झालावाड़ में आवारा कुत्तों का हमला: 2 साल की मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत, परिवार टूटा

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झालावाड़ में आवारा कुत्तों का हमला: 2 साल की मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत, परिवार टूटा

सारांश

राजस्थान के झालावाड़ में तड़के 5 बजे आवारा कुत्तों के झुंड ने 2 साल की मासूम बच्ची को 50 मीटर तक घसीटा और बुरी तरह नोच डाला। अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह घटना आवारा पशु नियंत्रण में प्रशासनिक विफलता की एक और त्रासद मिसाल है।

मुख्य बातें

झालावाड़ के 'बालाजी की छतरी' के पास 8 मई को तड़के 5 बजे आवारा कुत्तों ने 2 वर्षीय बच्ची पर हमला किया।
7 से 8 कुत्तों के झुंड ने बच्ची को 50 मीटर तक घसीटा और बुरी तरह घायल कर दिया।
बच्ची को जिला अस्पताल, झालावाड़ ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया।
बच्ची के मामा के अनुसार इलाके में 10 से अधिक कुत्ते झुंड में रहते हैं और पहले भी एक बच्चे पर हमला हो चुका है।
स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक आवारा कुत्ते हैं; प्रशासन की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं।

राजस्थान के झालावाड़ में 8 मई को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब आवारा कुत्तों के एक झुंड ने 2 वर्षीय एक मासूम बच्ची पर हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया। जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में भय और आक्रोश की लहर फैला दी है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हमला

यह दर्दनाक घटना झालावाड़ के 'बालाजी की छतरी' के समीप स्थित एक मैदान में शुक्रवार तड़के करीब 5 बजे घटी। इस स्थान पर ढोल बजाकर जीवनयापन करने वाले खानाबदोश परिवारों की कच्ची बस्तियाँ (टापरियाँ) हैं। इन्हीं में से एक परिवार की 2 वर्षीय बच्ची उस समय अपनी झुग्गी के बाहर मौजूद थी।

बच्ची के पिता राजू लाल ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि वह अपनी बच्ची के साथ सो रहे थे और पता नहीं चला कि वह कब बाहर चली गई। उन्होंने सोचा कि बच्ची अपनी माँ के पास होगी, लेकिन वह वहाँ भी नहीं थी। इसी दौरान कुत्ते बच्ची को घसीटकर ले गए। जब माँ बाहर आई, तो उसने देखा कि कुत्तों का झुंड बच्ची पर हमला कर रहा है।

7-8 कुत्तों ने 50 मीटर तक घसीटा

परिजनों के अनुसार, 7 से 8 आवारा कुत्तों ने एक साथ बच्ची पर हमला बोल दिया और उसे घसीटते हुए करीब 50 मीटर दूर ले गए। पिता राजू लाल ने जैसे ही यह देखा, वे तुरंत कुत्तों के पीछे दौड़े। परिवार और आसपास के लोगों ने मिलकर किसी तरह कुत्तों को भगाया, लेकिन तब तक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी और कुत्तों ने उसे बुरी तरह नोच डाला था।

अस्पताल में मृत घोषित

घटना के तुरंत बाद परिजन बच्ची को लेकर जिला अस्पताल, झालावाड़ पहुँचे, जहाँ डॉक्टरों ने जाँच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुखद खबर के बाद परिवार में मातम छा गया और परिजन पूरी तरह टूट गए।

इलाके में आवारा कुत्तों का पुराना आतंक

बच्ची के मामा ने बताया कि इस इलाके में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है। उनके अनुसार, 10 से अधिक कुत्ते हमेशा झुंड बनाकर घूमते रहते हैं और इससे पहले भी एक बच्चे पर हमला हो चुका है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक आवारा कुत्ते हैं, जिनकी वजह से हमेशा भय का माहौल रहता है — खासकर छोटे बच्चों को लेकर। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राजस्थान सहित देश के कई राज्यों में आवारा पशुओं की समस्या और उनके हमलों को लेकर प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठते रहे हैं।

आगे क्या होगा

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है और वे आवारा कुत्तों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर नगर निकायों की जिम्मेदारी और आवारा पशु नियंत्रण नीति की विफलता को उजागर करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसी मौतें होती रहेंगी। झालावाड़ की यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सबसे कमज़ोर तबके — खानाबदोश और झुग्गी में रहने वाले परिवार — इस लापरवाही की सबसे बड़ी कीमत चुकाते हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झालावाड़ में आवारा कुत्तों के हमले में कौन मारा गया?
झालावाड़ के 'बालाजी की छतरी' के पास रहने वाले एक खानाबदोश परिवार की 2 वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हुई। 8 मई को तड़के करीब 5 बजे आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला किया और जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
झालावाड़ में कितने कुत्तों ने हमला किया?
परिजनों के अनुसार 7 से 8 आवारा कुत्तों ने एक साथ बच्ची पर हमला किया और उसे घसीटते हुए करीब 50 मीटर दूर ले गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में दो दर्जन से अधिक आवारा कुत्ते हैं।
क्या इस इलाके में पहले भी कुत्तों के हमले हुए हैं?
हाँ, बच्ची के मामा के अनुसार इस इलाके में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक है और इससे पहले भी एक बच्चे पर हमला हो चुका है। 10 से अधिक कुत्ते हमेशा झुंड बनाकर घूमते रहते हैं।
घटना के बाद प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?
अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय लोग आवारा कुत्तों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।
आवारा कुत्तों के हमलों को रोकने के लिए क्या नियम हैं?
भारत में पशु जन्म नियंत्रण (ABC) कार्यक्रम और सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देश मौजूद हैं, जिनके तहत नगर निकायों को आवारा पशुओं की नसबंदी और टीकाकरण सुनिश्चित करना होता है। हालाँकि, ज़मीनी स्तर पर इनका क्रियान्वयन अक्सर अपर्याप्त रहता है।
राष्ट्र प्रेस
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