त्रिपुरा में माणिक साहा ने स्वास्थ्य अवसंरचना को दी नई रफ्तार, सेपाहिजाला में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल की आधारशिला
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने 26 जून 2025 को सेपाहिजाला जिले में 100 बिस्तरों वाले सेपाहिजाला जिला अस्पताल की नई इमारत की आधारशिला रखी और लालसिंहमुरा प्राइमरी हेल्थ सेंटर में 24/7 इमरजेंसी एवं इनडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (IPD) सेवाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक-आर्थिक प्रगति का लाभ पहुँचे।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री साहा ने सेपाहिजाला जिले में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ-साथ जिले के विभिन्न हिस्सों में लागू कई विकास परियोजनाओं का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार नागरिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए निरंतर कल्याणकारी पहल लागू कर रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार
साहा ने बताया कि बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ सुनिश्चित करने के लिए गोविंद बल्लभ पंत (GBP) अस्पताल में बिस्तरों की संख्या 727 से बढ़ाकर 1,413 कर दी गई है। इसी क्रम में गोमती जिला अस्पताल की बिस्तर क्षमता भी दोगुनी की जा चुकी है। अंबासा में एक कार्डियक केयर यूनिट स्थापित की गई है, जिससे दूरदराज के निवासियों को विशेषज्ञ हृदय उपचार अब घर के निकट उपलब्ध हो सकेगा।
राज्य में टेलीमेडिसिन सेवाएँ भी शुरू की गई हैं, जो ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों के लोगों को डिजिटल माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श देती हैं। इसके अतिरिक्त, समय पर आपातकालीन उपचार सुनिश्चित करने के लिए राज्य के सभी जिलों में ट्रॉमा केयर सेंटर स्थापित किए गए हैं।
सरकारी योजनाओं का लाभ
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के अंतर्गत राज्य में लगभग ₹300 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभार्थियों ने ₹41.74 करोड़ की चिकित्सा सेवाओं का उपयोग किया है। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि अगरतला में ILS हॉस्पिटल के समीप 100 बिस्तरों वाला नेत्र अस्पताल निर्माणाधीन है। विशेषज्ञता-आधारित स्वास्थ्य शिक्षा के विस्तार के लिए होम्योपैथी और आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।
आर्थिक उपलब्धियाँ और राष्ट्रीय मान्यता
साहा ने बताया कि सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) और प्रति व्यक्ति आय के मामले में त्रिपुरा अभी पूर्वोत्तर राज्यों में दूसरे स्थान पर है। नीति आयोग ने विकास संकेतकों और सुशासन पहलों में राज्य के प्रदर्शन को देखते हुए त्रिपुरा को 'फ्रंट रनर' राज्य का दर्जा दिया है। यह मान्यता ऐसे समय में आई है जब पूर्वोत्तर के कई राज्य बुनियादी ढाँचे की कमियों से जूझ रहे हैं।
आगे की राह
मुख्यमंत्री साहा ने स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार, कनेक्टिविटी सुधार, रोज़गार सृजन और जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार के ज़रिये संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह भी संकेत दिया कि हेल्थकेयर, शिक्षा, पर्यटन और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में हुई प्रगति के चलते देशभर के निवेशक त्रिपुरा में निवेश में रुचि दिखा रहे हैं।