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मुरादाबाद में छह कुत्तों ने बच्ची पर किया हमला, सिर-गले पर चोटें; अस्पताल में हालत स्थिर

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मुरादाबाद में छह कुत्तों ने बच्ची पर किया हमला, सिर-गले पर चोटें; अस्पताल में हालत स्थिर

सारांश

मुरादाबाद में पिता को खाना देने गई एक बच्ची को छह कुत्तों ने सिर और गले पर काट लिया। अन्य बच्चे भाग निकले, लेकिन वह वहीं रह गई। अस्पताल में उपचार के बाद हालत स्थिर, पर इलाके में दहशत बरकरार।

मुख्य बातें

मुरादाबाद में 17 मई को छह आवारा कुत्तों ने एक बच्ची पर हमला किया।
बच्ची के सिर और गले समेत शरीर के कई हिस्सों पर चोटें आईं।
बच्ची अस्पताल में भर्ती है; डॉक्टरों के उपचार के बाद हालत स्थिर बताई जा रही है।
घटना के वक्त वहाँ मौजूद छह अन्य बच्चे भाग निकले, यह बच्ची रुकी रह गई।
इलाके के निवासियों में आवारा कुत्तों को लेकर भय का माहौल , प्रशासन से कार्रवाई की माँग।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में 17 मई को एक मासूम बच्ची उस समय गंभीर रूप से घायल हो गई जब छह आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। बच्ची अपने पिता को खेत में खाना देने गई थी और इसी दौरान बागान में गिरे आम उठाने लगी, तभी वहाँ मौजूद कुत्तों ने उसे निशाना बनाया। सिर और गले पर चोटें आने के बाद बच्ची को नाजुक हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों के उपचार के बाद अब उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

हमले का पूरा घटनाक्रम

परिजन इमरान के अनुसार, बच्ची अपने पिता को खाना देने के बाद बागान में गिरे आम उठाने लगी। उस समय वहाँ छह अन्य बच्चे भी मौजूद थे, लेकिन कुत्तों को देखकर वे सभी भाग गए। यह बच्ची वहीं रुकी रह गई और छह कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्ची के शरीर के कई हिस्सों पर काटा, जिनमें सिर और गला विशेष रूप से प्रभावित हुए।

बच्ची की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुँचे और उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया। इमरान ने बताया, 'बच्ची कुत्तों के हमले में बुरी तरह जख्मी हो चुकी थी, लेकिन डॉक्टरों के समुचित उपचार के बाद अब उसकी हालत स्थिर है, जिससे हम राहत की साँस ले पा रहे हैं।'

इलाके में दहशत का माहौल

इस हमले के बाद आसपास के निवासियों में आवारा कुत्तों को लेकर भय और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि जिस तरह इन कुत्तों ने एक मासूम बच्ची को निशाना बनाया, आने वाले दिनों में ये अन्य लोगों पर भी हमला कर सकते हैं। इलाके में इस बात पर चर्चा है कि इन आवारा कुत्तों से निजात पाने के लिए प्रशासन को क्या कदम उठाने चाहिए।

आम जनता पर असर

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं। बच्चे और बुजुर्ग इन हमलों में सबसे अधिक असुरक्षित होते हैं। स्थानीय निवासियों ने नगर निकाय और जिला प्रशासन से माँग की है कि आवारा पशुओं के प्रबंधन के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ।

बच्ची की मौजूदा स्थिति

फिलहाल बच्ची अस्पताल में भर्ती है और डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। परिजनों के अनुसार उसकी हालत स्थिर है। चिकित्सकों द्वारा आगे की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो नगर निकायों की पशु नियंत्रण नीतियों की विफलता को उजागर करती है। बच्चे और बुजुर्ग इन हमलों में सबसे अधिक असुरक्षित हैं, फिर भी प्रशासनिक प्रतिक्रिया अक्सर घटना के बाद की होती है, न कि निवारक। जब तक नगर पालिकाएँ सत्यापन-योग्य पशु जनगणना और व्यवस्थित नसबंदी कार्यक्रम लागू नहीं करतीं, ऐसी घटनाएँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुरादाबाद में कुत्तों ने बच्ची पर हमला कब और कहाँ किया?
यह घटना 17 मई को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक बागान के पास हुई, जहाँ बच्ची अपने पिता को खेत में खाना देने गई थी। वहाँ गिरे आम उठाते समय छह कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया।
बच्ची की अभी क्या हालत है?
अस्पताल में भर्ती बच्ची की हालत डॉक्टरों के उपचार के बाद स्थिर बताई जा रही है। परिजन इमरान के अनुसार वह अभी भी अस्पताल में है और चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।
कुत्तों ने बच्ची के शरीर के किन हिस्सों पर हमला किया?
परिजनों के अनुसार कुत्तों ने बच्ची के सिर और गले पर हमला किया, साथ ही शरीर के कई अन्य हिस्सों पर भी चोटें आईं। हमला इतना गंभीर था कि उसे नाजुक हालत में अस्पताल ले जाना पड़ा।
इस घटना के बाद इलाके में क्या स्थिति है?
घटना के बाद आसपास के निवासियों में आवारा कुत्तों को लेकर भय और दहशत का माहौल है। लोगों को आशंका है कि ये कुत्ते आगे भी हमले कर सकते हैं, और स्थानीय लोग प्रशासन से ठोस कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।
क्या घटना के समय वहाँ और बच्चे मौजूद थे?
हाँ, परिजनों के अनुसार घटनास्थल पर उस समय छह अन्य बच्चे भी थे। कुत्तों को देखकर वे सभी भाग निकले, लेकिन यह बच्ची वहीं रुकी रह गई, जिसके कारण वह हमले का शिकार हुई।
राष्ट्र प्रेस
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