14 अक्टूबर 2026
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डीएमआरसी का सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा: 10 अक्टूबर को 271 ट्रेनें चलीं, कोई सेवा रद्द नहीं

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डीएमआरसी का सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा: 10 अक्टूबर को 271 ट्रेनें चलीं, कोई सेवा रद्द नहीं

सारांश

डीएमआरसी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामे से साफ किया कि 10 अक्टूबर को 271 ट्रेनें चलीं और 4,157 फेरे लगाए गए — कोई सेवा रद्द नहीं हुई। हाँ, 45 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद रही, और सामान्य 58 लाख की जगह सिर्फ 32 लाख यात्री ही मेट्रो से चल पाए।

मुख्य बातें

डीएमआरसी ने 14 अक्टूबर 2026 को सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दाखिल कर बताया कि 10 अक्टूबर को कोई ट्रेन रद्द नहीं हुई।
271 ट्रेनें समय-सारणी के अनुसार चलीं; पूरे नेटवर्क में कुल 4,157 फेरे लगाए गए।
258 स्टेशन पूर्ण रूप से चालू रहे; 45 स्टेशनों पर केवल प्रवेश-निकास प्रतिबंधित था।
दिल्ली पुलिस ने मूलतः 57 स्टेशनों पर प्रतिबंध की सिफारिश की थी, जो सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से 45 तक सीमित हुई।
10 अक्टूबर को यात्री संख्या सामान्य 58 लाख से घटकर लगभग 32 लाख रह गई।
डीएमआरसी चेयरपर्सन डी.
थारा ने सर्वोच्च न्यायालय से बिना शर्त माफी माँगी।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल अपने हलफनामे में स्पष्ट किया कि 10 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो की कोई भी ट्रेन रद्द नहीं की गई थी और न ही फेरों की संख्या में कटौती की गई थी। यह हलफनामा उस विवाद की पृष्ठभूमि में आया है जिसमें 45 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास अस्थायी रूप से बंद किए जाने पर सवाल उठाए गए थे।

हलफनामे में क्या कहा डीएमआरसी ने

डीएमआरसी ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि 10 अक्टूबर को निर्धारित समय-सारणी के अनुसार 271 ट्रेनें संचालित की गईं और पूरे नेटवर्क में कुल 4,157 फेरे लगाए गए। निगम के अनुसार उस दिन 258 स्टेशन पूर्ण रूप से चालू रहे, जबकि 45 स्टेशनों पर केवल प्रवेश और निकास की सुविधा प्रतिबंधित की गई थी। इन 45 में से 14 इंटरचेंज स्टेशनों पर यात्रियों को मेट्रो लाइन बदलने की सुविधा सुचारु रखी गई थी।

यात्रियों को कैसे दी गई जानकारी

डीएमआरसी ने अदालत को बताया कि प्रतिबंधों की सूचना यात्रियों तक समय रहते पहुँचाई गई — सोशल मीडिया, आधिकारिक वेबसाइट, डीएमआरसी सारथी ऐप, स्टेशनों पर लगे सूचना बोर्ड और ट्रेनों में की गई घोषणाओं के माध्यम से। जिन स्टेशनों पर लाइन परिवर्तन की सुविधा उपलब्ध थी, वहाँ अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती भी की गई थी।

दिल्ली पुलिस की सिफारिश और सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप

जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों से 57 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश-निकास बंद करने और फेरों की संख्या घटाने की सिफारिश की थी। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद प्रतिबंधित स्टेशनों की संख्या 57 से घटाकर 45 कर दी गई। इसके अतिरिक्त, 10 अक्टूबर की रात 10 बजे से इन 45 स्टेशनों से भी प्रतिबंध हटा लिए गए।

यात्रियों की संख्या पर असर

10 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो से लगभग 32 लाख यात्रियों ने सफर किया, जबकि सामान्य शनिवार को यह संख्या लगभग 58 लाख होती है। डीएमआरसी ने माना कि विरोध-प्रदर्शन के चलते यात्री संख्या में उल्लेखनीय गिरावट आई और आम नागरिकों की दिनचर्या प्रभावित हुई। इसके बाद 12 अक्टूबर को विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान 6 स्टेशनों पर फिर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए थे।

डीएमआरसी की माफी और आगे की राह

डीएमआरसी चेयरपर्सन डी. थारा ने निगम की ओर से सर्वोच्च न्यायालय से बिना शर्त माफी माँगी है। डीएमआरसी ने यह भी कहा कि अदालत ने आदेश उसे सुने बिना पारित किया था, बावजूद इसके निगम माफी माँगता है क्योंकि वह सर्वोच्च न्यायालय का गहरा सम्मान करता है। यह मामला आगामी सुनवाई में और स्पष्ट होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फेरे पूरे हुए — लेकिन 45 स्टेशनों पर प्रवेश-निकास बंद होने से सामान्य 58 लाख की तुलना में केवल 32 लाख यात्री ही मेट्रो तक पहुँच सके; यह अंतर खुद बोलता है। असली सवाल यह है कि क्या 'ट्रेन रद्द नहीं हुई' की परिभाषा नागरिकों की पहुँच-वंचना को छुपाने का औज़ार बन रही है। दिल्ली पुलिस की 57 स्टेशनों की सिफारिश और सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप यह रेखांकित करता है कि सुरक्षा एजेंसियाँ और अवसंरचना निकाय किस हद तक एक-दूसरे की प्रतिक्रिया से संचालित होते हैं — और इसमें आम यात्री की सुविधा कहाँ खड़ी है, यह जवाबदेही का केंद्रीय प्रश्न बना रहेगा।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीएमआरसी ने सुप्रीम कोर्ट में 10 अक्टूबर को लेकर क्या बताया?
डीएमआरसी ने हलफनामे में बताया कि 10 अक्टूबर को 271 ट्रेनें निर्धारित समय-सारणी के अनुसार चलीं और कुल 4,157 फेरे लगाए गए — कोई भी ट्रेन रद्द नहीं की गई। हालांकि, 45 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास की सुविधा अस्थायी रूप से प्रतिबंधित की गई थी।
10 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो के कितने स्टेशन बंद रहे?
10 अक्टूबर को 45 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद किए गए थे, जबकि 258 स्टेशन पूरी तरह चालू रहे। इन 45 में से 14 इंटरचेंज स्टेशनों पर लाइन बदलने की सुविधा सुचारु रखी गई थी।
दिल्ली पुलिस ने मेट्रो प्रतिबंध को लेकर क्या सिफारिश की थी?
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन से एक दिन पहले सुरक्षा कारणों से 57 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश-निकास बंद करने और ट्रेनों के फेरे घटाने की सिफारिश की थी। सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद यह संख्या 57 से घटाकर 45 कर दी गई।
10 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो में कितने यात्रियों ने सफर किया?
10 अक्टूबर को लगभग 32 लाख यात्रियों ने मेट्रो से यात्रा की। सामान्य शनिवार को यह संख्या करीब 58 लाख होती है, यानी प्रदर्शन के कारण यात्री संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई।
डीएमआरसी ने सुप्रीम कोर्ट से माफी क्यों माँगी?
डीएमआरसी चेयरपर्सन डी. थारा ने निगम की ओर से बिना शर्त माफी माँगी। डीएमआरसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित आदेश उसे सुने बिना पारित किया था, फिर भी निगम अदालत के प्रति गहरे सम्मान के कारण माफी माँगता है।
राष्ट्र प्रेस
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