भारतीय वायुसेना का अभूतपूर्व प्रदर्शन: पोखरण में 'वायुशक्ति-26' का सफल अभ्यास

Click to start listening
भारतीय वायुसेना का अभूतपूर्व प्रदर्शन: पोखरण में 'वायुशक्ति-26' का सफल अभ्यास

सारांश

राजस्थान के जैसलमेर में भारतीय वायुसेना ने 'वायुशक्ति' के तहत एक विशाल युद्धाभ्यास शुरू किया, जिसमें राफेल और सुखोई जैसे लड़ाकू विमानों ने भाग लिया। राष्ट्रपति मुर्मु की उपस्थिति में यह अभ्यास पाकिस्तान सीमा के निकट हो रहा है।

Key Takeaways

  • भारतीय वायुसेना ने 'वायुशक्ति' के तहत अभूतपूर्व प्रदर्शन किया।
  • अभ्यास में राफेल, सुखोई जैसे लड़ाकू विमानों ने भाग लिया।
  • अभ्यास दिन, शाम और रात के समय में संचालित हुआ।
  • सामुदायिक सहायता का प्रदर्शन भी किया गया।
  • यह अभ्यास भारत की सुरक्षा के प्रति समर्पितता का प्रतीक है।

नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के जैसलमेर में भारतीय वायुसेना ने ‘वायुशक्ति’ का शानदार प्रदर्शन किया है। यह प्रदर्शन पाकिस्तान की सीमा के निकट पोखरण रेंज में प्रारंभ हुआ है।

यहां ‘वायुशक्ति–26’ नामक एक बड़ा युद्धाभ्यास चल रहा है। इस युद्धाभ्यास का उद्घाटन शुक्रवार शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया, साथ में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी उपस्थित रहे। इस अभ्यास में हाल ही में सफलतापूर्वक संपन्न ऑपरेशन ‘सिंदूर’ का भी उल्लेख किया गया। इससे यह संदेश मिलता है कि भारतीय वायुसेना हवा में अपनी शक्ति बनाए रखने और लंबी दूरी तक सटीक हमले करने में पूर्णत: सक्षम है।

युद्धाभ्यास के पहले दिन 18 महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए गए, जिनमें आतंकवादी कैंप, दुश्मन की हवाई पट्टी, पेट्रोलियम भंडार, रडार, बंकर, टैंकों का काफिला, संचार केंद्र, रसद केंद्र और सैन्य वाहनों का काफिला आदि शामिल थे। वायुसेना ने इन लक्ष्यों को अत्यधिक सटीकता से नष्ट किया। इस अभ्यास में भारत के बेहतरीन एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 का भी प्रदर्शन किया गया, जो कई किलोमीटर की दूरी से दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को मार गिराने की क्षमता रखता है।

इस अभ्यास के जरिए भारतीय वायुसेना ने अपनी ताकत और तैयारियों का प्रदर्शन किया है। खास बात यह है कि यह अभ्यास दिन, शाम और रात तीनों समय की परिस्थितियों में चल रहा है, जिससे वायुसेना की चौबीसों घंटे की युद्ध तत्परता का प्रदर्शन हो रहा है। इस बड़े अभ्यास में 120 से अधिक विमान शामिल हैं, जिनमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29, मिराज-2000, जगुआर जैसे लड़ाकू विमान शामिल हैं।

इसके अलावा, सी-17, सी-130 जे और सी-295 जैसे बड़े ट्रांसपोर्ट विमानों ने भी उड़ान भरी। लड़ाकू विमानों के साथ वायुसेना के अपाचे हेलिकॉप्टर, चिनूक हेलीकॉप्टर, एलसीएच, एमआई-17 जैसे हेलिकॉप्टर और आधुनिक ड्रोन भी इस अभ्यास का हिस्सा बने हैं। 'वायुशक्ति' युद्धाभ्यास में आधुनिक हथियारों का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें आकाश मिसाइल और स्पाइडर एयर डिफेंस सिस्टम का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके साथ ही शॉर्ट रेंज लोइटरिंग म्यूनिशन और एंटी-ड्रोन सिस्टम का भी प्रदर्शन हो रहा है।

वायुसेना यह दिखाने में सक्षम है कि संकट के समय भी यह मानवता की सहायता के लिए तत्पर रहती है। यह सुनिश्चित करती है कि आपदाग्रस्त क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जाए और राहत पहुंचाई जाए।

गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना को सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे प्रभावी जवाब देने वाली शक्ति के रूप में जाना जाता है। इस अभ्यास में यह भी प्रदर्शित किया जा रहा है कि वायुसेना विदेशों में संकटग्रस्त क्षेत्रों में त्वरित एयरलिफ्ट, बचाव और निकासी अभियानों को संचालित करने की क्षमता रखती है। 'वायुशक्ति–26' के माध्यम से वायुसेना देश को यह विश्वास दिला रही है कि वह हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। यह अभ्यास भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट हो रहा है, जिसके चलते नोटम भी जारी किया गया है।

Point of View

बल्कि यह दिखाता है कि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए कितनी गंभीरता से तैयार है। राष्ट्रपति मुर्मु की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि यह अभ्यास समस्त देशवासियों के लिए महत्वपूर्ण है।
NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

‘वायुशक्ति’ क्या है?
‘वायुशक्ति’ भारतीय वायुसेना का एक युद्धाभ्यास है जो विभिन्न प्रकार के सैन्य अभियानों का प्रदर्शन करता है।
इस अभ्यास में कौन से विमान शामिल हैं?
इस अभ्यास में राफेल, सुखोई-30, मिग-29, मिराज-2000 और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों का उपयोग किया जा रहा है।
यह अभ्यास कब और कहाँ हुआ?
यह अभ्यास 27 फरवरी को राजस्थान के जैसलमेर में पोखरण रेंज में आयोजित हुआ।
राष्ट्रपति मुर्मु की उपस्थिति का क्या महत्व है?
राष्ट्रपति मुर्मु की उपस्थिति इस अभ्यास की राष्ट्रीय महत्वता को दर्शाती है और यह दर्शाता है कि सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार गंभीर है।
यह अभ्यास कब तक चलेगा?
इस अभ्यास की अवधि और विशेष विवरण अभी तक साझा नहीं किया गया है।
Nation Press