क्या तमिलनाडु सरकार एनोर थर्मल विस्तार परियोजना को पुनर्जीवित करेगी?

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क्या तमिलनाडु सरकार एनोर थर्मल विस्तार परियोजना को पुनर्जीवित करेगी?

सारांश

तमिलनाडु सरकार एनोर थर्मल विस्तार परियोजना को पुनर्जीवित करने जा रही है, जो बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है। पीपीपी मॉडल के तहत निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। जानिए इस महत्वाकांक्षी योजना के बारे में सब कुछ।

Key Takeaways

  • एनोर थर्मल पावर स्टेशन की क्षमता 660 मेगावाट होगी।
  • परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा।
  • 617 मेगावाट बिजली राज्य उपयोगिता को आपूर्ति की जाएगी।
  • 48 महीनों के भीतर बिजली उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।
  • परियोजना का आवंटन सबसे कम टैरिफ वाले बोलीदाता को दिया जाएगा।

चेन्नई, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु में बढ़ती बिजली की मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने एनोर थर्मल पावर स्टेशन के लंबे समय से रुके विस्तार परियोजना को फिर से शुरू करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत सरकार ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर इस परियोजना को पूरा करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं।

तमिलनाडु पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (टीएनपीजीसीएल) ने एनोर में 1×660 मेगावाट की सुपरक्रिटिकल कोयला आधारित थर्मल यूनिट स्थापित करने के लिए टेंडर जारी किया है। यह परियोजना डिजाइन, निर्माण, वित्त, स्वामित्व और संचालन (डीबीएफओओ) आधार पर विकसित की जाएगी।

इस परियोजना के लिए तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (टीएनपीडीसीएल) टीएनजीईडीसीओ नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा और लंबे समय के पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) के तहत बिजली की खरीद करेगा।

इस विस्तार परियोजना को पहली बार मार्च 2012 में राज्य सरकार की मंजूरी मिली थी। मई 2014 में एक निजी कंपनी को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था और जनवरी 2018 तक यूनिट के चालू होने की योजना थी।

हालांकि, ठेकेदार की वित्तीय समस्याओं के कारण निर्माण कार्य ठप हो गया और मार्च 2018 तक भौतिक प्रगति 20 प्रतिशत से भी कम रही। इसके बाद अप्रैल 2018 में अनुबंध रद्द कर दिया गया।

परियोजना को बचाने के लिए दिसंबर 2019 में अधूरे कार्य को ‘जैसी स्थिति, वैसी स्थिति’ (एज-इज-वेयर-इज) आधार पर एक अन्य कंपनी को सौंपा गया, लेकिन यह प्रयास भी सफल नहीं हो सका। असंतोषजनक प्रगति के कारण फरवरी 2024 में वह अनुबंध भी समाप्त कर दिया गया, जिससे परियोजना कई वर्षों तक निष्क्रिय रही।

इस पृष्ठभूमि में राज्य सरकार ने भरोसेमंद बेस-लोड क्षमता जोड़ने की तत्काल आवश्यकता बताते हुए पीपीपी मॉडल अपनाने का निर्णय लिया है। पुनर्जीवित परियोजना की कुल स्थापित क्षमता 660 मेगावाट होगी, जिसमें से 617 मेगावाट बिजली राज्य उपयोगिता को आपूर्ति की जाएगी।

निविदा शर्तों के अनुसार, चयनित बोलीदाता शेष कार्यों को पूरा करने, परियोजना के लिए वित्तीय व्यवस्था करने, संयंत्र का संचालन एवं रखरखाव करने और दीर्घकालिक समझौते के तहत बिजली आपूर्ति के लिए जिम्मेदार होगा। नियुक्ति तिथि से 48 महीनों के भीतर बिजली उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।

परियोजना का आवंटन उस बोलीदाता को किया जाएगा जो सबसे कम टैरिफ का प्रस्ताव देगा। टैरिफ में फिक्स्ड चार्ज और फ्यूल चार्ज शामिल होंगे। फिक्स्ड चार्ज संयंत्र की उपलब्धता से जुड़ा होगा, जबकि फ्यूल चार्ज आवंटित कोयला लिंकिज से वास्तविक उत्पादन पर आधारित रहेगा।

Point of View

यह आवश्यक है कि राज्य सरकारें ऐसी परियोजनाओं को प्राथमिकता दें जो ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा दें। तमिलनाडु सरकार का एनोर थर्मल विस्तार परियोजना को पुनर्जीवित करना सकारात्मक कदम है, जो न केवल बिजली की कमी को दूर करेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

एनोर थर्मल पावर स्टेशन की क्षमता क्या है?
एनोर थर्मल पावर स्टेशन की कुल स्थापित क्षमता 660 मेगावाट होगी।
यह परियोजना कब शुरू होगी?
परियोजना का संचालन 48 महीनों के भीतर शुरू होने की उम्मीद है।
परियोजना को किस मॉडल के तहत विकसित किया जा रहा है?
यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित की जा रही है।
इस परियोजना का लाभ किसे होगा?
इस परियोजना से राज्य उपयोगिता को 617 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की जाएगी।
परियोजना के लिए निविदाएं कैसे आमंत्रित की गई हैं?
सरकार ने निविदाएं आमंत्रित की हैं ताकि परियोजना को पूरा किया जा सके।
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