27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या झारखंड के गोइलकेरा में उन्मत्त हाथी ने मचाया कोहराम और ली जानें?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या झारखंड के गोइलकेरा में उन्मत्त हाथी ने मचाया कोहराम और ली जानें?

सारांश

झारखंड के गोइलकेरा में एक जंगली हाथी ने पिछले तीन दिनों में पांच लोगों की जान ली। घटना ने क्षेत्र में आतंक और आक्रोश फैला दिया है। क्या प्रशासन इस समस्या का समाधान कर पाएगा?

मुख्य बातें

पांच लोगों की जानें गईं।
ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल।
विशेषज्ञ टीम की तैनाती।
हाथियों के हमलों की 1740 घटनाएं रिकार्ड की गईं।

चाईबासा, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा प्रखंड में एक उन्मत्त जंगली हाथी ने कोहराम मचाया है। पिछले तीन दिनों में इस हाथी के हमले में पांच लोगों की जान चली गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है।

ताजा घटना सोमवार की रात की है, जब इस हाथी ने एक परिवार पर हमला कर एक व्यक्ति और उसके मासूम बच्चों की जान ले ली। बताया गया कि इस हाथी ने कुंदरा बाहदां के घर पर हमला किया। उस समय परिवार के लोग सो रहे थे। हाथी ने घर तोड़ना शुरू किया तो परिवार के सदस्य भागने लगे, लेकिन उसने कुंदरा बाहदा, उनके पुत्र कोदमा बाहदा और पुत्री सामू बाहदा को कुचलकर मार डाला।

भागने के दौरान परिवार की एक अन्य बच्ची जिंगी बाहदा गंभीर रूप से घायल हो गई है। उसके सिर में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी हालत नाजुक देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पड़ोसी राज्य ओडिशा के राउरकेला रेफर कर दिया है।

इससे एक दिन पहले रविवार देर रात गोइलकेरा प्रखंड के बिला कुंडूकोचा गांव में 56 वर्षीय महिला जोंगा कुई की हाथी के हमले में मौत हो गई थी। बताया गया कि महिला अपने घर में सो रही थी, तभी हाथी ने घर पर हमला कर दिया और उसे कुचल दिया। इस घटना में उसके पति चंद्रमोहन लागुरी किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।

वहीं, शुक्रवार की रात चाईबासा के सैयतवा वन क्षेत्र स्थित एक बस्ती में खलिहान में सो रहे 13 वर्षीय रेंगा कैयाम को हाथियों ने कुचलकर मार डाला था। वन विभाग के अनुसार, इस दंतैल हाथी की गतिविधियां पिछले कई दिनों से गोइलकेरा और आसपास के इलाकों में देखी जा रही हैं। हाथी को जंगल की ओर खदेड़ने और स्थिति पर काबू पाने के लिए सोमवार को पश्चिम बंगाल से 10 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया है।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिमी सिंहभूम जिले में पिछले दो महीने में हाथियों के कुचलने से कुल 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से छह मौतें अकेले गोइलकेरा प्रखंड में दर्ज की गई हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में भय के साथ-साथ भारी आक्रोश है।

ग्रामीणों ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से हाथियों के आतंक से स्थायी निजात दिलाने तथा मृतकों और घायलों के परिवारों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। भारतीय वन्यजीव संस्थान की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में वर्ष 2000 से 2023 के बीच हाथियों के हमलों की 1740 घटनाएं सामने आईं, जिनमें 1340 लोगों की मौत हुई। वहीं, वर्ष 2023 से 2025 के बीच करीब 200 लोगों की जान हाथियों के हमलों में जा चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह वन्यजीव संरक्षण के मुद्दों को भी उजागर करती है। ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और वन्यजीवों के साथ संतुलन बनाना आवश्यक है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोइलकेरा में हाथी के हमले की घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं?
हाथियों के आवास में कमी और मानव-वन्यजीव संघर्ष के कारण ये हमले बढ़ रहे हैं।
क्या प्रशासन ने इस समस्या का समाधान किया है?
प्रशासन ने विशेषज्ञ टीम को बुलाया है, लेकिन स्थायी समाधान की आवश्यकता है।
हाथियों के हमले से प्रभावित परिवारों को मुआवजा कब मिलेगा?
स्थानीय प्रशासन ने मुआवजे का आश्वासन दिया है, लेकिन प्रक्रिया में समय लग सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 12 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले