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त्रिपुरा में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा देने का संकल्प: सीएम माणिक साहा का 69वें 'मुख्यमंत्री समीपेशु' में ऐलान

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त्रिपुरा में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा देने का संकल्प: सीएम माणिक साहा का 69वें 'मुख्यमंत्री समीपेशु' में ऐलान

सारांश

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 'मुख्यमंत्री समीपेशु' के 69वें संस्करण में राज्य के भीतर सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा का संकल्प दोहराया। जीबी अस्पताल की टेलीमेडिसिन से लेकर एम्स रेफरल तक, सरकार ने चिकित्सा पलायन रोकने की दिशा में ठोस कदमों का दावा किया।

मुख्य बातें

सीएम माणिक साहा ने 8 जुलाई 2026 को 'मुख्यमंत्री समीपेशु' के 69वें संस्करण में राज्य के भीतर सस्ती स्वास्थ्य सेवा का संकल्प दोहराया।
जीबी अस्पताल, अगरतला में टेलीमेडिसिन सेवाएं सक्रिय; गंभीर मामलों में एम्स, नई दिल्ली रेफरल की व्यवस्था।
प्राकृतिक आपदा पीड़ित परिवार को ₹3.90 लाख और रामनगर विस्फोट में मृत शुभ्रजीत चौधरी के परिवार को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
धलाई, खोवाई, उत्तरी त्रिपुरा, उनाकोटी सहित कई जिलों के नागरिकों ने चिकित्सा एवं आर्थिक मदद की माँग की।
मछली व्यापारी संघ ने आजीविका संबंधी मुद्दे उठाए; मुख्यमंत्री ने सहानुभूतिपूर्ण विचार का आश्वासन दिया।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने 8 जुलाई 2026 को अगरतला स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित 'मुख्यमंत्री समीपेशु' जन-संपर्क कार्यक्रम के 69वें संस्करण में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि त्रिपुरा के नागरिकों को राज्य से बाहर गए बिना और भारी चिकित्सा खर्च उठाए बिना बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अवसंरचना को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है और मेडिकल सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की तस्वीर

मुख्यमंत्री साहा ने कहा, "त्रिपुरा की स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव अब साफ नज़र आ रहा है। कई बीमारियाँ, जिनके लिए मरीजों को पहले दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था, उनका इलाज अब अगरतला में ही हो रहा है।" उन्होंने आगे जोड़ा कि जहाँ राज्य में उपचार उपलब्ध नहीं है, वहाँ मरीजों को एम्स, नई दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित सरकारी संस्थानों में रेफर किया जा रहा है। जीबी अस्पताल में संचालित टेलीमेडिसिन सेवाएं भी बड़ी संख्या में मरीजों को घर के करीब विशेषज्ञ परामर्श दिलाने में सहायक बन रही हैं।

साहा के पास स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का प्रभार भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का ध्यान केवल अवसंरचना विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि आर्थिक स्थिति चाहे जो भी हो, हर नागरिक को समय पर और उचित चिकित्सा सुविधा मिले।

जन-शिकायत कार्यक्रम में उमड़ी भीड़, गंभीर मामले आए सामने

खराब मौसम और हाल की प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद त्रिपुरा के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में पहुँचे। अधिकांश आवेदक गंभीर रूप से बीमार परिजनों के इलाज के लिए आर्थिक और चिकित्सा सहायता की माँग लेकर आए थे।

चिकित्सा सहायता माँगने वालों में धलाई जिले के अंबासा की रूपाली नमसुद्र (अपने बच्चे के इलाज हेतु), कैलाशहर के धनबिलास गाँव के बिकास देबबर्मा का परिवार, उत्तरी त्रिपुरा जिले के अब्दुल हुसैन (पत्नी के उपचार हेतु), खोवाई जिले के प्रबीर बर्मन (पुत्र की जटिल नेत्र बीमारी हेतु) और उनाकोटी जिले की गायत्री भट्टाचार्य (पाचन तंत्र की गंभीर बीमारी हेतु) शामिल थीं। दो अत्यंत गंभीर मामलों में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों के लिए एम्स, नई दिल्ली में विशेष उपचार की तत्काल व्यवस्था की जाए।

