उदंगुडी सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट: जून में होगा पूर्ण संचालन

Click to start listening
उदंगुडी सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट: जून में होगा पूर्ण संचालन

सारांश

तमिलनाडु का उदंगुडी सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट जून तक चालू हो जाएगा। यह परियोजना राज्य की बिजली मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Key Takeaways

  • उदंगुडी सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट का संचालन जून में शुरू होगा।
  • यह प्लांट 13,077 करोड़ रुपये की लागत से बना है।
  • पहली इकाई की क्षमता 660 मेगावाट होगी।
  • इसमें सुपरक्रिटिकल तकनीक का उपयोग किया गया है।
  • यह तमिलनाडु की बिजली मांग को पूरा करने में मदद करेगा।

चेन्नई, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (टीएनपीजीसीएल) ने सूचित किया है कि 2x660 मेगावाट की उदंगुडी सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की पहली इकाई जून महीने तक चालू हो जाएगी।

राज्य की प्रमुख विद्युत उत्पादन परियोजनाओं में से एक, इस 13,077 करोड़ रुपये की परियोजना ने पिछले महीने लगभग 400 मेगावाट प्रारंभिक विद्युत उत्पादन प्रारंभ किया है। टीएनपीजीसीएल के अधिकारियों के अनुसार, अंतिम परीक्षण प्रक्रिया के दौरान अगले कुछ हफ्तों में उत्पादन क्षमता को धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा।

टीएनपीजीसीएल के प्रबंध निदेशक एम. गोविंदा राव ने बताया है कि कंपनी की योजना है कि पहली इकाई की उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 660 मेगावाट तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि हम अगले सप्ताह से संयंत्र को 660 मेगावाट की पूरी क्षमता पर चलाने की तैयारी कर रहे हैं। वाणिज्यिक संचालन शुरू होने से पहले, संयंत्र को 72 घंटे तक लगातार पूर्ण क्षमता पर चलाना होगा, जिसे हम जून तक सफलतापूर्वक पूरा करने में सक्षम होंगे।

उदंगुडी परियोजना से तमिलनाडु की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की आशा है, विशेषकर गर्मियों के दौरान जब बिजली की खपत में भारी बढ़ोतरी होती है। गोविंदा राव ने कहा कि इंजीनियरों, तकनीकी टीमों और परियोजना में शामिल सभी कर्मियों के प्रयासों के कारण ही गर्मी के मौसम में बिजली की मांग में वृद्धि से पहले इस परियोजना का शुभारंभ संभव हो पाया।

यह ध्यान देने योग्य है कि उदंगुडी सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट का निर्माण 2018 में प्रारंभ हुआ था। इस परियोजना में आधुनिक सुपरक्रिटिकल तकनीक का उपयोग किया गया है, जो पारंपरिक कोयला आधारित बिजली संयंत्रों की तुलना में अधिक दक्षता और कम उत्सर्जन के लिए डिज़ाइन की गई है।

इस संयंत्र में निर्बाध बिजली उत्पादन के लिए ईंधन की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक समर्पित कोयला जेटी भी मौजूद है। संयंत्र की दोनों इकाइयां चालू होने के बाद, उदंगुडी परियोजना तमिलनाडु की स्थापित बिजली क्षमता में 1,320 मेगावाट की वृद्धि करेगी, जिससे राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और बढ़ती औद्योगिक एवं घरेलू मांग को पूरा करने में सहायता मिलेगी।

Point of View

बल्कि गर्मियों के महीनों में बिजली की बढ़ती मांग को भी संतुलित करेगी।
NationPress
20/03/2026

Frequently Asked Questions

उदंगुडी सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट कब चालू होगा?
यह प्लांट जून महीने तक चालू होगा।
इस परियोजना की लागत कितनी है?
इस परियोजना की लागत 13,077 करोड़ रुपये है।
इस प्लांट की उत्पादन क्षमता क्या है?
इस प्लांट की पहली इकाई की उत्पादन क्षमता 660 मेगावाट होगी।
यह प्लांट कब से निर्माणाधीन है?
इस प्लांट का निर्माण 2018 में शुरू हुआ था।
इस प्लांट की विशेषता क्या है?
यह प्लांट आधुनिक सुपरक्रिटिकल तकनीक का उपयोग करता है, जो दक्षता बढ़ाने और उत्सर्जन कम करने के लिए डिज़ाइन की गई है।
Nation Press