दिल्ली मेट्रो का बड़ा फैसला: एक्स्ट्रा ट्रेन ट्रिप 6 से बढ़ाकर 24 की, निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने की मुहिम
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने 17 मई 2025 को एक अहम परिचालन निर्णय लेते हुए 'एक्स्ट्रा ट्रेन ट्रिप' की संख्या 6 से बढ़ाकर 24 कर दी है। यह कदम राजधानी नई दिल्ली में निजी वाहनों पर यात्रियों की निर्भरता कम करने और सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
एक्स्ट्रा ट्रेन ट्रिप: क्या बदला और क्यों
अब तक DMRC केवल 6 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप संचालित करती थी, जो पीक आवर्स में बढ़ती यात्री संख्या के अनुरूप अपर्याप्त साबित हो रही थीं। नए फैसले के तहत यह संख्या चार गुना बढ़ाकर 24 कर दी गई है। DMRC के अनुसार, इस विस्तार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी यात्री को अपने गंतव्य तक पहुँचने में असुविधा न हो।
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में वायु प्रदूषण और यातायात जाम को लेकर सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की माँग लगातार बढ़ रही है। गौरतलब है कि दिल्ली देश के उन शहरों में शामिल है जहाँ निजी वाहनों का घनत्व प्रति व्यक्ति सर्वाधिक है।
बढ़ी यात्री संख्या से निपटने की तैयारी
अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप शुरू होने के साथ यात्रियों की संख्या में स्वाभाविक वृद्धि की संभावना को देखते हुए DMRC ने व्यापक परिचालन ढाँचा तैयार किया है। सुरक्षाबलों की संख्या बढ़ाई जाएगी और अधिक सिक्योरिटी काउंटर स्थापित किए जाएंगे, ताकि टिकट खरीदने में देरी न हो। इसके साथ ही अधिक बैगेज स्कैनर चालू किए जाएंगे, विशेष रूप से पीक टाइम पर भीड़ प्रबंधन को सुचारु रखने के लिए।
इंटरमॉडल कनेक्टिविटी और लास्ट-माइल इकोसिस्टम
DMRC का नेटवर्क रेलवे स्टेशनों, अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों, एयरपोर्ट टर्मिनल, नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS), नोएडा मेट्रो, रैपिड मेट्रो और गुड़गांव के साथ सीधी इंटरमॉडल कनेक्टिविटी प्रदान करता है। इसके अलावा, वाणिज्यिक बाज़ारों, सरकारी मंत्रालयों, कॉर्पोरेट कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और पर्यटन स्थलों तक त्वरित पहुँच सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
160 मेट्रो स्टेशनों पर DMRC ने एक व्यापक लास्ट-माइल इकोसिस्टम खड़ा किया है। 1 लाख यात्रियों को ई-ऑटो, ई-रिक्शा, बाइक टैक्सी, कैब एग्रीगेटर और साइकिल रेंटल के माध्यम से स्मार्ट डोर-टू-डोर यात्रा सेवाएँ दी जा रही हैं। दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की 1,500 बसें भी इस लास्ट-माइल नेटवर्क को सहयोग दे रही हैं। वर्तमान में 126 मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग सुविधा उपलब्ध है, जिससे यात्री अपना वाहन छोड़कर मेट्रो से आगे की यात्रा कर सकते हैं।
डिजिटल टिकटिंग और मेट्रो सारथी ऐप
टिकट काउंटर पर भीड़ घटाने के लिए DMRC ने कई डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए हैं — व्हाट्सऐप टिकट, नेशनल मोबिलिटी कार्ड और ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) इनमें प्रमुख हैं। मेट्रो सारथी ऐप अब एक पूरी तरह इंटीग्रेटेड ट्रैवल प्लेटफॉर्म के रूप में काम करता है, जिसके ज़रिए यात्री मेट्रो टिकट, ऑटो-रिक्शा, बाइक टैक्सी और स्मार्ट डोर-टू-डोर सेवाएँ एक ही इंटरफेस से बुक कर सकते हैं — फर्स्ट माइल से लास्ट माइल तक की पूरी यात्रा एक ट्रांजैक्शन में।
आगे की राह
अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप के विस्तार और बहुस्तरीय लास्ट-माइल नेटवर्क के साथ DMRC दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन परिदृश्य को नई दिशा देने की कोशिश में है। यदि यात्री संख्या में अपेक्षित वृद्धि होती है, तो यह मॉडल अन्य महानगरों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है।