असम में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार: हिमंता सरमा ने तीन शहरों में हाई परफॉर्मेंस सेंटर और आर्चरी अकादमी का किया ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार, 17 जुलाई को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार खेल बुनियादी ढाँचे, प्रशिक्षण सुविधाओं और उपकरणों में निरंतर निवेश कर रही है, जिससे युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को पहचानकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। सोशल मीडिया पर साझा की गई एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है, जो खिलाड़ियों को जमीनी स्तर से वैश्विक मंच तक पहुँचाए।
मुख्यमंत्री का विज़न: स्थानीय मैदान से वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री सरमा ने अपनी पोस्ट में कहा, 'हम खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें वैश्विक मंच पर अपने सपने पूरे करने में मदद करने के लिए अपने युवाओं में निवेश कर रहे हैं। यह काम बुनियादी ढाँचे, प्रशिक्षण और उपकरणों में मदद के ज़रिए किया जा रहा है।' उन्होंने इस पहल को राज्य की युवा सशक्तीकरण रणनीति का अभिन्न अंग बताया।
हाई परफॉर्मेंस सेंटर और प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएँ
मुख्यमंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सरकार एथलीटों को वैज्ञानिक कोचिंग और चोट पुनर्वास की सुविधाएँ देने के लिए तीन शहरों में 'हाई परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स ट्रेनिंग और रिहैबिलिटेशन सेंटर' स्थापित कर रही है। इसके साथ ही, राधा गोविंद बरुआ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का पुनर्विकास किया जा रहा है और अमीनगांव स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक ओपन स्टेडियम का निर्माण प्रगति पर है।
अपर असम में खेल सुविधाओं को सुदृढ़ करने और बड़े खेल आयोजनों की मेज़बानी के लिए डिब्रूगढ़ स्थित खानिकर स्टेडियम का विस्तार भी किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, सोनारी में एक आर्चरी अकादमी का निर्माण किया जा रहा है, जो क्षेत्र की पारंपरिक तीरंदाज़ी शक्ति को संस्थागत रूप देगी और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए एथलीट तैयार करेगी।
जमीनी स्तर पर भागीदारी: युवा क्लबों को खेल सामग्री
राज्य सरकार सभी विधानसभा क्षेत्रों में युवा क्लबों को खेल उपकरण उपलब्ध करा रही है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में खेल भागीदारी को प्रोत्साहित करना और होनहार प्रतिभाओं की शुरुआती पहचान करना है। गौरतलब है कि यह पहल केवल शहरी खेल ढाँचे तक सीमित न रहकर राज्य के हर कोने तक पहुँचने की कोशिश करती है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में खेल प्रतिभाओं की बढ़ती पहचान राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी है। सरमा सरकार आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और खेल संसाधनों तक व्यापक पहुँच के ज़रिए असम से एथलीटों की एक सशक्त पाइपलाइन तैयार करने के लक्ष्य पर काम कर रही है।