10 अगस्त 2026
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हिमाचल में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा: CM सुक्खू ने बागवानी और प्राकृतिक खेती के लिए दिए ठोस निर्देश

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हिमाचल में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा: CM सुक्खू ने बागवानी और प्राकृतिक खेती के लिए दिए ठोस निर्देश

सारांश

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खू ने बागवानी को 'अर्थव्यवस्था की रीढ़' बताते हुए रिक्त पद भरने और तकनीकी सहायता देने के निर्देश दिए। तीन वर्षों में 636 वन अधिकार दावों की मंजूरी और 2,259 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण जनजातीय नीति का ठोस संकेत है।

मुख्य बातें

CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 23 जून 2026 को शिमला में बागवानी और जनजातीय विकास विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
रसायन-मुक्त कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) उपलब्ध कराने और बागवानी विभाग के रिक्त पद भरने के निर्देश दिए गए।
मार्च 2023 से मार्च 2026 के बीच वन अधिकार अधिनियम के तहत 636 व्यक्तिगत और 20 सामुदायिक दावों को मंजूरी; 2,259.24 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित।
एचपी-शिवा परियोजना की समीक्षा; जलवायु अनुसार फलों की किस्मों में विविधीकरण पर जोर।
निचार, पांगी, भरमौर और लाहौल के एकलव्य आवासीय विद्यालयों में 1,013 विद्यार्थी ; बेहतर सुविधाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 23 जून 2026 को शिमला में जनजातीय विकास और बागवानी विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और किसानों की आय बढ़ाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है और रसायन-मुक्त कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित किया जा रहा है।

बागवानी विभाग को मिलेगा पूर्ण सहयोग

मुख्यमंत्री सुक्खू ने सोमवार देर शाम हुई इस बैठक में कहा कि बागवानी हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। बागवानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बागवानी विभाग में रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरा जाए ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।

उन्होंने एचपी-शिवा परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की और कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों के अनुसार फलों की विभिन्न किस्मों का विविधीकरण आवश्यक है। यह ऐसे समय में आया है जब सेब उत्पादकों सहित अन्य बागवान बेहतर बाज़ार मूल्य और तकनीकी समर्थन की माँग करते रहे हैं।

वन अधिकार अधिनियम के तहत 636 दावों को मंजूरी

जनजातीय विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि मार्च 2023 से मार्च 2026 के बीच वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत 636 व्यक्तिगत और 20 सामुदायिक दावों को मंजूरी दी गई है। इन दावों के निपटारे के लिए 2,259.24 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित की गई है। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेज़ी लाने के सख्त निर्देश दिए।

एकलव्य विद्यालयों में 1,013 विद्यार्थी, सुविधाएँ बेहतर करने के निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री ने निचार, पांगी, भरमौर और लाहौल में स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के कार्यों की भी समीक्षा की। वर्तमान में इन विद्यालयों में 1,013 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँ। गौरतलब है कि जनजातीय क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुँच लंबे समय से एक प्रमुख चुनौती रही है।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

इस समीक्षा बैठक में बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा, सचिव सी. पालरासू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आने वाले महीनों में इन विभागों की प्रगति की पुनः समीक्षा की जाएगी और लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की गति होगी — बागवानी विभाग में रिक्त पद वर्षों से लंबित हैं और एचपी-शिवा जैसी परियोजनाएँ अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ी हैं। वन अधिकार अधिनियम के तहत तीन वर्षों में 636 दावों की मंजूरी एक सकारात्मक कदम है, परंतु आलोचकों का कहना है कि जनजातीय क्षेत्रों में भूमि हस्तांतरण के बाद सिंचाई और बाज़ार तक पहुँच जैसी बुनियादी सुविधाएँ न मिलने से लाभ सीमित रह जाता है। प्राकृतिक खेती को MSP देना उत्साहजनक है, किंतु इसके खरीद तंत्र और भुगतान समयसीमा पर पारदर्शिता अभी भी अपेक्षित है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती को MSP कैसे मिलेगा?
हिमाचल प्रदेश सरकार रसायन-मुक्त कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) उपलब्ध करा रही है ताकि किसानों को उचित आय मिल सके। CM सुक्खू ने 23 जून 2026 की समीक्षा बैठक में इसे प्राथमिकता बताया।
एचपी-शिवा परियोजना क्या है और इसकी क्या स्थिति है?
एचपी-शिवा (HP-SHIVA) हिमाचल प्रदेश की एक बागवानी विकास परियोजना है जो फलों की किस्मों के विविधीकरण और तकनीकी उन्नयन पर केंद्रित है। CM सुक्खू ने 23 जून को इसकी प्रगति की समीक्षा की और जलवायु-अनुकूल विविधीकरण पर जोर दिया।
हिमाचल में वन अधिकार अधिनियम के तहत कितने दावे स्वीकृत हुए?
मार्च 2023 से मार्च 2026 के बीच वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत 636 व्यक्तिगत और 20 सामुदायिक दावों को मंजूरी दी गई है। इन दावों के निपटारे के लिए 2,259.24 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित की गई है।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में कितने विद्यार्थी पढ़ते हैं?
हिमाचल प्रदेश के निचार, पांगी, भरमौर और लाहौल में स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में वर्तमान में 1,013 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। CM सुक्खू ने इन विद्यालयों में बेहतर शिक्षा और सुविधाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बागवानी विभाग के रिक्त पदों पर सरकार क्या करेगी?
CM सुक्खू ने 23 जून 2026 की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि बागवानी विभाग में रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। उनका कहना था कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभाग को पूर्ण जनशक्ति और हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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