गर्मी शुरू होने से पहले तमिलनाडु में बिजली की डिमांड में बेतहाशा वृद्धि, पहली बार 20,000 मेगावाट के पार

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गर्मी शुरू होने से पहले तमिलनाडु में बिजली की डिमांड में बेतहाशा वृद्धि, पहली बार 20,000 मेगावाट के पार

सारांश

गर्मी के मौसम की शुरुआत से पहले ही तमिलनाडु में बिजली की मांग में तेजी से वृद्धि हो रही है। इस साल पहली बार राज्य की बिजली डिमांड 20,000 मेगावाट के आंकड़े को पार कर गई है, जो चिंता का विषय है।

Key Takeaways

  • बिजली की डिमांड 20,000 मेगावाट को पार कर गई है।
  • गर्मी का मौसम अभी शुरू नहीं हुआ है।
  • राज्य में कूलिंग उपकरणों का उपयोग बढ़ा है।
  • आगामी चुनावों के कारण बिजली की खपत में वृद्धि हो सकती है।
  • सोलर पावर जनरेशन में भी उन्नति हुई है।

चेन्नई, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गर्मीयों का मौसम अभी तक शुरू नहीं हुआ है, लेकिन तमिलनाडु में बिजली की खपत में अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिली है। इस वर्ष पहली बार राज्य की बिजली डिमांड 20,000 मेगावाट के स्तर को पार कर गई है।

यह वृद्धि राज्य में बढ़ते तापमान और आर्द्रता के कारण हुई है। अधिकारियों के अनुसार, तमिलनाडु में शुक्रवार को 20,211 मेगावाट की पीक पावर डिमांड दर्ज की गई, जो 2026 में अब तक की सबसे अधिक है। यह आंकड़ा राज्य की ऑल-टाइम पीक डिमांड 20,830 मेगावाट से लगभग 600 मेगावाट कम है, जो 2024 में दर्ज की गई थी।

बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष की डिमांड पहले ही 2025 के पीक 20,148 मेगावाट को पार कर चुकी है, जो पिछले वर्ष अप्रैल में दर्ज की गई थी। मौजूदा डिमांड का मार्च के पहले हफ्ते में पहुंचना यह संकेत देता है कि गर्मी बढ़ने के साथ इसमें और वृद्धि होने की संभावना है।

राज्य में रोजाना बिजली की खपत में भी काफी वृद्धि हुई है। हाल ही में एक ही दिन में 416.284 मिलियन यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई, जो इस वर्ष का सबसे अधिक दैनिक उपयोग है। पिछले वर्ष गर्मियों के महीनों में रोजाना की खपत 436 मिलियन यूनिट को पार कर गई थी, जबकि अप्रैल 2024 में सर्वाधिक 454.32 मिलियन यूनिट की खपत दर्ज की गई थी।

तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में बिजली की मांग और बढ़ने की संभावना है।

मौसम के पूर्वानुमान बताते हैं कि पूरे तमिलनाडु में अधिकतर सूखे हालात रहेंगे और बारिश की संभावना बहुत कम होगी, जिसके कारण कूलिंग उपकरणों और एयर-कंडीशनर्स का अधिक उपयोग किया जाएगा।

इसके अलावा, अधिकारियों को उम्मीद है कि आगामी विधानसभा चुनाव और इंडियन प्रीमियर लीग क्रिकेट सीजन के चलते राजनीतिक प्रचार की गतिविधियों में वृद्धि के कारण बिजली की खपत बढ़ेगी, क्योंकि इन दोनों समय में आमतौर पर बिजली का अधिक उपयोग होता है।

बिजली की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों ने कहा कि राज्य ने गर्मियों के महीनों में अनुमानित मांग को पूरा करने के लिए प्राइवेट पावर जनरेटर के साथ लॉन्ग-टर्म, मीडियम-टर्म और शॉर्ट-टर्म बिजली खरीद के लिए पहले ही समझौते कर लिए हैं।

इस बीच, तमिलनाडु में सोलर पावर जनरेशन में भी काफी वृद्धि हुई है।

Point of View

जो राज्य की ऊर्जा प्रबंधन क्षमताओं पर दबाव डाल रही है। यह स्थिति न केवल गर्मियों में बल्कि आगामी राजनीतिक गतिविधियों के कारण भी जटिल हो सकती है।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

तमिलनाडु में बिजली की डिमांड में इतनी वृद्धि क्यों हुई है?
यह वृद्धि बढ़ते तापमान और आर्द्रता के कारण हुई है, जिससे एयर-कंडीशनिंग और कूलिंग उपकरणों का उपयोग बढ़ा है।
क्या इस साल बिजली की डिमांड पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है?
हाँ, इस साल की डिमांड पिछले वर्ष से अधिक है, जो 20,148 मेगावाट का आंकड़ा पार कर चुकी है।
आगामी विधानसभा चुनावों का बिजली की मांग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
आगामी विधानसभा चुनावों के कारण राजनीतिक गतिविधियों में वृद्धि के चलते बिजली की मांग में और वृद्धि होने की संभावना है।
क्या तमिलनाडु में सोलर पावर जनरेशन में वृद्धि हुई है?
जी हाँ, तमिलनाडु में सोलर पावर जनरेशन में भी काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है।
बिजली की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन ने प्राइवेट पावर जनरेटर के साथ समझौते किए हैं ताकि गर्मियों में मांग पूरी की जा सके।
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