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तेलंगाना में आवारा कुत्तों के हमले में तीन साल की बच्ची की मृत्यु से फैली दहशत

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तेलंगाना में आवारा कुत्तों के हमले में तीन साल की बच्ची की मृत्यु से फैली दहशत

सारांश

तेलंगाना के पेद्दापल्ली जिले में आवारा कुत्तों के हमले से एक तीन साल की बच्ची की मौत हो गई। घटना ने स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश पैदा किया है और सुरक्षा के मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

मुख्य बातें

दिव्या बेहरा की मौत से समुदाय में आक्रोश है।
आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं।
स्थानीय अधिकारियों को सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने चाहिए।

हैदराबाद, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना के पेद्दापल्ली जिले में सोमवार को एक हृदय विदारक घटना घटित हुई, जहां आवारा कुत्तों के समूह ने एक तीन वर्ष की मासूम बच्ची को नोच-नोचकर मार डाला। यह दुखद घटना सुल्तानाबाद मंडल के कतनापल्ली गांव में तब हुई जब बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी।

सूत्रों के अनुसार, आवारा कुत्तों ने अचानक बच्ची पर हमला किया और उसे गर्दन से पकड़कर नजदीकी खेतों में खींच ले गए। स्थानीय निवासी जब तक मौके पर पहुंचे और कुत्तों को भगाया, तब तक मासूम बच्ची ने गंभीर चोटों के कारण दम तोड़ दिया। मृतक बच्ची की पहचान दिव्या बेहरा के रूप में हुई है; उसके माता-पिता ओडिशा के प्रवासी श्रमिक हैं और इस क्षेत्र के एक ईंट भट्ठे में काम करते हैं।

इस घटना के बाद, स्थानीय निवासियों और नागरिकों में भारी आक्रोश है। लोगों ने नगर पालिकाओं और संबंधित अधिकारियों से आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे को नियंत्रित करने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। यह घटना राजन्ना सिरसिला जिले में एक सात साल के लड़के की मौत के केवल एक सप्ताह बाद हुई है।

इससे पहले, 1 अप्रैल को आदित्य नाम का एक बच्चा अपने घर के सामने खेलते समय कुत्तों का शिकार हुआ था। कुत्तों से बचने की कोशिश में वह गिर गया था, जिससे उसके सिर में गंभीर आंतरिक चोट आई और मस्तिष्क में खून का थक्का जम गया। हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 16 अप्रैल को उसकी मौत हो गई थी।

तेलंगाना में पिछले कुछ वर्षों में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जिन्होंने सार्वजनिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जुलाई 2024 में भी हैदराबाद के जवाहर नगर इलाके में एक 18 महीने के बच्चे को आवारा कुत्तों ने घर के बाहर से खींच लिया था और उसे बुरी तरह घायल कर दिया था, जिससे उसकी मृत्यु हो गई थी।

इसी तरह, मई 2024 में विकाराबाद जिले के तांडूर शहर में एक पांच महीने के बच्चे की जान उस समय चली गई जब एक आवारा कुत्ता घर के भीतर घुस गया और सोते हुए मासूम पर हमला कर दिया था। पिछले साल जुलाई में नेरेडमेट इलाके में भी तीसरी कक्षा के छात्र जाधव प्रसाद की कुत्तों के हमले में मृत्यु हो गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने राज्य में भय का माहौल पैदा कर दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इससे समुदाय में भय का माहौल भी बना है। स्थानीय अधिकारियों को तत्काल प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
9 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मृत बच्ची का नाम क्या था?
मृत बच्ची का नाम दिव्या बेहरा था।
क्या स्थानीय निवासियों ने इस पर प्रतिक्रिया दी?
हाँ, स्थानीय निवासियों में इस घटना के बाद भारी आक्रोश है और उन्होंने अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है।
क्या यह पहली बार है कि ऐसा हुआ है?
नहीं, तेलंगाना में पिछले कुछ वर्षों में ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं।
आवारा कुत्तों के खतरे को लेकर क्या कदम उठाए जाने चाहिए?
स्थानीय अधिकारियों को आवारा कुत्तों के नियंत्रण के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
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