क्या त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा स्वास्थ्य सेवा में कौशल विकास और एआई के उपयोग पर जोर दे रहे हैं?

सारांश
Key Takeaways
- कौशल विकास पर जोर
- एआई का उपयोग स्वास्थ्य सेवा में
- राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं
- स्वस्थ समाज के लिए जागरूकता बढ़ाना
- तकनीक का समुचित उपयोग
अगरतला, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज के स्थापना दिवस पर स्वास्थ्य सेवा में कौशल विकास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने बुधवार को चिकित्सा क्षेत्र में कौशल विकास के महत्व पर चर्चा की और त्रिपुरा में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए डॉक्टरों को एआई अपनाने की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया।
उन्होंने त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज और डॉ. बीआरएएम टीचिंग हॉस्पिटल के 20वें स्थापना दिवस का आयोजन किया एवं विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है कि लोगों को चिकित्सा उपचार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े।
उन्होंने कहा कि रेफरल मामले अब नहीं होने चाहिए। वर्तमान में, त्रिपुरा में सभी प्रकार का इलाज उपलब्ध है, लेकिन लोग इसके बारे में जागरूक नहीं हैं और अपना सारा पैसा खर्च करके राज्य से बाहर चले जाते हैं। हमें इसके बारे में जागरूकता बढ़ानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सफल उपचार के मामलों को बढ़ावा देने और चिकित्सा परिणामों में सुधार लाने के लिए प्रौद्योगिकी, एआई और सोशल मीडिया की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमें इन सभी साधनों का उपयोग करना चाहिए। हम एक नया त्रिपुरा बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं ताकि आने वाली पीढ़ी को समस्याओं का सामना न करना पड़े।
डॉ. साहा ने पुनर्निर्मित मैदान का उद्घाटन भी किया। विभिन्न परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया और रक्तदान शिविर में भाग लिया।
इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य सचिव किरण गिट्टे, सोसाइटी फॉर त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष डॉ. प्रमोतेश रॉय, सीईओ स्वप्न साहा, प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ. अरिंदम दत्ता, चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. जयंत पोद्दार और प्रोफेसर डॉ. ए.के. चकमा सहित कई प्रसिद्ध डॉक्टर और स्वास्थ्य सेवा पेशेवर उपस्थित थे।