ऋषि कपूर की पहली फिल्म 'बॉबी' पर राज कपूर की वो सीख, जिसने बदल दी उनकी पूरी स्टाइल

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ऋषि कपूर की पहली फिल्म 'बॉबी' पर राज कपूर की वो सीख, जिसने बदल दी उनकी पूरी स्टाइल

सारांश

'बॉबी' के सेट पर कोरियोग्राफर न आने पर जब ऋषि कपूर के हाथ-पैर सुन्न हो गए, तब राज कपूर ने एक बात कही जिसने उनकी पूरी पहचान बदल दी — 'खुद करो, वरना लोग कहेंगे धर्मेंद्र-अमिताभ की नकल कर रहे हो।' यही सीख बनी उनके रोमांटिक स्टारडम की नींव।

Key Takeaways

  • ऋषि कपूर की पुण्यतिथि 30 अप्रैल को है।
  • बतौर मुख्य अभिनेता उनकी पहली फिल्म 'बॉबी' थी, जिसे राज कपूर ने निर्देशित किया।
  • सेट पर ऋषि कपूर को राज कपूर को 'साहब' कहना पड़ता था — पिता कहने की इजाजत नहीं थी।
  • राज कपूर ने जानबूझकर कोई कोरियोग्राफर नहीं बुलाया ताकि बेटा धर्मेंद्र या अमिताभ बच्चन की नकल न करे।
  • इस सीख के बाद ऋषि कपूर ने अपनी डांस स्टाइल, लिप-सिंकिंग और स्क्रीन पर्सोना खुद गढ़ा।

ऋषि कपूर की 30 अप्रैल को पुण्यतिथि है और इस मौके पर उनसे जुड़ा एक ऐसा किस्सा सामने आता है, जिसने उनके पूरे करियर की दिशा तय कर दी। बात उनकी पहली फिल्म 'बॉबी' के सेट की है, जब पिता और निर्देशक राज कपूर ने उन्हें एक ऐसा सबक दिया जो उन्होंने जिंदगी भर नहीं भुलाया।

पहली फिल्म, पहली चुनौती

ऋषि कपूर बतौर मुख्य अभिनेता पहली बार 'बॉबी' में नज़र आए थे। फिल्मी खानदान से ताल्लुक रखने के बावजूद सेट पर काम करने का उनके पास कोई अनुभव नहीं था। सेट पर उन्हें राज कपूर को 'साहब' कहकर बुलाना पड़ता था — पिता कहने की इजाजत नहीं थी। यह अनुशासन राज कपूर की कार्यशैली का हिस्सा था, जो बेटे और अभिनेता के बीच की रेखा को स्पष्ट रखता था।

जब कोरियोग्राफर नहीं आया

फिल्म का पहला गाना शूट होना था। ऋषि कपूर को उम्मीद थी कि किसी कोरियोग्राफर को बुलाया जाएगा जो उन्हें स्टेप्स सिखाएगा। काफी इंतजार के बाद जब कोई नहीं आया, तो राज कपूर ने साफ कह दिया — कोई कोरियोग्राफर नहीं आएगा। यह सुनकर ऋषि कपूर के हाथ-पैर सुन्न हो गए और पहले तो उन्होंने इनकार भी किया।

राज कपूर की वो बात जो बन गई जीवन की सीख

राज कपूर ने समझाया कि अगर कोरियोग्राफर आता, तो वो वही करवाता जो उसने धर्मेंद्र या अमिताभ बच्चन को सिखाया है — क्योंकि उसका अनुभव उन्हीं के साथ बना है। ऐसे में दर्शक और फिल्म इंडस्ट्री यही कहती कि नया लड़का धर्मेंद्र या अमिताभ की नकल कर रहा है। राज कपूर ने कहा कि जो करना है, वो खुद करो और पूरी आजादी के साथ करो।

ऋषि कपूर की अपनी पहचान

उस दिन के बाद से ऋषि कपूर ने गानों की लिप-सिंकिंग, डांस और अपनी पूरी स्टाइल खुद तय की। 70-80 के दशक में जब अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र एक्शन सिनेमा के पर्याय बन चुके थे, तब ऋषि कपूर ने हिंदी सिनेमा को म्यूजिकल और रोमांटिक फिल्मों की एक नई धारा दी। उनकी यह अलग पहचान उसी एक सबक की देन थी जो उन्हें 'बॉबी' के सेट पर मिली थी।

कपूर खानदान की विरासत

कपूर खानदान चार पीढ़ियों से हिंदी सिनेमा को समृद्ध करता आया है। ऋषि कपूर इस खानदान के उन सदस्यों में से थे जो अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने बेबाक अंदाज और सीधी बात के लिए भी जाने गए। उनकी पुण्यतिथि पर यह किस्सा याद दिलाता है कि असली कलाकार वही होता है जो दूसरों की नकल से बचकर अपनी राह खुद बनाता है।

Point of View

बल्कि खुद से सीखने पर मजबूर करके एक ऐसा रोमांटिक स्टार तैयार किया जिसने 70-80 के दशक में अमिताभ-धर्मेंद्र के एकाधिकार को चुनौती दी। यह सोचने वाली बात है कि आज जब OTT और रील कल्चर में हर कलाकार एक-दूसरे की नकल में लगा है, तो राज कपूर की यह सीख पहले से कहीं ज़्यादा प्रासंगिक हो जाती है।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

ऋषि कपूर की पुण्यतिथि कब है?
ऋषि कपूर की पुण्यतिथि 30 अप्रैल को है। वे हिंदी सिनेमा के जाने-माने रोमांटिक अभिनेता थे जो कपूर खानदान की तीसरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते थे।
ऋषि कपूर की बतौर मुख्य अभिनेता पहली फिल्म कौन सी थी?
ऋषि कपूर की बतौर मुख्य अभिनेता पहली फिल्म 'बॉबी' थी, जिसे उनके पिता राज कपूर ने निर्देशित किया था। इसी फिल्म के सेट पर उन्हें करियर की सबसे बड़ी सीख मिली थी।
'बॉबी' के सेट पर राज कपूर ने ऋषि कपूर को क्या सीख दी थी?
राज कपूर ने पहले गाने की शूटिंग के लिए जानबूझकर कोई कोरियोग्राफर नहीं बुलाया। उन्होंने कहा कि अगर कोरियोग्राफर आता तो वो वही करवाता जो धर्मेंद्र या अमिताभ बच्चन ने किया, जिससे लोग ऋषि को उनकी नकल समझते — इसलिए जो करना है, खुद करो और पूरी आजादी के साथ करो।
ऋषि कपूर ने 70-80 के दशक में हिंदी सिनेमा में क्या योगदान दिया?
उस दौर में जब अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र एक्शन सिनेमा पर हावी थे, ऋषि कपूर ने हिंदी सिनेमा को म्यूजिकल और रोमांटिक फिल्मों की एक नई धारा दी। उनकी अपनी डांस स्टाइल और स्क्रीन पर्सोना ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई।
ऋषि कपूर सेट पर राज कपूर को क्या कहकर बुलाते थे?
'बॉबी' के सेट पर ऋषि कपूर को राज कपूर को 'साहब' कहकर बुलाना पड़ता था। पिता कहने की इजाजत नहीं थी — यह राज कपूर के सख्त पेशेवर अनुशासन का हिस्सा था।
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