दिल्ली मेट्रो की 'फ्यूल सेविंग' पहल: हर सोमवार 6 अतिरिक्त ट्रेनें, 18 मई से लागू
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने 18 मई 2025 से हर सोमवार 6 अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की घोषणा की है, जिससे उस दिन कुल 24 अतिरिक्त ट्रेन सेवाएँ संचालित होंगी। यह निर्णय निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की व्यापक 'फ्यूल सेविंग' पहल का हिस्सा है।
नई सेवाओं का विवरण
DMRC के आधिकारिक बयान के अनुसार, 18 मई 2025 से प्रत्येक सोमवार को 6 अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएंगी, जो कुल 24 अतिरिक्त फेरों के रूप में संचालित होंगी। निगम ने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रियों की माँग के आधार पर अन्य दिनों में भी अतिरिक्त सेवाएँ शुरू की जा सकती हैं। DMRC ने कहा कि वह यात्रा पैटर्न पर कड़ी निगरानी रखेगा और यात्रियों की संख्या में किसी भी संभावित वृद्धि को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सुरक्षा और स्टेशन प्रबंधन में सुधार
बढ़ी हुई यात्री संख्या को देखते हुए DMRC स्टेशन प्रबंधन और सुरक्षा ढाँचे को भी मज़बूत कर रहा है। इसके तहत अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, अधिक टिकट काउंटरों का संचालन, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) और बैगेज स्कैनर की सक्रियता, तथा व्यस्त समय के दौरान तलाशी चौकियों पर प्रतीक्षा समय कम करने के उपाय शामिल हैं।
एकीकृत परिवहन नेटवर्क से जुड़ाव
DMRC ने बताया कि उसका नेटवर्क रेलवे स्टेशनों, अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों (ISBT), हवाई अड्डे के टर्मिनलों, नमो भारत क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS), नोएडा मेट्रो और गुरुग्राम की रैपिड मेट्रो से निर्बाध रूप से जुड़ा हुआ है। यह नेटवर्क चाँदनी चौक और कनॉट प्लेस से लेकर साइबर सिटी तक दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख वाणिज्यिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक केंद्रों को जोड़ता है।
फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी
DMRC ने कहा कि उसने 160 मेट्रो स्टेशनों पर एक व्यापक इकोसिस्टम विकसित किया है, जिसमें ई-ऑटो, ई-रिक्शा, बाइक टैक्सी, कैब एग्रीगेटर और साइकिल किराया सेवाएँ उपलब्ध हैं। इससे प्रतिदिन लगभग 1 लाख यात्रियों को लाभ मिल रहा है।
आगे की राह
यह कदम ऊर्जा सुरक्षा, सतत गतिशीलता और पर्यावरण संरक्षण पर बढ़ते जोर के बीच उठाया गया है। DMRC मेट्रो सेवाओं को पेट्रोलियम आधारित सड़क परिवहन के एक विश्वसनीय विकल्प के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है, और आने वाले महीनों में माँग के अनुसार सेवाओं का और विस्तार संभव है।