असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने बिजली परियोजनाओं की समीक्षा की, ऊर्जा बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने के निर्देश

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असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने बिजली परियोजनाओं की समीक्षा की, ऊर्जा बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने के निर्देश

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 14 मई को APDCL, APGCL और AEGCL की परियोजनाओं की समीक्षा की। बढ़ती शहरी और औद्योगिक माँग के बीच थर्मल, सोलर व हाइड्रो उत्पादन में तेज़ी, ग्रिड आधुनिकीकरण और समय पर परियोजना पूर्णता पर ज़ोर दिया गया।

मुख्य बातें

असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने 14 मई 2026 को गुवाहाटी में बिजली क्षेत्र की प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की।
समीक्षा में APDCL , APGCL और AEGCL की उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया।
मुख्यमंत्री ने थर्मल, सोलर और हाइड्रोइलेक्ट्रिक उत्पादन के साथ-साथ ग्रिड बुनियादी ढाँचे के कार्यों में तेज़ी लाने के निर्देश दिए।
पीक डिमांड के समय — विशेषकर शहरी क्षेत्रों और औद्योगिक ज़ोन में — निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने और ट्रांसमिशन व वितरण में होने वाले नुकसान को कम करने को प्राथमिकता दी।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 14 मई 2026 को गुवाहाटी में राज्य के बिजली क्षेत्र की प्रमुख परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा बैठक की। अधिकारियों के अनुसार, इस बैठक में असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (APDCL), असम पावर जेनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (APGCL) और असम इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड कॉर्पोरेशन लिमिटेड (AEGCL) की परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। यह समीक्षा ऐसे समय में हुई है जब राज्य में शहरीकरण और औद्योगिक विस्तार के कारण बिजली की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की मौजूदा पीक बिजली माँग की स्थिति का जायज़ा लिया और पूरे असम में बिजली आपूर्ति के मौजूदा प्रबंधों की समीक्षा की। उन्होंने तीनों बिजली कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों को थर्मल, सोलर और हाइड्रोइलेक्ट्रिक बिजली उत्पादन से जुड़ी परियोजनाओं के साथ-साथ ट्रांसमिशन और ग्रिड बुनियादी ढाँचे के विकास कार्यों में तेज़ी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए।

परियोजनाओं की स्थिति और प्राथमिकताएँ

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को असम भर में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। इनमें उत्पादन क्षमता बढ़ाने, ट्रांसमिशन प्रणाली के आधुनिकीकरण और ट्रांसमिशन व वितरण में होने वाले नुकसान को कम करने के उपाय शामिल थे। अधिकारियों के मुताबिक, बिजली की सर्वाधिक खपत वाले समय में उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष ज़ोर दिया गया — खासकर तेज़ी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों और औद्योगिक ज़ोन में।

समय पर पूर्णता पर बल

मुख्यमंत्री सरमा ने राज्य के ऊर्जा नेटवर्क को सुदृढ़ करने में देरी से बचने के लिए सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने संबंधित विभागों को परियोजनाओं में गति लाने और संसाधनों के कुशल उपयोग के लिए आपसी समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया। साथ ही, चल रहे कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

नवीकरणीय ऊर्जा पर सरकार का ध्यान

सरकार की व्यापक रणनीति के तहत, एक टिकाऊ और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गौरतलब है कि असम सरकार ने हाल के वर्षों में शहरी और ग्रामीण — दोनों क्षेत्रों में बिजली कनेक्टिविटी और बुनियादी ढाँचे को बेहतर बनाने के लिए अनेक पहल की हैं।

आगे की राह

अधिकारियों के अनुसार, APDCL, APGCL और AEGCL के अंतर्गत चल रही परियोजनाओं से आने वाले वर्षों में राज्य की उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। यह समीक्षा असम के ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधार की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि तीन बड़ी बिजली कंपनियों के बीच समन्वय की खाई कितनी जल्दी पाटी जाएगी। राज्य में ट्रांसमिशन और वितरण हानि लंबे समय से एक अनसुलझी चुनौती रही है, और निर्देश देना व क्रियान्वयन सुनिश्चित करना — दोनों अलग-अलग बातें हैं। शहरीकरण की रफ़्तार और औद्योगिक विस्तार को देखते हुए, यदि परियोजनाएँ समय पर पूरी नहीं हुईं तो पीक डिमांड का संकट गहरा सकता है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने किन बिजली कंपनियों की समीक्षा की?
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 14 मई 2026 को असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (APDCL), असम पावर जेनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (APGCL) और असम इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड कॉर्पोरेशन लिमिटेड (AEGCL) की परियोजनाओं की समीक्षा की। इन तीनों कंपनियों के अधिकारियों ने उन्हें चल रही परियोजनाओं की स्थिति से अवगत कराया।
असम में बिजली परियोजनाओं की समीक्षा क्यों की गई?
शहरीकरण, औद्योगिक विस्तार और घरों में बिजली की बढ़ती माँग के कारण असम में ऊर्जा खपत लगातार बढ़ रही है। इस पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढाँचे की प्रगति और पीक डिमांड प्रबंधन की समीक्षा ज़रूरी समझी।
असम सरकार बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए क्या कदम उठा रही है?
सरकार थर्मल, सोलर और हाइड्रोइलेक्ट्रिक उत्पादन परियोजनाओं में तेज़ी ला रही है। साथ ही, ट्रांसमिशन प्रणाली के आधुनिकीकरण और वितरण हानि कम करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है, और नवीकरणीय ऊर्जा को दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा बनाया गया है।
असम में बिजली परियोजनाओं से भविष्य में क्या बदलाव आएगा?
अधिकारियों के अनुसार, APDCL, APGCL और AEGCL की चल रही परियोजनाओं के पूरा होने पर राज्य की उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे शहरी और ग्रामीण — दोनों क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय होने की उम्मीद है।
असम में पीक बिजली माँग की चुनौती क्या है?
तेज़ी से बढ़ रहे शहरी इलाकों और औद्योगिक ज़ोन में बिजली की सर्वाधिक खपत के समय आपूर्ति बनाए रखना असम के लिए बड़ी चुनौती है। मुख्यमंत्री ने इसी को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
राष्ट्र प्रेस
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