आपदा पीड़ितों को आर्थिक राहत

मुख्यमंत्री साहा ने कार्यक्रम के दौरान अगरतला में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले एक व्यक्ति के परिवार को ₹3.90 लाख का राहत चेक सौंपा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने रामनगर क्षेत्र में हुए एक दुखद विस्फोट में निधन पाए शुभ्रजीत चौधरी के परिवार को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की।

अन्य मुद्दे और आश्वासन

मछली व्यापारी संघ के सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री से भेंट की और अपनी आजीविका एवं व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित करने वाले विभिन्न मसलों से अवगत कराया। साहा ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनकी चिंताओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी और हर संभव सहयोग करेगी। अगरतला के कई निवासियों ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे परिजनों के लिए भी मदद माँगी, जिन पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को उचित कदम उठाने के निर्देश दिए। यह कार्यक्रम राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है जो यह सुनिश्चित करती है कि संकट की घड़ी में कोई भी नागरिक सहायता से वंचित न रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी वास्तविक कसौटी व्यक्तिगत निर्देशों से आगे जाकर संस्थागत सुधार में है। त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्य में, जहाँ भौगोलिक दुर्गमता स्वास्थ्य सेवा की सबसे बड़ी बाधा रही है, टेलीमेडिसिन और एम्स रेफरल की बात सकारात्मक है — पर यह भी देखना होगा कि ये सुविधाएं जिला और ब्लॉक स्तर तक कितनी पहुँच रही हैं। राज्य से बाहर इलाज के लिए पलायन तब तक नहीं रुकेगा जब तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और उपकरण-सज्जित अस्पतालों का नेटवर्क अगरतला से परे नहीं फैलता।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मुख्यमंत्री समीपेशु' कार्यक्रम क्या है?
'मुख्यमंत्री समीपेशु' त्रिपुरा सरकार का जन-संपर्क एवं शिकायत निवारण कार्यक्रम है, जिसमें मुख्यमंत्री स्वयं नागरिकों की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश देते हैं। 8 जुलाई 2026 को इसका 69वाँ संस्करण आयोजित हुआ।
सीएम माणिक साहा ने स्वास्थ्य सेवा के बारे में क्या कहा?
सीएम साहा ने कहा कि कई बीमारियों का इलाज अब अगरतला में ही हो रहा है और गंभीर मामलों में एम्स, नई दिल्ली रेफर किया जा रहा है। उन्होंने जीबी अस्पताल की टेलीमेडिसिन सेवाओं को भी प्रभावी बताया।
कार्यक्रम में आपदा पीड़ितों को क्या सहायता दी गई?
मुख्यमंत्री ने अगरतला में प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले एक व्यक्ति के परिवार को ₹3.90 लाख का चेक सौंपा। रामनगर विस्फोट में मृत शुभ्रजीत चौधरी के परिवार को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।
किन जिलों के नागरिक इस कार्यक्रम में शामिल हुए?
धलाई, कैलाशहर (उत्तरी त्रिपुरा), खोवाई और उनाकोटी जिलों सहित अगरतला के निवासी भी कार्यक्रम में पहुँचे। अधिकांश ने गंभीर बीमारियों के इलाज हेतु आर्थिक एवं चिकित्सा सहायता की माँग की।
त्रिपुरा में स्वास्थ्य सेवा सुधार की दिशा में क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
राज्य सरकार जीबी अस्पताल में टेलीमेडिसिन सेवाएं संचालित कर रही है और आवश्यकता पड़ने पर एम्स, नई दिल्ली में विशेष उपचार की व्यवस्था कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि नागरिकों को राज्य से बाहर जाए बिना गुणवत्तापूर्ण और सस्ती चिकित्सा सुविधा मिले।
राष्ट्र प्रेस
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