पोखरण में होगा वायुशक्ति का अद्वितीय प्रदर्शन, एस-400 सहित उच्च मारक क्षमता का प्रदर्शन
सारांश
Key Takeaways
- भारतीय वायुसेना का अद्वितीय प्रदर्शन
- एस-400 वायु रक्षा प्रणाली का प्रदर्शन
- 120 से अधिक एयरक्राफ्ट का हिस्सा
- दिन-रात का अभ्यास
- दुनिया को सुरक्षा का संदेश
नई दिल्ली, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय वायुसेना अपनी अचूक क्षमता, अभेद्य सुरक्षा और सटीक प्रहार कौशल का एक और बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए तैयार है। 27 फरवरी को पोखरण के रेगिस्तानी क्षेत्र में 'वायुशक्ति 26' के तहत भारतीय आसमान में ताकत, गति और समन्वित मारक क्षमता का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा।
इस महत्वपूर्ण प्रदर्शन से पहले पोखरण में एक पूरा पूर्वाभ्यास आयोजित किया गया। इस दौरान भारतीय वायुसेना ने सभी संचालन मानकों का सफल परीक्षण किया। अभ्यास के तहत सभी निर्धारित लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से नष्ट कर दिया गया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वायुसेना हर मिशन के लिए पूरी तरह तैयार है।
'वायुशक्ति 26' के संदर्भ में भारतीय वायुसेना ने पहली बार एक आधिकारिक वीडियो में एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की फायरिंग का दृश्य साझा किया है। इस वीडियो में एस-400 प्रणाली से लक्ष्य भेदते हुए देखा जा सकता है।
यह प्रणाली दुश्मन के लड़ाकू विमानों और मिसाइलों जैसे बड़े हवाई खतरों को लंबी दूरी से नष्ट करने में सक्षम है। एस-400 प्रणाली अत्याधुनिक रडार और मिसाइल तकनीक से लैस है, और यह एक साथ कई लक्ष्यों पर नजर रखने और उन्हें मार गिराने की क्षमता रखती है।
इस अभ्यास में तेजस, राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29, मिराज-2000 और जगुआर जैसे लड़ाकू विमान शामिल होंगे। इसके अलावा, सी-17, सी-130जे और सी-295 जैसे बड़े परिवहन विमान भी उड़ान भरते हुए दिखाई देंगे। अपाचे हेलिकॉप्टर, चिनूक हेलीकॉप्टर, एलसीएच एमआई-17 जैसे हेलीकॉप्टर और ड्रोन भी इस अभ्यास का हिस्सा होंगे। इस अभ्यास में 120 से अधिक एयरक्राफ्ट शामिल हैं।
इस अभ्यास में हाल के ऑपरेशन 'सिंदूर' की सफलता का भी जिक्र किया जाएगा, जिससे यह संदेश स्पष्ट होगा कि भारतीय वायुसेना हवा में दबदबा बनाने और लंबी दूरी तक सटीक वार करने में पूरी तरह सक्षम है। 'वायुशक्ति 26' में अत्याधुनिक लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और हेलिकॉप्टर अपनी समन्वित क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान सटीक निशाना, तेज गति और तालमेल का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
जब भारतीय वायुसेना के विमानों की गर्जना रेगिस्तान की धरती पर गूंजेगी, तब पोखरण एक बार फिर देश की सैन्य ताकत और आत्मविश्वास का साक्षी बनेगा। 'वायुशक्ति 26' केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारत की सशक्त और सजग हवाई क्षमता का एक जीवंत संदेश है। 'वायुशक्ति' का प्रभावशाली प्रदर्शन 27 फरवरी को राजस्थान के जैसलमेर स्थित पोखरण रेंज में पाकिस्तान बॉर्डर के निकट होगा।
एक खास बात यह है कि यह अभ्यास दिन, शाम और रात तीनों परिस्थितियों में संचालित होगा। विभिन्न मिशनों के जरिए वायुसेना चौबीसों घंटे की युद्ध तत्परता का प्रदर्शन करेगी। मुख्य आयोजन से पहले पोखरण फील्ड एंड फायरिंग रेंज में पूर्ण ड्रेस रिहर्सल की गई थी।
वास्तव में, भारतीय वायुसेना सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे प्रचंड जवाब देने वाली शक्ति के रूप में जानी जाती है। इस अभ्यास में यह दिखाया जाएगा कि यदि दुश्मन कोई हरकत करता है तो उसे किस तेजी और सटीकता से जवाब दिया जा सकता है। चाहे दिन हो, शाम हो या रात, हर परिस्थिति में ऑपरेशन को अंजाम देने की क्षमता का प्रदर्शन किया जाएगा। वायुसेना के अनुसार, अभ्यास में यह भी दिखाया जाएगा कि भारतीय वायुसेना केवल युद्धकाल में नहीं, बल्कि शांति और आपदा के समय भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
देश और विदेश में संकटग्रस्त क्षेत्रों में त्वरित एयरलिफ्ट, बचाव और निकासी अभियान चलाने की क्षमता का प्रदर्शन भी इस अभियान का हिस्सा होगा। यहां आधुनिक हथियारों जैसे आकाश मिसाइल, स्पाइडर एयर डिफेंस सिस्टम, शॉर्ट रेंज लोइटरिंग म्यूनिशन और एंटी-ड्रोन सिस्टम का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
'वायुशक्ति-26' के माध्यम से वायुसेना देश को यह विश्वास दिला रही है कि वह हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। यहां वायुसेना दिखाएगी कि उसका वार अचूक, अभेद्य और सटीक है।