असम CM हिमंता बिस्वा सरमा की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात, राज्य के विकास रोडमैप पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार, 23 मई 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। इस बैठक में राज्य के आर्थिक विकास, बुनियादी ढाँचे के विस्तार और निवेश की संभावनाओं सहित असम के भविष्य के विकास रोडमैप पर विस्तृत चर्चा हुई। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब असम खुद को पूर्वोत्तर भारत के एक उभरते आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
बैठक में क्या हुआ
मुख्यमंत्री सरमा ने वित्त मंत्री सीतारमण को पिछले पाँच वर्षों में असम को मिले केंद्रीय समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। बैठक में मुख्य सचिव डॉ. रवि कोटा और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. केके द्विवेदी भी उपस्थित थे। सूत्रों के अनुसार, चर्चाओं में वित्तीय सहायता, चल रही विकास परियोजनाओं और भविष्य के निवेश के अवसरों से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
बैठक के बाद मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक संदेश में कहा कि उन्होंने वित्त मंत्री को 'असम को दिए गए लगातार समर्थन' के लिए धन्यवाद दिया और आने वाले वर्षों के लिए राज्य की विकास प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस चर्चा का मूल उद्देश्य असम की विकास यात्रा के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करना था।
असम के विकास की प्राथमिकताएँ
राज्य सरकार वर्तमान में सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश को आगे बढ़ा रही है। इसके अतिरिक्त, सेमीकंडक्टर निर्माण, हरित ऊर्जा, पर्यटन और कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को बेहतर बनाने और निजी निवेश आकर्षित करने के प्रयास भी जारी हैं।
केंद्र-राज्य समन्वय का संकेत
यह बैठक असम सरकार और केंद्र सरकार के बीच बढ़ते समन्वय को रेखांकित करती है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में असम ने केंद्रीय योजनाओं के तहत बुनियादी ढाँचे में उल्लेखनीय निवेश हासिल किया है। राज्य सरकार ने बार-बार यह रेखांकित किया है कि दीर्घकालिक आर्थिक बदलाव के लिए केंद्र का निरंतर सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
आगे की राह
अधिकारियों के अनुसार, इस मुलाकात से असम के विकास कार्यक्रमों को और गति मिलने की उम्मीद है। राज्य पूर्वोत्तर में एक प्रमुख आर्थिक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मज़बूत करने की कोशिश में है, और केंद्र के साथ इस स्तर की नियमित बातचीत उस दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।