26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कल्याण में आवारा कुत्ते के काटने के बाद बैंक कर्मचारी ने आत्महत्या की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कल्याण में आवारा कुत्ते के काटने के बाद बैंक कर्मचारी ने आत्महत्या की

सारांश

कल्याण में एक बैंक कर्मचारी ने आवारा कुत्ते के काटने के बाद रेबीज के डर से आत्महत्या की। यह घटना समाज में चिंता और भय का माहौल बना रही है। जानें इस घटना के पीछे की वजह और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

रेबीज एक जानलेवा बीमारी है जो आवारा कुत्तों के काटने से फैल सकती है।
मानसिक तनाव आत्महत्या का एक बड़ा कारण हो सकता है।
आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
स्थानीय प्रशासन को इस समस्या को गंभीरता से लेना होगा।
समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।

कल्याण, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के कल्याण पूर्व क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक बैंक कर्मचारी ने आवारा कुत्ते के काटने के बाद रेबीज के भय से आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और स्थानीय निवासियों में भय का माहौल बन गया है।

मृतक की पहचान ऐस विश्वनाथ अमीन के तौर पर की गई है। वह कल्याण पूर्व के तिसगांव नाका स्थित सहजीवन सोसायटी में निवास करता था और एक निजी बैंक में वरिष्ठ पद पर कार्यरत था।

परिवारिक सूत्रों और स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ दिन पहले ऐस को एक आवारा कुत्ते ने उसके पैर में काट लिया था। इस घटना के बाद उसने चिकित्सकीय परामर्श लिया और रेबीज का टीका भी लगवाया। इसके बावजूद, वह मानसिक तनाव में रहने लगा और उसे यह डर सताने लगा कि कहीं उसे रेबीज न हो जाए। उसकी चिंता इस बात को लेकर भी थी कि यदि उसे यह बीमारी हो गई तो उसके परिवार के अन्य सदस्य भी प्रभावित हो सकते हैं। इसी भय के चलते उसने आत्महत्या करने का निर्णय लिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले को आकस्मिक मृत्यु के रूप में दर्ज कर जांच की जा रही है।

इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या के प्रति लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद महेश गायकवाड़ ने नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त हर्षल गायकवाड़ से चर्चा कर इस समस्या का समाधान निकालने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या रेबीज एक गंभीर बीमारी है?
हाँ, रेबीज एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है जो कुत्तों, चमगादड़ों और अन्य संक्रमित जानवरों के काटने से फैलती है।
आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से क्या खतरा है?
आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से न केवल कुत्ते के काटने के मामले बढ़ते हैं, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी खतरा बनता है।
क्या आत्महत्या के मामलों में मानसिक स्वास्थ्य की भूमिका होती है?
हाँ, मानसिक स्वास्थ्य का व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। चिंता और तनाव अक्सर आत्महत्या के मामलों का कारण बनते हैं।
रेबीज से बचने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?
रेबीज से बचने के लिए, कुत्तों के काटने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेना और रेबीज का टीका लगवाना आवश्यक है।
क्या सरकार आवारा कुत्तों की समस्या के लिए कदम उठा रही है?
जी हाँ, कई स्थानों पर सरकार आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए कदम उठा रही है, लेकिन इसके लिए स्थानीय निकायों को सक्रिय होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले