4 अगस्त 2026
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सीएम सुक्खू का किन्नौर में हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का दौरा, जनवरी 2027 तक पहले चरण का लक्ष्य

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सीएम सुक्खू का किन्नौर में हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का दौरा, जनवरी 2027 तक पहले चरण का लक्ष्य

सारांश

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किन्नौर जिले में 450 मेगावाट शोंगटोंग-करछम हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने जनवरी 2027 तक पहले चरण को पूरा करने के निर्देश दिए और स्वच्छ ऊर्जा पर जोर दिया।

मुख्य बातें

450 मेगावाट का शोंगटोंग-करछम हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट जनवरी 2027 तक पहले चरण का लक्ष्य सालाना 1,579 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन की उम्मीद राज्य की अर्थव्यवस्था में 900 करोड़ रुपए का योगदान स्वच्छ ऊर्जा बुनियादी ढांचे के विकास के लिए प्रतिबद्धता

शिमला, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को किन्नौर जिले के अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान सतलुज नदी पर स्थित 450 मेगावाट शोंगटोंग-करछम हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से प्रोजेक्ट का पहला चरण जनवरी 2027 तक पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने पावरहाउस, सर्ज शाफ्ट और बैराज क्षेत्रों का निरीक्षण किया और वहां उपस्थित इंजीनियरों तथा कर्मचारियों से संवाद किया।

सुक्खू ने अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने का स्पष्ट निर्देश दिया ताकि जनवरी 2027 तक पहला चरण पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ ऊर्जा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के प्रति प्रतिबद्ध है और सतत विकास को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह प्रोजेक्ट राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता को काफी बढ़ाएगा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा और पर्यावरण के लिए अनुकूल विकास में योगदान करेगा।

उन्होंने कहा कि विभिन्न चुनौतियों के बावजूद, राज्य सरकार ने मजबूत निगरानी तंत्र और बेहतर प्रोजेक्ट योजना के माध्यम से सक्रिय हस्तक्षेप सुनिश्चित किया है। साइट पर मौजूद तकनीकी उपायों को लगातार लागू किया जा रहा है। अब तक प्रोजेक्ट का लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि बैराज, हेडरेस टनल और पावरहाउस की संरचनाएं उन्नत चरणों में हैं, जबकि इलेक्ट्रो-मैकेनिकल कार्य भी चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है।

इस प्रोजेक्ट के पूर्ण होने पर, सालाना लगभग 1,579 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन की उम्मीद है, जिससे राज्य में ऊर्जा पोर्टफोलियो और ग्रिड स्थिरता में काफी सुधार होगा। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सालाना लगभग 900 करोड़ रुपए का योगदान होने की संभावना है।

इस दौरान राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार, हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आबिद हुसैन सादिक, उपायुक्त अमित कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शोंगटोंग-करछम हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का लक्ष्य क्या है?
इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य जनवरी 2027 तक पहले चरण का पूरा करना है, जिससे राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।
इस प्रोजेक्ट से राज्य को क्या लाभ होगा?
इस प्रोजेक्ट से सालाना लगभग 1,579 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था में लगभग 900 करोड़ रुपए का योगदान होगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से निर्माण कार्य में तेजी लाने और निर्धारित समय सीमा के भीतर पहले चरण को पूरा करने का निर्देश दिया।
इस प्रोजेक्ट की प्रगति कितनी है?
अब तक प्रोजेक्ट का लगभग 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
इस प्रोजेक्ट का पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
यह प्रोजेक्ट पर्यावरण के दृष्टिकोण से सतत विकास में योगदान देगा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा।
राष्ट्र प्रेस
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