तमिलनाडु में भीषण लू: 13 जिलों में 38°C पार, तिरुचिरापल्ली में 40.5°C का उच्चतम तापमान

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तमिलनाडु में भीषण लू: 13 जिलों में 38°C पार, तिरुचिरापल्ली में 40.5°C का उच्चतम तापमान

Key Takeaways

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गर्मी और नमी के इस संयोजन से डिहाइड्रेशन और हीटस्ट्रोक जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों सहित संवेदनशील समूहों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

विशेष रूप से चेन्नई में आने वाले दिनों में तापमान 39 डिग्री से अधिक हो सकता है। अधिकारियों ने नागरिकों को पर्याप्त पानी पीने, तेज धूप में बाहर न निकलने और बाहरी गतिविधियों को सीमित रखने की सलाह दी है।

सरकार और विभाग की प्रतिक्रिया

आईएमडी स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और हालात बिगड़ने पर अतिरिक्त चेतावनियाँ जारी की जा सकती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण भारत के कई राज्यों में अप्रैल-मई की गर्मी हर वर्ष जनजीवन को प्रभावित करती है, परंतु इस बार तापमान का स्तर और इसकी व्यापकता सामान्य से अधिक चिंताजनक बताई जा रही है।

आगे क्या होगा

आईएमडी के अनुमान के अनुसार, शनिवार तक तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की और वृद्धि संभव है। राज्य के स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट पर हैं, और आवश्यकता पड़ने पर राहत शिविर एवं चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) के अनुसार, 28 अप्रैल 2025 को तमिलनाडु के कम से कम 13 स्थानों पर अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जो राज्य में गर्मी के मौसम के चरम पर पहुँचने का संकेत है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि शनिवार तक तमिलनाडु और पड़ोसी पुडुचेरी में अधिकतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की और वृद्धि हो सकती है।

राज्य में सर्वाधिक तापमान कहाँ दर्ज हुआ

तिरुचिरापल्ली में राज्य का सबसे अधिक तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे यह 28 अप्रैल को तमिलनाडु का सबसे गर्म स्थान रहा। वेल्लोर और इरोड में 39.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। करूर परमाठी, चेन्नई के मीनंबक्कम वेधशाला और मदुरै हवाई अड्डे पर लगभग 38.9 डिग्री तापमान रहा।

तिरुपत्तूर और धर्मपुरी में 38.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया, जबकि सलेम, तंजावुर, मदुरै शहर, तिरुत्तानी और नमक्कल में पारा 37.8 डिग्री के आसपास रहा। यह आँकड़े राज्य के आंतरिक और तटीय — दोनों हिस्सों में व्यापक गर्मी के प्रभाव को दर्शाते हैं।

तापमान वृद्धि के कारण

आरएमसी के अधिकारियों के अनुसार, यह वृद्धि मुख्यतः शुष्क मौसम की स्थिति और अप्रैल के अंत में सामान्य रूप से बढ़ने वाले सौर विकिरण के कारण हो रही है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब मानसून-पूर्व वर्षा की कमी ने राज्य में नमी के स्तर को और कम कर दिया है, जिससे गर्मी का असर अधिक तीव्र महसूस हो रहा है।

आम जनता पर असर

उच्च तापमान के साथ-साथ, विशेष रूप से तटीय जिलों में अधिक आर्द्रता भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। गर्मी और नमी का यह संयोजन

Point of View

बल्कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव का संकेत है — अप्रैल में 40 डिग्री से ऊपर का तापमान एक दशक पहले असामान्य माना जाता था। राज्य में शहरी ताप द्वीप प्रभाव (अर्बन हीट आइलैंड) और घटती हरियाली ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। आईएमडी की चेतावनी समय पर है, लेकिन असली सवाल यह है कि राज्य सरकार के पास कमज़ोर तबकों — दिहाड़ी मज़दूरों, किसानों और बेघर लोगों — के लिए कितनी ठोस राहत व्यवस्था है। सुर्खियों से परे, ज़मीनी तैयारी की पारदर्शी जानकारी अभी भी अनुपस्थित है।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

तमिलनाडु में लू की स्थिति कितनी गंभीर है?
28 अप्रैल 2025 को तमिलनाडु के कम से कम 13 स्थानों पर तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जिसमें तिरुचिरापल्ली में राज्य का सर्वाधिक 40.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। आईएमडी के अनुसार शनिवार तक 3 डिग्री और वृद्धि संभव है।
तमिलनाडु में सबसे अधिक तापमान कहाँ दर्ज हुआ?
28 अप्रैल को तिरुचिरापल्ली में राज्य का सर्वाधिक तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वेल्लोर और इरोड में 39.4 डिग्री, तथा करूर परमाठी, मीनंबक्कम (चेन्नई) और मदुरै हवाई अड्डे पर 38.9 डिग्री तापमान रहा।
लू से बचाव के लिए क्या सावधानियाँ बरतें?
स्वास्थ्य और मौसम अधिकारियों ने पर्याप्त पानी पीने, दोपहर की तेज धूप में बाहर न निकलने और बाहरी गतिविधियाँ सीमित रखने की सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
चेन्नई में आने वाले दिनों में तापमान कितना रहेगा?
आईएमडी के अनुमान के अनुसार चेन्नई में आने वाले दिनों में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो सकता है। तटीय क्षेत्र होने के कारण उच्च आर्द्रता महसूस होने वाले तापमान को और बढ़ा सकती है।
तमिलनाडु में तापमान इतना क्यों बढ़ रहा है?
आरएमसी के अनुसार, शुष्क मौसम की स्थिति और अप्रैल के अंत में बढ़ने वाले सौर विकिरण के कारण तापमान में यह वृद्धि हो रही है। मानसून-पूर्व वर्षा की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
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