मौजपुर-बाबरपुर, जाफराबाद, वेलकम, यमुना विहार, खजूरी खास, शाहदरा और रिठाला स्टेशन शामिल रहे।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब सप्ताहांत पर लाखों दिल्लीवासी मेट्रो पर निर्भर रहते हैं। 45 स्टेशनों के अस्थायी बंद होने से शनिवार को बड़ी संख्या में यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन की तलाश करनी पड़ी। स्टेशनों के पुनः खुलने से राहत की स्थिति बनी है।

आगे क्या

सुरक्षा एजेंसियाँ स्थिति की निरंतर समीक्षा करती रहेंगी और आवश्यकतानुसार अपडेट साझा किए जाएंगे। भारतीय रेलवे की सभी ट्रेन सेवाएं 11 अक्टूबर से पूर्णतः सामान्य हो जाने की उम्मीद है। यह घटनाक्रम भविष्य में बड़े प्रदर्शनों के दौरान परिवहन प्रबंधन की नीति पर नए सवाल खड़े करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली मेट्रो सेवाएं क्यों बंद की गई थीं?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा कारणों से दिल्ली में 45 मेट्रो स्टेशन शुक्रवार रात 9 बजे से बंद किए गए थे। दिल्ली प्रशासन ने शुरू में 57 स्टेशन बंद करने की घोषणा की थी, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर यह संख्या घटाई गई।
दिल्ली मेट्रो सेवाएं कब बहाल हुईं?
DMRC ने 10 अक्टूबर की रात घोषणा की कि सभी मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार खोल दिए गए हैं। भारतीय रेलवे ने बताया कि 11 अक्टूबर रात 12 बजे से सभी ट्रेन सेवाएं सामान्य समय-सारणी के अनुसार चलेंगी।
सर्वोच्च न्यायालय ने मेट्रो बंदी पर क्या कहा?
सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को निर्देश दिया कि शनिवार के प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर मेट्रो सेवाओं को पूरी तरह बंद नहीं किया जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से कहा कि संचालन नियंत्रित और व्यवस्थित तरीके से जारी रखा जाए ताकि आम जनता को कम से कम असुविधा हो।
CJP प्रदर्शन के दौरान कौन-से मेट्रो स्टेशन सबसे ज्यादा प्रभावित हुए?
सबसे अधिक प्रभावित स्टेशनों में राजीव चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, नई दिल्ली, मंडी हाउस, खान मार्केट, जनपथ, पटेल चौक, बाराखंबा रोड, आईटीओ, कश्मीरी गेट और रिठाला समेत कुल 45 स्टेशन शामिल थे।
क्या भविष्य में भी प्रदर्शनों के दौरान मेट्रो बंद हो सकती है?
सुरक्षा एजेंसियाँ स्थिति की समीक्षा के आधार पर निर्णय लेती हैं। हालाँकि, सर्वोच्च न्यायालय के इस हस्तक्षेप के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि पूर्ण बंदी के लिए पर्याप्त कानूनी आधार और न्यायिक स्वीकृति आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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