10 अगस्त 2026
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मोहसिन रेजाई एसएनएससी में खामेनेई के प्रतिनिधि नियुक्त, ईरान-इराक युद्ध के दिग्गज कमांडर को मिली नई जिम्मेदारी

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मोहसिन रेजाई एसएनएससी में खामेनेई के प्रतिनिधि नियुक्त, ईरान-इराक युद्ध के दिग्गज कमांडर को मिली नई जिम्मेदारी

सारांश

ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने पूर्व आईआरजीसी प्रमुख और ईरान-इराक युद्ध के दिग्गज कमांडर मोहसिन रेजाई को एसएनएससी में अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया है। 1981 से 1997 तक आईआरजीसी का नेतृत्व कर चुके रेजाई की यह नियुक्ति ईरान की शीर्ष सुरक्षा संस्था में एक अनुभवी सैन्य चेहरे की वापसी है।

मुख्य बातें

सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई ने 9 अगस्त को आधिकारिक आदेश जारी कर मोहसिन रेजाई को एसएनएससी में अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया।
रेजाई 1981 से 1997 तक — 16 वर्षों तक — आईआरजीसी के कमांडर-इन-चीफ रहे।
वे 1980 के दशक के ईरान-इराक युद्ध ('पवित्र रक्षा') के अग्रणी कमांडरों में से एक हैं।
वर्तमान में रेजाई एक्सपीडिएंसी डिसर्नमेंट काउंसिल के सदस्य और सुप्रीम काउंसिल फॉर इकोनॉमिक कोऑर्डिनेशन के सचिव भी हैं।
पूर्व प्रतिनिधि मोहम्मद बागेर जोलघाद्र की जगह रेजाई ने यह पद संभाला; खामेनेई ने जोलघाद्र की सेवाओं की सराहना की।
एसएनएससी की औपचारिक अध्यक्षता राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान करते हैं।

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई ने पूर्व इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) कमांडर डॉ. मोहसिन रेजाई को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (एसएनएससी) में अपना आधिकारिक प्रतिनिधि नियुक्त किया है। 9 अगस्त को जारी इस आधिकारिक आदेश में खामेनेई ने रेजाई के दशकों के सैन्य और प्रशासनिक अनुभव को इस नियुक्ति का आधार बताया। यह कदम ईरान की शीर्ष सुरक्षा परिषद में एक अनुभवी सैन्य व्यक्तित्व की वापसी का संकेत देता है।

नियुक्ति का आधिकारिक आदेश

सुप्रीम लीडर खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'डॉ. मोहसिन रेजाई, आपके बहुमूल्य अनुभव को ध्यान में रखते हुए, मैं आपको सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में अपना प्रतिनिधि नियुक्त करता हूँ। जो आठ वर्ष तक चले गौरवशाली 'पवित्र रक्षा' के शुरुआती कमांडरों में से एक रहे हैं।' उन्होंने यह भी लिखा, 'मुझे उम्मीद है कि आप इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को निभाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल करेंगे और अपने कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करेंगे।'

आधिकारिक आदेश में खामेनेई ने यह भी कहा, 'इमाम महदी की कृपा से आप हमेशा ईरान की गौरवशाली जनता के समर्पित सेवक बने रहें।' इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी की रिपोर्टों के अनुसार, यह आदेश रविवार को जारी किया गया।

मोहसिन रेजाई: एक परिचय

मोहसिन रेजाई 1981 से 1997 तक — यानी लगातार 16 वर्षों तक — आईआरजीसी के कमांडर-इन-चीफ रहे। इस दौरान उन्होंने 1980 के दशक के ईरान-इराक युद्ध में, जिसे ईरान में 'पवित्र रक्षा' कहा जाता है, अग्रणी भूमिका निभाई। यह युद्ध आठ वर्षों तक चला और ईरानी इतिहास में एक निर्णायक अध्याय माना जाता है।

