असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने विकास परियोजनाओं की समीक्षा की, ₹5 लाख करोड़ निवेश का 60% कार्यान्वयन चरण में

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असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने विकास परियोजनाओं की समीक्षा की, ₹5 लाख करोड़ निवेश का 60% कार्यान्वयन चरण में

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक साथ तीन बड़े मोर्चों — बिजली, धार्मिक पर्यटन और औद्योगिक निवेश — की समीक्षा की। ₹5 लाख करोड़ के निवेश का 60% पहले ही कार्यान्वयन चरण में है। अब सवाल यह है कि शेष 40% कब जमीन पर उतरेगा।

मुख्य बातें

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 14 मई 2026 को राज्य की प्रमुख विकास परियोजनाओं की समीक्षा की।
राज्य की बिजली माँग इस गर्मी में 2,950 मेगावाट से बढ़कर लगभग 3,100 मेगावाट होने का अनुमान; तीनों पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को निर्बाध आपूर्ति के निर्देश।
कामाख्या एक्सेस कॉरिडोर की अधिकांश कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी; निर्माण में जल्द तेजी आने की उम्मीद।
'एडवांटेज असम 2.0' के तहत फरवरी 2025 में मिले ₹5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों में से 60% से अधिक कार्यान्वयन के उन्नत चरण में।
CM सरमा ने उद्योग जगत के हितधारकों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने और कार्यान्वयन प्रक्रिया तेज करने का संकल्प लिया।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 14 मई 2026 को राज्य की प्रमुख विकास परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की और स्पष्ट किया कि आने वाले महीनों में कार्यान्वयन की रफ्तार और तेज की जाएगी। बिजली आपूर्ति, धार्मिक पर्यटन अवसंरचना और औद्योगिक निवेश — तीनों मोर्चों पर की गई इस समीक्षा की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।

बिजली आपूर्ति: बढ़ती माँग से निपटने की तैयारी

मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि पिछले वर्ष असम की अधिकतम बिजली माँग 2,950 मेगावाट रही थी, जो इस गर्मी में बढ़कर लगभग 3,100 मेगावाट होने का अनुमान है। उन्होंने राज्य की तीनों पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिए थर्मल, सोलर और पंप स्टोरेज परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई, जिनका उद्देश्य असम को भविष्य में पावर सरप्लस राज्य बनाना है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब पूर्वोत्तर भारत में बिजली की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।

कामाख्या एक्सेस कॉरिडोर: कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी, निर्माण में आएगी तेजी

माँ कामाख्या मंदिर से जुड़े कामाख्या एक्सेस कॉरिडोर प्रोजेक्ट की प्रगति पर भी मुख्यमंत्री ने चर्चा की। उन्होंने बताया कि अधिकांश कानूनी प्रक्रियाएँ अब पूरी हो चुकी हैं, जिससे आने वाले दिनों में निर्माण कार्य में तेजी आएगी।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य गुवाहाटी स्थित इस प्रसिद्ध शक्तिपीठ में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर पहुँच, सुविधाएँ और अनुभव प्रदान करना है। गौरतलब है कि यह मंदिर देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्यटन केंद्रों में से एक है।

एडवांटेज असम 2.0: ₹5 लाख करोड़ से अधिक निवेश का 60% उन्नत चरण में

मुख्यमंत्री ने 'एडवांटेज असम 2.0' पहल के तहत फरवरी 2025 में प्राप्त ₹5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 60 फीसदी से अधिक निवेश के वादे कार्यान्वयन के उन्नत चरणों में हैं और कुछ तो पहले ही चालू हो चुके हैं।

सरमा ने यह भी घोषणा की कि आने वाले महीनों में वे व्यक्तिगत रूप से उद्योग जगत के दिग्गजों और सभी हितधारकों से संपर्क करेंगे ताकि निवेश पूरी तरह जमीन पर उतर सके। उनके अनुसार एक बार पूरा हो जाने पर ये असम के लिए गेम चेंजर साबित होंगे।

मुख्यमंत्री का संकल्प: नए उत्साह के साथ तेज होगी विकास गति

मुख्यमंत्री सरमा ने पिछले कार्यकाल की उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा, 'पिछले कार्यकाल में हमने सभी क्षेत्रों में जो प्रगति हासिल की है, उससे मैं संतुष्ट हूँ। अब नए उत्साह के साथ, आने वाले दिनों में राज्य की विकास गति को और तेज करने के लिए तत्पर हूँ।'

यह समीक्षा बैठक ऐसे समय में हुई है जब असम सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में औद्योगिक और अवसंरचना विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, निवेश के धरातल पर उतरने की गति राज्य की आर्थिक वृद्धि की असली कसौटी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा शेष 40% और रोज़गार सृजन के सत्यापन योग्य आँकड़ों में है। निवेशक-सम्मेलन-आधारित पहलें अक्सर घोषणाओं और वास्तविक उत्पादन के बीच बड़े अंतर की शिकार होती हैं। कामाख्या कॉरिडोर की कानूनी देरी यह भी बताती है कि धार्मिक पर्यटन अवसंरचना में ज़मीनी अधिग्रहण और मंजूरियाँ अब भी बड़ी बाधा हैं। जब तक स्वतंत्र सत्यापन तंत्र और समयबद्ध रिपोर्टिंग नहीं होती, ये आँकड़े महत्वाकांक्षा का प्रमाण तो हैं, उपलब्धि का नहीं।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एडवांटेज असम 2.0 क्या है और इसकी ताज़ा स्थिति क्या है?
'एडवांटेज असम 2.0' असम सरकार की प्रमुख निवेशक-सम्मेलन पहल है, जिसके तहत फरवरी 2025 में ₹5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार इनमें से 60% से अधिक प्रस्ताव अब कार्यान्वयन के उन्नत चरणों में हैं और कुछ परियोजनाएँ पहले ही चालू हो चुकी हैं।
कामाख्या एक्सेस कॉरिडोर प्रोजेक्ट क्या है और यह कब तक पूरा होगा?
कामाख्या एक्सेस कॉरिडोर गुवाहाटी स्थित माँ कामाख्या मंदिर तक श्रद्धालुओं की बेहतर पहुँच और सुविधाओं के लिए बनाई जा रही अवसंरचना परियोजना है। मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि अधिकांश कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी हो चुकी हैं और आने वाले दिनों में निर्माण कार्य में तेजी आएगी, हालाँकि कोई निश्चित समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है।
असम में इस गर्मी बिजली की स्थिति कैसी रहेगी?
असम की अधिकतम बिजली माँग इस गर्मी में पिछले वर्ष के 2,950 मेगावाट से बढ़कर लगभग 3,100 मेगावाट होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री सरमा ने राज्य की तीनों पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं और कहा है कि राज्य इस माँग को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
असम को पावर सरप्लस बनाने के लिए क्या योजनाएँ हैं?
भविष्य में असम को पावर सरप्लस राज्य बनाने के लिए थर्मल, सोलर और पंप स्टोरेज परियोजनाओं पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री सरमा ने इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और इनके कार्यान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
CM हिमंता बिस्वा सरमा ने निवेश कार्यान्वयन के लिए क्या कदम उठाने की घोषणा की?
मुख्यमंत्री सरमा ने घोषणा की कि वे आने वाले महीनों में व्यक्तिगत रूप से उद्योग जगत के दिग्गजों और सभी हितधारकों से संपर्क करेंगे ताकि निवेश पूरी तरह जमीन पर उतर सके। उन्होंने कार्यान्वयन प्रक्रिया को और तेज करने के निर्देश भी जारी किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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