17 जुलाई 2026
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अमरावती: आवारा कुत्ते ने 9 साल की बच्ची पर किया हमला, चेहरे पर गंभीर चोटें, प्लास्टिक सर्जरी की संभावना

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अमरावती: आवारा कुत्ते ने 9 साल की बच्ची पर किया हमला, चेहरे पर गंभीर चोटें, प्लास्टिक सर्जरी की संभावना

सारांश

महाराष्ट्र के अमरावती में 9 साल की बच्ची पर आवारा कुत्ते के हमले ने चिंता बढ़ा दी है। चेहरे पर गंभीर चोटें और टिशू क्षति के चलते प्लास्टिक सर्जरी की नौबत आ सकती है। रेबीज की जाँच जारी है और बच्ची की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

मुख्य बातें

अमरावती के रुक्मिणी नगर स्थित सिद्धेश्वरी अपार्टमेंट में 17 जुलाई 2026 को आवारा कुत्ते ने 9 वर्षीय बच्ची पर हमला किया।
बच्ची के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं और काफी मात्रा में टिशू नष्ट हो गया है।
आनंद काकानी के अनुसार बच्ची को प्लास्टिक सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।
बच्ची की हालत फिलहाल स्थिर है; शरीर के अन्य अंग सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं।
हमला बिना किसी उकसावे के हुआ बताया गया है; रेबीज संक्रमण की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जाँच जारी है।

महाराष्ट्र के अमरावती में 17 जुलाई 2026 को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब रुक्मिणी नगर स्थित सिद्धेश्वरी अपार्टमेंट में एक आवारा कुत्ते ने 9 वर्षीय बच्ची पर अचानक हमला कर दिया। हमले में बच्ची के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है।

हमले की प्रकृति और चोटों का विवरण

इलाज कर रहे चिकित्सक डॉ. आनंद काकानी ने बताया कि यह हमला बेहद गंभीर था। कुत्ते के काटने से बच्ची के चेहरे का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ है और काफी मात्रा में टिशू नष्ट हो गया है। डॉ. काकानी के अनुसार, चेहरे की क्षति को देखते हुए बच्ची को भविष्य में प्लास्टिक सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।

बच्ची की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति

डॉ. काकानी ने बताया कि फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर है। हमले के कारण उसे कुछ मात्रा में रक्त की कमी हुई है, लेकिन शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंग सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं। चिकित्सकों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है और आगे के उपचार की रणनीति तैयार की जा रही है।

रेबीज संक्रमण की आशंका

डॉ. काकानी ने स्पष्ट किया कि रेबीज संक्रमण के बारे में अभी निश्चित रूप से कुछ कहना संभव नहीं है। इसके लिए पहले यह जाँचना आवश्यक होगा कि हमला करने वाला कुत्ता रेबीज से संक्रमित था या नहीं। उन्होंने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार यह हमला बिना किसी उकसावे के हुआ, इसलिए रेबीज की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। यदि कुत्ते में रेबीज की पुष्टि होती है, तो बच्ची के स्वास्थ्य पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।

आवारा कुत्तों की समस्या और व्यापक संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में आई है जब महाराष्ट्र सहित देश के कई शहरों में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि आवासीय परिसरों के आसपास आवारा पशुओं की बढ़ती मौजूदगी नागरिक प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। स्थानीय निकायों पर पशु नियंत्रण उपायों को लेकर दबाव बढ़ता जा रहा है। फिलहाल बच्ची को आवश्यक चिकित्सा देखभाल दी जा रही है और डॉक्टर उसकी स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे नगर निकाय वर्षों से नज़रअंदाज़ करते आए हैं। सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के बावजूद पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम अधिकांश शहरों में कागज़ों तक सीमित हैं। एक 9 साल की बच्ची को प्लास्टिक सर्जरी की नौबत आना और रेबीज का खतरा मँडराना — यह सवाल उठाता है कि प्रशासनिक जवाबदेही कब तय होगी। जब तक नगर पालिकाएँ सक्रिय पशु प्रबंधन को प्राथमिकता नहीं देतीं, ऐसी घटनाएँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरावती में आवारा कुत्ते के हमले में क्या हुआ?
17 जुलाई 2026 को अमरावती के रुक्मिणी नगर स्थित सिद्धेश्वरी अपार्टमेंट में एक आवारा कुत्ते ने 9 साल की बच्ची पर हमला कर दिया। बच्ची के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बच्ची की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति क्या है?
डॉ. आनंद काकानी के अनुसार बच्ची की हालत फिलहाल स्थिर है। उसे कुछ मात्रा में रक्त की कमी हुई है, लेकिन शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंग सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। चिकित्सकों की टीम उसकी निरंतर निगरानी कर रही है।
क्या बच्ची को प्लास्टिक सर्जरी की ज़रूरत होगी?
इलाज कर रहे डॉ. आनंद काकानी ने बताया कि हमले से चेहरे का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ है और काफी टिशू नष्ट हो गया है। इस क्षति को देखते हुए प्लास्टिक सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है, हालाँकि अंतिम निर्णय आगे के उपचार की प्रगति के बाद लिया जाएगा।
क्या हमला करने वाले कुत्ते में रेबीज था?
डॉक्टरों के अनुसार अभी यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता। हमला बिना किसी उकसावे के हुआ बताया गया है, इसलिए रेबीज की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कुत्ते की जाँच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
आवारा कुत्तों के हमलों को रोकने के लिए क्या उपाय होने चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार नगर निकायों को पशु जन्म नियंत्रण (ABC) कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करना होगा। आवासीय क्षेत्रों में आवारा पशुओं की नियमित निगरानी और टीकाकरण अभियान चलाना इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम हैं।
राष्ट्र प्रेस
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