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VB-G RAM-G हिमाचल के हित में नहीं: CM सुक्खू ने MGNREGA से तुलना कर केंद्र की नई योजना को नकारा

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VB-G RAM-G हिमाचल के हित में नहीं: CM सुक्खू ने MGNREGA से तुलना कर केंद्र की नई योजना को नकारा

सारांश

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्र की VB-G RAM-G योजना को राज्य के हित में नहीं बताया — वजह: MGNREGA में केंद्र 100% देता था, नई योजना में राज्य को 10% वहन करना होगा। साथ ही ₹30 करोड़ पंचायत घरों के लिए और 310 स्वयं सहायता समूहों को ₹65.56 लाख की क्रेडिट सहायता की घोषणा।

मुख्य बातें

CM सुखविंदर सुक्खू ने 8 जुलाई 2026 को कहा कि VB-G RAM-G योजना हिमाचल प्रदेश के हित में नहीं है।
पुरानी MGNREGA योजना में केंद्र 100% राशि देता था; नई योजना में राज्य को 10% खर्च उठाना होगा।
पंचायत घरों के निर्माण के लिए राज्य सरकार ₹30 करोड़ देगी; ऊना में जिला पंचायत संसाधन केंद्र को अतिरिक्त फंड मिलेगा।
310 स्वयं सहायता समूहों को ₹65.56 लाख की क्रेडिट सहायता पहले ही दी जा चुकी है।
शिमला में 'हिमाचल हाट', पंडोह और कुल्लू में शोरूम बनाए जा रहे हैं; धर्मशाला में शोरूम पहले से चालू।
सभी प्रमुख योजनाओं को 'मुख्यमंत्री डैशबोर्ड' से जोड़ने के निर्देश दिए गए।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 8 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' — जिसे संक्षेप में VB-G RAM-G कहा जा रहा है — को राज्य में लागू करना हिमाचल के हित में नहीं है। शिमला में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने वित्तीय भार को इस निर्णय की मूल वजह बताया।

मुख्य आपत्ति: वित्तीय बोझ का बँटवारा

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि पूर्ववर्ती महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के अंतर्गत केंद्र सरकार 100 प्रतिशत राशि वहन करती थी। इसके विपरीत, नई VB-G RAM-G योजना में राज्य सरकार को कुल खर्च का 10 प्रतिशत अंशदान देना होगा। यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश पहले से ही वित्तीय दबाव में है और राज्य सरकार अपने संसाधनों को प्राथमिकता के आधार पर आवंटित करने की कोशिश कर रही है।

विभागीय सुदृढ़ीकरण पर जोर

सुक्खू ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, क्योंकि ग्रामीण इलाकों के सर्वांगीण विकास में इस विभाग की भूमिका निर्णायक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए विभाग में रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए और आने वाले समय में और भर्तियाँ की जाएंगी।

पंचायत घरों और बुनियादी ढाँचे के लिए फंड

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में निर्माणाधीन पंचायत घरों का काम पूरा करने के लिए सरकार ₹30 करोड़ उपलब्ध कराएगी। इसके अतिरिक्त, ऊना में जिला पंचायत संसाधन केंद्र को पूरा करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने के निर्देश भी दिए गए।

महिला स्वयं सहायता समूहों को बल

ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर देते हुए सुक्खू ने बताया कि 310 स्वयं सहायता समूहों को अब तक ₹65.56 लाख की क्रेडिट सहायता दी जा चुकी है। स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बेहतर बिक्री के लिए शिमला में 'हिमाचल हाट' की स्थापना की जा रही है, जबकि पंडोह और कुल्लू में भी शोरूम बनाए जा रहे हैं। धर्मशाला में इसी तरह का एक शोरूम पहले से संचालित है। इन समूहों को फूड वैन भी वितरित की गई हैं और भविष्य में और वाहन दिए जाएंगे।

डिजिटल निगरानी और आगे की राह

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज सचिव को निर्देश दिया कि विभाग की सभी प्रमुख योजनाओं को प्रभावी ऑनलाइन निगरानी के लिए 'मुख्यमंत्री डैशबोर्ड' से जोड़ा जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए ताकि पात्र लाभार्थियों तक समय पर लाभ पहुँचे। VB-G RAM-G पर हिमाचल का यह रुख केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों में एक नई बहस को जन्म दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ राजस्व आधार सीमित है। गौरतलब है कि हिमाचल जैसे राज्य पहले से ही वेतन और पेंशन के भार तले दबे हैं। सुक्खू का यह कदम विपक्षी शासित राज्यों में एक व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है जो केंद्रीय योजनाओं के 'री-ब्रांडिंग' को संदेह से देखती है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

VB-G RAM-G योजना क्या है और हिमाचल ने इसे क्यों अस्वीकार किया?
'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' केंद्र सरकार की एक नई ग्रामीण रोजगार योजना है। हिमाचल प्रदेश के CM सुक्खू ने इसे इसलिए अस्वीकार किया क्योंकि इसमें राज्य को 10% खर्च उठाना होगा, जबकि पुरानी MGNREGA में केंद्र 100% राशि देता था।
MGNREGA और VB-G RAM-G में क्या फर्क है?
MGNREGA के तहत ग्रामीण रोजगार का पूरा वित्तीय बोझ केंद्र सरकार उठाती थी। VB-G RAM-G में राज्य सरकार को कुल खर्च का 10% अपनी जेब से देना होगा, जो पहाड़ी और सीमित राजस्व वाले राज्यों के लिए अतिरिक्त वित्तीय दबाव बनाता है।
हिमाचल सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के लिए क्या किया है?
राज्य सरकार ने 310 स्वयं सहायता समूहों को ₹65.56 लाख की क्रेडिट सहायता दी है। शिमला में 'हिमाचल हाट', पंडोह और कुल्लू में शोरूम बनाए जा रहे हैं, और समूहों को फूड वैन भी वितरित की गई हैं।
पंचायत घरों के लिए हिमाचल सरकार कितना पैसा दे रही है?
CM सुक्खू ने निर्माणाधीन पंचायत घरों का काम पूरा करने के लिए ₹30 करोड़ देने की घोषणा की है। ऊना में जिला पंचायत संसाधन केंद्र के लिए अतिरिक्त फंड भी स्वीकृत किया गया है।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से योजनाओं को जोड़ने का क्या मतलब है?
CM सुक्खू ने ग्रामीण विकास विभाग की सभी प्रमुख योजनाओं को 'मुख्यमंत्री डैशबोर्ड' से जोड़ने के निर्देश दिए हैं ताकि ऑनलाइन निगरानी हो सके और योजनाओं का लाभ समय पर सही लाभार्थियों तक पहुँचे।
राष्ट्र प्रेस
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