वर्तमान में रेजाई एक्सपीडिएंसी डिसर्नमेंट काउंसिल के सदस्य और सुप्रीम काउंसिल फॉर इकोनॉमिक कोऑर्डिनेशन के सचिव के रूप में भी कार्यरत हैं। एसएनएससी में यह नई जिम्मेदारी उनकी पहले से व्यापक भूमिकाओं में एक और महत्वपूर्ण जोड़ है।

पूर्ववर्ती की विदाई

आधिकारिक आदेश में सुप्रीम लीडर ने इस पद पर पहले कार्य कर चुके मोहम्मद बागेर जोलघाद्र के योगदान की भी सराहना की। खामेनेई ने उनकी निरंतर मेहनत और सेवाओं के लिए आभार व्यक्त किया। रिपोर्टों के अनुसार, जोलघाद्र के स्थान पर रेजाई की नियुक्ति एक सुनियोजित संक्रमण का हिस्सा प्रतीत होती है।

एसएनएससी की भूमिका और महत्व

सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (एसएनएससी) ईरान की सर्वोच्च सुरक्षा और विदेश नीति निर्माण संस्था है। इसकी औपचारिक अध्यक्षता राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान करते हैं। परिषद में सेना, खुफिया एजेंसियों और सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं — जो वास्तविक नीतिगत दिशा में खामेनेई की प्रत्यक्ष उपस्थिति सुनिश्चित करते हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब ईरान कई मोर्चों पर — परमाणु वार्ता, क्षेत्रीय तनाव और आर्थिक दबाव — जटिल चुनौतियों का सामना कर रहा है। रेजाई जैसे अनुभवी सैन्य व्यक्तित्व की एसएनएससी में नियुक्ति, ईरानी नेतृत्व की रणनीतिक प्राथमिकताओं का संकेत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक कट्टर सैन्य पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को शीर्ष सुरक्षा परिषद में भेजना, कूटनीतिक लचीलेपन की जगह रणनीतिक दृढ़ता को प्राथमिकता देने का इशारा हो सकता है। गौरतलब है कि रेजाई पहले से ही एक्सपीडिएंसी काउंसिल और आर्थिक समन्वय परिषद में हैं — इतनी केंद्रीकृत भूमिकाएँ एक व्यक्ति के हाथ में होना, ईरानी सत्ता संरचना में शक्ति-संकेंद्रण की प्रवृत्ति को रेखांकित करता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहसिन रेजाई को एसएनएससी में क्यों नियुक्त किया गया?
सुप्रीम लीडर खामेनेई ने रेजाई के 'बहुमूल्य अनुभवों' और ईरान-इराक युद्ध में उनकी अग्रणी भूमिका को नियुक्ति का आधार बताया। रेजाई 1981 से 1997 तक आईआरजीसी के कमांडर-इन-चीफ रह चुके हैं।
सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (एसएनएससी) क्या है?
एसएनएससी ईरान की सर्वोच्च सुरक्षा और विदेश नीति निर्माण संस्था है, जिसकी औपचारिक अध्यक्षता राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान करते हैं। इसमें सेना, खुफिया एजेंसियों, सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
मोहसिन रेजाई इससे पहले किन पदों पर रहे हैं?
रेजाई 1981 से 1997 तक आईआरजीसी के कमांडर-इन-चीफ रहे। वर्तमान में वे एक्सपीडिएंसी डिसर्नमेंट काउंसिल के सदस्य और सुप्रीम काउंसिल फॉर इकोनॉमिक कोऑर्डिनेशन के सचिव भी हैं।
एसएनएससी में रेजाई से पहले कौन थे?
रेजाई से पहले मोहम्मद बागेर जोलघाद्र एसएनएससी में सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत थे। खामेनेई ने आधिकारिक आदेश में जोलघाद्र की सेवाओं और मेहनत की सराहना की।
ईरान-इराक युद्ध को 'पवित्र रक्षा' क्यों कहा जाता है?
1980 से 1988 तक चले ईरान-इराक युद्ध को ईरान में 'पवित्र रक्षा' (Sacred Defense) कहा जाता है। यह ईरानी इतिहास और इस्लामी क्रांति की विचारधारा में एक केंद्रीय राष्ट्रीय स्मृति है, जिसमें आईआरजीसी की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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