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केरल में भीषण गर्मी और गैस की कमी से बिजली की मांग ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

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केरल में भीषण गर्मी और गैस की कमी से बिजली की मांग ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

सारांश

केरल में बिजली की मांग ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं, जहां गर्मी और गैस संकट ने उपकरणों पर निर्भरता बढ़ा दी है। जानिए इसके पीछे के कारण और इसके प्रभाव।

मुख्य बातें

केरल में बिजली की मांग 6,012 मेगावाट तक पहुँची।
87.42 मिलियन यूनिट बिजली बाहरी स्रोतों से प्राप्त की गई।
भयानक गर्मी और गैस की कमी से स्थिति और बिगड़ी है।
इंडक्शन कुकर और इलेक्ट्रिक स्टोव का उपयोग बढ़ा है।
12 जिलों में 'हाई टेम्परेचर अलर्ट' जारी किया गया है।

तिरुवनंतपुरम, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केरल में बिजली की खपत में अद्वितीय वृद्धि देखी जा रही है, क्योंकि भयानक गर्मी और कुकिंग गैस की कमी के कारण घरों और छोटे व्यवसायों को इलेक्ट्रिक उपकरणों पर अधिक निर्भर होना पड़ रहा है।

इसके परिणामस्वरूप मंगलवार शाम को राज्य में बिजली की मांग 6,012 मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई, जो अब तक का सर्वाधिक है। इसने सोमवार के 5,933 मेगावाट के आंकड़े को पार कर लिया। कुल दैनिक खपत भी बढ़कर 112.52 मिलियन यूनिट के उच्चतम स्तर पर पहुँच गई।

इसमें से 87.42 मिलियन यूनिट राज्य के बाहर से प्राप्त की गई, जो बाहरी आपूर्ति पर केरल की बढ़ती निर्भरता को दर्शाता है। इसके विपरीत, राज्य के भीतर (हाइडल पावर सहित) बिजली उत्पादन का योगदान केवल 25.09 मिलियन यूनिट रहा।

बिजली की खपत में इस स्पाइक ने केरल राज्य बिजली बोर्ड (केएसईबी) को असमंजस में डाल दिया है, और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आगे क्या कदम उठाएं।

बिजली की मांग में इस अचानक वृद्धि का कारण केवल भयानक गर्मी नहीं है, बल्कि खाना पकाने के तरीकों में बदलाव भी है।

केरल में इंडक्शन कुकर का काफी उपयोग होता है, और एलपीजी सिलेंडरों की कमी के कारण कई घरों ने अब इलेक्ट्रिक स्टोव का उपयोग करना शुरू कर दिया है।

यह प्रवृत्ति सड़कों के किनारे स्थित ढाबों और चाय की दुकानों पर भी स्पष्ट दिखाई दे रही है, जहाँ कई स्थानों पर कुकिंग गैस का उपयोग कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया है, और उनकी जगह बिजली से चलने वाले विकल्पों को अपनाया गया है।

जहाँ एक ओर बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर गर्मी में कमी के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं।

बुधवार को राज्य के बड़े हिस्से भयानक गर्मी की चपेट में रहे, और 12 जिलों के लिए 'हाई टेम्परेचर अलर्ट' जारी किया गया।

पलक्कड़ में इस मौसम में दूसरी बार तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इससे नागरिकों की जीवनशैली पर भी असर पड़ रहा है।
RashtraPress
7 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में बिजली की मांग में वृद्धि का कारण क्या है?
केरल में बिजली की मांग में वृद्धि का मुख्य कारण भीषण गर्मी और कुकिंग गैस की कमी है।
क्या केरल बिजली की आपूर्ति पर निर्भर है?
हाँ, केरल की बढ़ती बिजली मांग ने राज्य को बाहरी आपूर्ति पर अधिक निर्भर बना दिया है।
बिजली की मांग में वृद्धि का क्या प्रभाव पड़ेगा?
बिजली की मांग में वृद्धि से राज्य के बिजली बोर्ड को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
गर्मी के कारण क्या हो रहा है?
गर्मी के कारण लोग इलेक्ट्रिक उपकरणों का अधिक उपयोग कर रहे हैं, जिससे बिजली की मांग बढ़ रही है।
क्या एलपीजी सिलेंडरों की कमी का असर है?
हाँ, एलपीजी सिलेंडरों की कमी के कारण लोग इलेक्ट्रिक स्टोव का उपयोग करने लगे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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